• Latest
  • Trending
  • All
पीरियड लीव पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कहा- अनिवार्य छुट्टी से महिलाओं की नौकरी पर पड़ सकता है असर

पीरियड लीव पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कहा- अनिवार्य छुट्टी से महिलाओं की नौकरी पर पड़ सकता है असर

March 13, 2026
Summer Hair Care Tips

Summer Hair Care Tips: इस गर्मी बाल झड़ना कैसे रोकें? जानिए 5 असरदार घरेलू उपाय

April 15, 2026
MS Dhoni की वापसी तय? CSK vs SRH मैच में खेल सकते हैं, कोच Stephen Fleming का बड़ा बयान

MS Dhoni की वापसी तय? CSK vs SRH मैच में खेल सकते हैं, कोच Stephen Fleming का बड़ा बयान

April 15, 2026
MI vs PBKS

MI vs PBKS मैच प्रेडिक्शन IPL 2026: पिच रिपोर्ट, मैच का शेड्यूल, प्लेइंग 11 और अधिक

April 15, 2026
रणवीर सिंह

जब रणवीर सिंह थे शर्मीले… सोनाली राउत ने खोला पुराना राज, आज हैं बॉक्स ऑफिस के बादशाह

April 15, 2026
Classic Suzuki Jimny बना माइक्रो पिकअप ट्रक Indonesia

Classic Suzuki Jimny बना माइक्रो पिकअप ट्रक Indonesia से वायरल इस यूनिक 4×4 की पूरी कहानी

April 15, 2026
Soyabean Imports

Soyabean Imports : देश में सोयाबीन उत्पादन घटने से आयात में आया उछाल, किसानों और बाज़ार पर बड़ा असर

April 15, 2026
फुकेट बीच वायरल सेक्स वीडियो

फुकेट बीच वायरल सेक्स वीडियो: विदेशी कपल ने की हदें पार… मेक आउट वीडियो हुआ वायरल..मिली सजा और सबक!!

April 15, 2026
Aloe Vera Juice

Aloe Vera Juice: चाय की चुस्की छोड़ सुबह खाली पेट पीयेंगे ये जूस तो दिनभर रहेंगे चुस्त-दुरुस्त, जानें इसके फायदे?

April 15, 2026
रणवीर सिंह

रणवीर सिंह का वो दौर जब वो शरमाते थे… सोनाली राउत ने सुनाई दिलचस्प कहानी

April 15, 2026
Pithoragarh Case: 14 साल की लड़की बनी मां, नाबालिग पति पर POCSO केस—बाल विवाह की सच्चाई फिर आई सामने

Pithoragarh Case: 14 साल की लड़की बनी मां, नाबालिग पति पर POCSO केस—बाल विवाह की सच्चाई फिर आई सामने

April 15, 2026
Amravati Mobile Video Download Scandal

अमरावती वायरल MMS वीडियो: Mohammad Ayaz Alias Tanveer ने किया 180 नाबालिग लड़कियों का शोषण, 350 अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

April 15, 2026
Vivo T5 Pro 5G

भारत में Vivo T5 Pro 5G लॉन्च: 9020mAh बैटरी, Snapdragon 7s Gen 4 और 144Hz डिस्प्ले

April 15, 2026
Wednesday, April 15, 2026
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
  • होम
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • टैकनोलजी
      • गैजेट
      • गेमिंग
    • स्पोर्ट्स
    • जॉब वेकेन्सीस
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • अन्‍य
      • धार्मिक
      • हैल्‍थ
  • एग्रीकल्चर
  • आईपीएल 2026
  • बिज़नेस
    • सोने और चांदी के भाव
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • वायरल वीडियो
    • ट्रेंडिंग
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश
No Result
View All Result
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
No Result
View All Result
Home Lifestyle Health

पीरियड लीव पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कहा- अनिवार्य छुट्टी से महिलाओं की नौकरी पर पड़ सकता है असर

Menstrual Leave पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, कहा- कानून बना तो महिलाओं की भर्ती घट सकती है

Raj Chouhan Rb by Raj Chouhan Rb
March 13, 2026
in Health
पीरियड लीव महिलाओं के अधिकार और सुप्रीम कोर्ट के फैसले
359
VIEWS
whatsappShare on FacebookShare on Twitter

देशभर में महिलाओं के लिए हर महीने पीरियड लीव (Menstrual Leave) को अनिवार्य करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर इसे कानून बनाकर अनिवार्य कर दिया गया तो इसका उल्टा असर महिलाओं की नौकरी और करियर पर पड़ सकता है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी जिसमें मांग की गई थी कि देश के सभी कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी दी जाए। लेकिन अदालत ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह सरकार की नीति का विषय है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों जताई चिंता ?

Supreme Court ruling on period leave

RelatedPosts

Aloe Vera Juice

Aloe Vera Juice: चाय की चुस्की छोड़ सुबह खाली पेट पीयेंगे ये जूस तो दिनभर रहेंगे चुस्त-दुरुस्त, जानें इसके फायदे?

April 15, 2026
Cinnamon Tea

Cinnamon Tea : डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए किसी औषधीय जड़ी-बूटी से कम नहीं है दालचीनी, जानें इसके फ़ायदे

April 14, 2026
Moringa Benefits

Moringa Benefits : गर्मियों में सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है मोरिंगा, जानें इसे खाने के फ़ायदे

April 13, 2026
Health Tips

Health Tips: चिलचिलाती गर्मी में अमृत समान है सौंफ-धनिया का ये मिश्रण, शरीर को मिलेगी ठंडक

April 13, 2026

इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच कर रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर हर महीने पीरियड लीव को कानून बनाकर अनिवार्य कर दिया गया, तो कई नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से हिचक सकते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि इससे कार्यस्थलों पर एक ऐसा माहौल बन सकता है जिसमें महिलाओं को कम सक्षम या कमजोर समझा जाने लगे। न्यायाधीशों के मुताबिक, ऐसी व्यवस्था अनजाने में महिलाओं के रोजगार के अवसरों को नुकसान पहुंचा सकती है।

सीजेआई ने साफ शब्दों में कहा कि अगर कानून में अनिवार्य छुट्टी का प्रावधान कर दिया गया तो कई संस्थान यह सोच सकते हैं कि महिलाओं को नियुक्त करने से अतिरिक्त जिम्मेदारियां बढ़ जाएंगी।

पीरियड लीव याचिका में क्या मांग की गई थी?

Supreme Court decision on period leave

यह याचिका वकील शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने दायर की थी। इसमें मांग की गई थी कि केंद्र और राज्य सरकारें ऐसी नीति बनाएँ जिससे महिलाओं और छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी मिल सके। याचिका में यह भी कहा गया था कि कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे:

  • तेज मासिक धर्म दर्द

  • एंडोमेट्रियोसिस

  • यूटेराइन फाइब्रॉइड

  • एडेनोमायोसिस

  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज

इन स्थितियों में कई महिलाओं के लिए काम करना या पढ़ाई करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसलिए याचिकाकर्ता का तर्क था कि उन्हें विशेष छुट्टी या अन्य सहायता दी जानी चाहिए।

कोर्ट ने क्या समाधान सुझाया?

सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका खारिज जरूर कर दी, लेकिन साथ ही केंद्र सरकार को यह सुझाव दिया कि वह इस मुद्दे पर विचार कर सकती है। अदालत ने कहा कि सरकार चाहे तो विभिन्न पक्षों से चर्चा करके इस विषय पर कोई नीति बना सकती है।  कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कंपनियां या संस्थान अपनी इच्छा से ऐसी छुट्टी देना चाहें तो यह अच्छी पहल है, लेकिन इसे कानून के जरिए अनिवार्य बनाना सही नहीं होगा।

कुछ राज्यों और कंपनियों में पहले से है पीरियड लीव

  • ओडिशा में 1992 से पीरियड लीव नीति लागू है

  • केरल के कुछ विश्वविद्यालयों में छात्राओं को राहत दी जाती है

  • कई निजी कंपनियां भी स्वेच्छा से ऐसी छुट्टी देती हैं

कोर्ट ने कहा कि अगर संस्थान स्वेच्छा से यह सुविधा देते हैं तो यह स्वागत योग्य कदम है।

कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा का सवाल है, तो दूसरी तरफ रोजगार के अवसरों पर भी ध्यान देना होगा। अदालत का मानना है कि अगर बिना व्यापक चर्चा के ऐसा कानून बना दिया गया, तो इससे महिलाओं को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है।

Also Read – Menstrual Hygiene Day: Periods के दौरान साफ-सफाई रखना जरुरी, हो सकता बीमारियों का खतरा!!

Recent Posts

  • Summer Hair Care Tips: इस गर्मी बाल झड़ना कैसे रोकें? जानिए 5 असरदार घरेलू उपाय
  • MS Dhoni की वापसी तय? CSK vs SRH मैच में खेल सकते हैं, कोच Stephen Fleming का बड़ा बयान
  • MI vs PBKS मैच प्रेडिक्शन IPL 2026: पिच रिपोर्ट, मैच का शेड्यूल, प्लेइंग 11 और अधिक
  • जब रणवीर सिंह थे शर्मीले… सोनाली राउत ने खोला पुराना राज, आज हैं बॉक्स ऑफिस के बादशाह
  • Classic Suzuki Jimny बना माइक्रो पिकअप ट्रक Indonesia से वायरल इस यूनिक 4×4 की पूरी कहानी

StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech

Copyright © 2026 stackumbrella.

Navigate Site

  • About Us
  • Contact Us
  • RSS Feeds
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • टैकनोलजी
      • गैजेट
      • गेमिंग
    • स्पोर्ट्स
    • जॉब वेकेन्सीस
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • अन्‍य
      • धार्मिक
      • हैल्‍थ
  • एग्रीकल्चर
  • आईपीएल 2026
  • बिज़नेस
    • सोने और चांदी के भाव
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • वायरल वीडियो
    • ट्रेंडिंग
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश

Copyright © 2026 stackumbrella.