Hairloss Problem: आज के दौर में बालों का झड़ना एक आम समस्या बनती जा रही है। बच्चों में भी समस्या देख जा रही है। बालों का तेज़ी से झड़ना कई लोगों के लिए एक परेशान का सबब बनता जा रहा है। कई तरह के तेल और शैम्पू इस्तेमाल करने के बाद भी बालों का टूटना अक्सर जारी रहता है।

चाहे पुरुष हों या महिलाएँ, हर कोई बालों के झड़ने और गंजेपन के खतरे से परेशान है। बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण पोषक तत्वों की कमी है। जब शरीर में कुछ खास विटामिनों की कमी हो जाती है तो बाल बहुत तेज़ी से झड़ने लगते हैं। इस तरह बालों का झड़ना सामान्य रूप से झड़ने वाले बालों से कहीं ज़्यादा गंभीर होता है। आइये जानते हैं कि किस विटामिन की कमी मुख्य रूप से बालों के बहुत ज़्यादा झड़ने के लिए ज़िम्मेदार है और इसके लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।

 

विटामिन B7

बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण शरीर में विटामिन B7 की कमी है, जिसे बायोटिन भी कहते हैं। विटामिन B7 (बायोटिन) बालों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज़रूरी है। यह बालों की लंबाई और मज़बूती बढ़ाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए अपने खाने में बायोटिन से भरपूर चीज़ें शामिल करें।

आपको अंडे, सूखे मेवे, बीज और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन बढ़ाना चाहिए। आप बायोटिन सप्लीमेंट लेने के बारे में भी सोच सकते हैं, बेहतर होगा कि किसी हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेने के बाद ही ऐसा करें।

Hairloss Problem
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विटामिन D

विटामिन D बालों की जड़ों (फॉलिकल्स) को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। रिसर्च से पता चलता है कि विटामिन D की कमी से बाल झड़ सकते हैं। विटामिन D का स्तर कम होने से बालों का बढ़ना रुक जाता है, जिससे बाल कमज़ोर और पतले हो जाते हैं।

बालों को फिर से स्वस्थ बनाने के लिए विटामिन D से भरपूर चीज़ें खाएँ, जैसे कि फैटी मछली, अंडे और फोर्टिफाइड डेयरी उत्पाद। इसके अलावा, सुबह की धूप में भी कुछ देर रहें। अगर कमी बहुत ज़्यादा है तो आप डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D सप्लीमेंट ले सकते हैं।

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बालों के झड़ने के अन्य कारण

बालों के झड़ने के कुछ और भी कारण हो सकते हैं। महिलाओं में, हार्मोनल असंतुलन, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या थायरॉइड से जुड़ी बीमारियाँ भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा, तनाव, चिंता या भावनाओं में उतार-चढ़ाव का असर भी बालों पर पड़ सकता है। इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ज़रूरी है। इसके अतिरिक्त, एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ, संतुलित आहार लें और नियमित रूप से व्यायाम तथा ध्यान करें।