आयुर्वेद गुरुकुलम कोर्स: डॉक्टर बनने का सपना कई सारे छात्रों के दिल में पलता है मगर सपने को पूरा करने का प्रयास कुछ गिने चुने छात्र ही करते हैं। हकीकत में डॉक्टर बनने का सपना देखना और इसे पूरे करने के बीच में एक बहुत बड़ी खाई होती है क्योंकि इस बीच कई पड़ाव पार करने होते हैं। 12वीं तक साइंस पढ़ना फिर NEET जैसी कठिन परीक्षा से गुजरना, ऐसे में अंतिम लक्ष्य तक कुछ गिने चुने छात्र ही पहुंच पाते हैं और बाकी लोग बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। खासकर वे छात्र जो संस्कृत गुरुकुल या पारंपरिक शिक्षा पद्धति से पढ़ाई करते थे वह अब तक मेडिकल फील्ड में प्रवेश के बारे में सोच भी नहीं सकते थे परंतु अब यह तस्वीर बदलती जा रही है।
भारत में अब ऐसा रास्ता खोला जा रहा है जहां 10 वीं के बाद छात्र सीधे आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने का कोर्स कर सकते हैं वह भी बिना NEET UG दिए। जी हां, यह नई व्यवस्था Ayurveda Gurukulam / Ayurveda Integrated BAMS Course के नाम से शुरू की गई है जिसका उद्देश्य है देश में आयुर्वेदिक शिक्षा को मजबूत करना और ज्यादा से ज्यादा छात्रों को आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए प्रोत्साहित करना।
क्या है इस आयुर्वेद गुरुकुलम कोर्स की खासियत ?
आयुर्वेद गुरुकुलम जिसे प्री आयुर्वेद इंटीग्रेटेड BAMS कोर्स के नाम से भी जाना जा रहा है इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें 10वीं के बाद ही मेडिकल शिक्षा की शुरुआत हो जाती है। छात्रों को पहले प्री आयुर्वेद पढ़ाया जाता है उसके बाद BAMS की डिग्री पूरी करवाई जाती है। डिग्री पूरी होने के बाद इंटर्नशिप भी दी जाती है जहां उन्हें वास्तविक इलाज का अनुभव दिया जाता है। इस प्रकार लगभग 7.5 वर्ष में एक छात्र एक कुशल आयुर्वेदिक डॉक्टर बन जाता है वह भी बिना NEET से गुजरे।
आयुर्वेद गुरुकुलम कोर्स के पड़ाव
- आयुर्वेद गुरुकुलम/ प्री आयुर्वेद BAMS कोर्स एक 7. 5 साल का सेंट्रलाइज्ड ग्रैजुएट कोर्स है जिसमें कोई भी छात्र 10 वीं के बाद प्रवेश ले सकता है।
- इसमें सबसे पहले 2 वर्ष प्री आयुर्वेद कार्यक्रम पूरा करवाया जाता है।
- इसके बाद 4.5 वर्ष बैचलर आफ आयुर्वैदिक मेडिसिन एंड सर्जरी की पढ़ाई करवाई जाती है।
- अंत में 1 वर्ष की ऑन फील्ड इंटर्नशिप दी जाती है
कोर्स के लिए क्या योग्यता निर्धारित की गई है?
इस कोर्स में दाखिला के लिए योग्यता मापदंड इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं
- छात्र भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है।
- छात्र की न्यूनतम आयु 15 वर्ष तक होनी चाहिए।
- इस कोर्स में दाखिला पाने के लिए छात्र को NEET PAP की परीक्षा से गुजरना होगा जिसमें 50% अंक लाने आवश्यक होंगे।
- ध्यान दें यह NEET UG नहीं है, यह केवल प्री आयुर्वेदिक प्रवेश परीक्षा है जिसका प्रारूप NEET के समान है लेकिन आयोजक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं होगी।
आयुर्वेद गुरुकुलम कोर्स के विषय
- आयुर्वेद गुरुकुलम में छात्रों को पहले प्री-आयुर्वेद के अंतर्गत संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, जीव विज्ञान, भारतीय दर्शन, आयुर्वेद का परिचय जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे।
- इसके बाद अगले 4.5 वर्ष में आयुर्वेदिक चिकित्सा से जुड़े मुख्य विषय जैसे की प्राचीन ग्रंथ, औषधि विज्ञान, पंचकर्म चिकित्सा, रोग निदान चिकित्सा शास्त्र, आधुनिक चिकित्सा के विषय।
- इसके पश्चात एक वर्ष की इंटर्नशिप होगी जिसमें छात्रों को ओपीडी/ आईपीडी में वास्तविक इलाज करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
कोर्स की फीस और खर्च
यह कोर्स देश भर में शुरू किया गया है, जिसके लिए अलग-अलग संस्थान की फीस अलग-अलग हो सकती है। लेकिन BAMS जैसे आयुर्वैदिक मेडिकल पाठ्यक्रम की फीस एक समान होगी। आमतौर पर BAMS कॉलेज की फीस वार्षिक रूप से 2,65,800 प्रति वर्ष होती है। वहीं परीक्षा फीस ₹15000 ली जाती है। हालांकि हो सकता है अलग-अलग राज्यों में इस कोर्स और संस्थान की फीस अलग-अलग हो। क्योंकि यह रेजिडेंशियल कोर्स होता है इसीलिए इसमें हॉस्टल, भोजन और स्टेशनरी का शुल्क भी शामिल किया जाता है। हालांकि जल्द ही इस कोर्स की फीस संरचना आयुर्वेद गुरुकुलम द्वारा तैयार किए जाने वाले पोर्टल पर साझा कर दी जाएगी।
कोर्स की आवेदन प्रक्रिया
इस कोर्स के लिए जल्द ही एक डेडीकेटेड वेबसाइट तैयार की जाएगी। हालांकि फिलहाल NCISM और CSO द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसमें परीक्षा और प्रवेश नियम प्रकाशित किए जाएंगे। जल्द ही ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन आरंभ किया जाएगा। इसके बाद NEET PAP की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों को ही कोर्स में दाखिला दिया जाएगा क्योंकि यह एक एंट्रेंस परीक्षा है।
- NEET PAP परीक्षा में आवेदन करने के लिए सबसे पहले छात्रों को NCISM के पोर्टल पर जाना होगा।
- इस ऑफिशल पोर्टल पर NEET PAP रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक कर आवेदन फॉर्म भरना होगा।
- इसके बाद सारे जरूरी दस्तावेज जैसे की 10 वीं की मार्कशीट, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, डोमिसाइल सर्टिफिकेट और सारे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- इसके बाद परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा।
- इस परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों का मेरिट के आधार पर काउंसलिंग आयोजित किया जाता है जिसके बाद इंस्टिट्यूशन में दाखिला पक्का करना पड़ता है।
ऐसे छात्र जो 10 वीं के बाद डॉक्टर बनना चाहते हैं खासकर ऐसे छात्र जो संस्कृत और गुरुकुल पद्धति में अध्यनरत है, वे इस मौके का फायदा उठा सकते हैं। यहां केवल NEET PAP जैसी परीक्षा देनी होगी इसके बाद मैरिट बेसिस पर छात्रों को आयुर्वेद गुरुकुलम प्री आयुर्वेद BAMS कोर्स में दाखिला मिल जाता है और भविष्य में यह छात्र एक प्रशिक्षित आयुर्वेदिक डॉक्टर बन सकते हैं जिसके बाद करियर के कई ऑप्शन उपलब्ध होते हैं।












