मध्य प्रदेश स्टार्टअप: मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट में हाल ही में कई युवाओं को स्टार्टअप आईडियाज के साथ आगे आने का मौका मिला। इसी क्रम में भोपाल के कुछ युवाओं ने यह साबित कर दिया कि बड़ा बिजनेस बड़ी फैक्ट्री या भारी पूंजी से नहीं आता बल्कि सोच और देसी इनोवेशन से भी आता है। इन युवाओं ने रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली साधारण सी लौंग को एक ऐसा रूप दिया कि जिसने न केवल बाजार का ध्यान खींचा बल्कि CM मोहन यादव भी उनके मुरीद हो गए।
यह इनोवेशन किया भोपाल के MBA छात्र अभिषेक और उनके मित्र तनिष्क ने, इन्होंने पान के स्वाद वाली कोटेड लौंग तैयार की। यह लौंग स्वाद में पान खाने का अहसास देती है परंतु गुण इसमें लौंग के मिलते हैं। बल्कि इसकी खासियत यह है कि तंबाकू और हानिकारक चीजों के शौकीन लोगों के लिए एक स्वास्थ्यकारी विकल्प है। छात्रों के इस इनोवेटिव आइडिया को जब मुख्यमंत्री ने देखा तो उन्होंने न केवल इस लौंग की तारीफ की बल्कि युवाओं के इस आईडिया को प्रेरणादायक मॉडल भी बताया।
क्या है यह कोटेड लौंग और आइडिया की शुरुआत कहां से हुई?
यह कोटेड लौंग एक प्रकार की प्रोसेस्ड लौंग है जिस पर खास तरह की प्राकृतिक कोटिंग की जा रही है। MBA छात्र अभिषेक ने जब देखा की मार्केट में कई प्रकार के माउथ फ्रेशनर मौजूद हैं परंतु कोई भी माउथ फ्रेशनर लौंग से नहीं बना है। हालांकि लौंग ओरल हाइजीन के लिए सबसे हेल्दी विकल्प माना जाता है। ऐसे में उन्होंने लौंग का माउथ फ्रेशनर बनाने का निर्णय किया। लौंग पर कोटिंग के लिए उन्होंने पान के फ्लेवर को चुना। इसके लिए पहले लौंग को साफ किया जाता है, प्राकृतिक फ्लेवर की कोटिंग की जाती है, सही मात्रा में मिठास और खुशबू मिलाई जाती है और सुखाकर पाउच में पैक किया जाता है। अभिषेक का कहना है कि इसमें केमिकल की जगह नेचुरल इनग्रेडिएंट्स का पूरा ध्यान रखा गया है। बात करें इस आईडिया की तो MBA के छात्र अभिषेक ने बताया कि उन्होंने देखा कि आज बड़ी संख्या में लोग पान खाते हैं, कई लोग तो तंबाकू और नशे वाली सामग्री के भी शौकीन हैं। ऐसे में उन्होंने विचार किया कि ऐसा कोई विकल्प बनाया जाए जो हेल्दी हो। यहीं से उन्हें कोटेड लौंग का आइडिया आया क्योंकि आयुर्वेद में लौंग पहले से ही औषधि मानी जाती है। इसीलिए उन्होंने कोटेड लौंग का स्टार्टअप चुना।
स्टार्टअप के लिए अभिषेक की स्ट्रगल
पान वाले कोटेड लौंग बनाने के लिए अभिषेक और उनके दोस्त तनिष्क गुप्ता ने काफी सारी स्ट्रगल की। इस काम को करने के लिए काफी सारे पैसों की जरूरत थी। इस बारे में वे घर वालों को भी नहीं बता सकते थे क्योंकि घर वाले उन्हें पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए कहते। इसलिए उन्होंने स्कॉलरशिप से मिलने वाली 25,000 की राशि को स्टार्टअप बिजनेस में डाल दिया और इसी रकम से तैयार किए कोटेड लौंग के 10000 पाउच। इस काम के लिए रिसर्च और मार्केटिंग सब कुछ अभिषेक और तनिष्क ने ही की। दोनों की मेहनत को काफी अच्छा रिस्पांस भी मिला और 1 हफ्ते में ही 10,000 पाउच बिक गए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की तारीफ!!
मध्य प्रदेश स्टार्टअप सबमिट के दौरान जब मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने यह पान के स्वाद वाला लौंग पेश किया गया तो वह काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि एक लौंग में पान का स्वाद आ गया। उन्होंने इस इनोवेशन को साधारण सी चीज, असाधारण सोच का उदाहरण बताया। साथ ही यह भी वादा किया है कि वह छात्रों को आगे बढ़ने और बिजनेस को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए पूरी मदद करेंगे। आने वाले समय में अभिषेक और तनिष्क यह स्टार्टअप शायद और तरक्की करेगा, क्योंकि अब यह स्टार्टअप टीम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और दूसरे शहरों में भी इसे लांच करने की योजना बना रही है।
मध्य प्रदेश स्टार्टड सबमिट के दौरान केवल इस पान वाले लौंग को ही नहीं बल्कि अन्य स्टार्टअप आईडियाज को भी प्रोत्साहित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान 156 से अधिक स्टार्टअप्स को कल 2.5 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि और 21 स्टार्टअप्स को 8.7 करोड़ से अधिक का ऋण प्रदान किया गया। आने वाले समय में मध्य प्रदेश को स्टार्टअप फ्रेंडली राज्य बनाने के लिए विभिन्न नीतियों को लागू करने पर भी निर्णय लिया गया ताकि युवा छात्र नए-नए इन्नोवेशंस करें और आत्मनिर्भर बन सकें।












