AI फिल्मों पर OSCAR के नए नियम आज दुनिया भर की फ़िल्म इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बने हुए हैं…क्योंकि एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट एंड साइंस ने OSCAR AWARDS में AI एक्टिंग और स्क्रिप्ट को बैन कर दिया है।
तेजी से बदलती दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने हर क्षेत्र में कब्जा कर लिया है। फिर चाहे कंटेंट लिखना हो, म्यूजिक बनाना हो या फिल्मों में एक्टिंग करना… सब कुछ AI की मदद से हो रहा है।
लेकिन इस पूरे मामले में जो चीज छूटती जा रही है वह है इंसानी टच, इमोशनल एलिमेंट और इसी बात को ध्यान में रखते हुए एकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट एंड साइंस ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है।
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जी हां, नए नियमों के अंतर्गत एकेडमी आर्गेनाइजेशन ने साफ कर दिया है कि AI से बने एक्टिंग और AI द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट को अब ऑस्कर अवार्ड के योग्य नहीं माना जाएगा। चाहे तकनीक कितनी भी एडवांस क्यों ना हो, असली पहचान और सम्मान इंसानी क्रिएटिविटी को ही मिलेगा।
यह फैसला उस समय सामने आया है जब फिल्मों में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। बड़े-बड़े फिल्म मेकर्स फिल्मों में AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इस फैसले ने हर जगह अफरा-तफरी मचा दी है।
क्या है AI फिल्मों पर OSCAR के नए नियम?
एकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट एंड साइंस ने ऑस्कर अवार्ड संचालन में कुछ महत्वपूर्ण नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों में स्पष्ट कर दिया गया है कि अब किसी भी फिल्म को ऑस्कर नॉमिनेशन तभी दिया जाएगा जब उस फिल्म में एक्टिंग और स्क्रीनप्ले इंसानों द्वारा किया गया हो।
मतलब यदि कोई भी फिल्म पूरी तरह से AI एक्टर्स या AI जेनरेटेड स्क्रिप्ट पर आधारित है तो उसे अवार्ड के लिए नहीं चुना जाएगा।
क्या AI पर लग गया पूरी तरह से बैन?
जैसे ही AI फिल्मों पर OSCAR के नए नियम वाली खबर सामने आई, फिल्म इंडस्ट्री में सन्नाटा छा गया। ऐसे में अब हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या अकादमी ने AI को पूरी तरह से बैन कर दिया है?
इसका जवाब है, नहीं.. Academy ने फिल्म निर्माण में AI को असिस्टेंट टूल के रूप में इस्तेमाल करने पर कोई रोक नहीं लगाई है। मतलब एडिटिंग, विजुअल इफेक्ट, बैकग्राउंड प्रोसेसिंग इत्यादि AI की मदद से किया जा सकता है।
लेकिन क्रिएटिव कंट्रोल इंसान के हाथ में होना जरूरी है। खासकर एकेडमी अब उन्ही फिल्मों को ऑस्कर नॉमिनेशंस के लिए चुनेगी जिसमें इंसान द्वारा क्रिएटिव निर्णय लिए गए हो और जिसमें फाइनल क्रिएटिविटी इंसान की हो।
क्यों लिया है ऑस्कर एकेडमी ने यह फैसला?
AI फिल्म पर ऑस्कर के नए नियम इसीलिए लागू कर दिए गए हैं क्योंकि AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। फिल्म इंडस्ट्री में क्रिएटिविटी को नुकसान पहुंच रहा है।
क्योंकि वे कलाकार और राइटर जो बिना AI की मदद की लिख रहे हैं उनके काम को अब सराहना नहीं मिल रही। बल्कि उनकी मेहनत को AI नुकसान पहुंचा रहा है।
इसी वजह से अकादमी ने कदम उठाया है कि इंसानी कलाकारों और लेखकों की पहचान बनी रहे, क्रिएटिविटी फिल्मों की भावनाओं का आधार बना रहे और फिल्मों में AI के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल को नियंत्रित किया जा सके।
इस निर्णय का इंडस्ट्री पर क्या असर होगा?
ऑस्कर एकेडमी द्वारा लिए गया यह निर्णय केवल हॉलीवुड नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल के सभी फिल्म मेकर्स पर असर डालेगा। फिल्म मेकर्स अब AI का इस्तेमाल सोच समझकर करेंगे, स्क्रिप्ट राइटर और एक्टर्स की डिमांड बनी रहेगी, लोग AI से ज्यादा अब हुमन टच पर जोर देंगे।
AI भले ही भविष्य है, लेकिन अकादमी अवार्ड ने साफ कर दिया है कि इंसानी कला सबसे महत्वपूर्ण है। क्योंकि AI भले ही कितना भी बेहतरीन काम कर ले लेकिन वह किसी इंसान की इमोशनल कोषएंट और भावनाओं को नहीं समझ सकता। और ल, फिल्में इंसान की भावनाएं दिखाती हैं, समाज तक सही मैसेज पहुंचाती हैं। इसीलिए AI फिल्मों पर OSCAR के नए नियम स्पष्ट संदेश हैं कि टेक्नोलॉजी कितनी भी आगे बढ़ जाए, इंसानी क्रिएटिविटी ही फिल्मों की असली आत्मा है।
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