प्रॉफिट बुकिंग से सोना चांदी हुआ सस्ता: सोने चांदी के बाजार में आमतौर पर उतार-चढ़ाव चलता ही रहता है, लेकिन, आज बाजार को अचानक से बड़ा झटका लगा है। इस बड़े झटके ने निवेशकों से लेकर आम खरीददार को चौंका दिया है। लगातार रिकॉर्ड स्तर की ऊंचाई पर चल रही चांदी की कीमत में अचानक ₹12000 की गिरावट आई है। जिसकी वजह से चांदी के दाम 2.36 लाख पर पहुंच गए। वहीं सोना भी ₹1232 रुपए सस्ता हो गया है जिसकी वजह से आज सोने का दाम 1.5 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों की माने तो बाजार में आई यह गिरावट प्रॉफिट बुकिंग की वजह से है जो कि लंबे समय तक नहीं रहने वाली।
बता दें, कुछ दिनों पहले चांदी और सोने में निवेश को सबसे मजबूत विकल्प माना जा रहा था। वहीं अब बाजारों में इन कीमती धातु के दाम चढ़ने-उतरने लगे हैं। अब निवेशकों के बीच हलचल मच चुकी है क्योंकि निवेशक अब समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या यह गिरावट अस्थायी है? क्या आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे जाएंगी? क्या सोने-चांदी में निवेश करना सही होगा? या किसी अन्य विकल्प की तलाश करनी होगी? सारे सवालों के जवाब आज की गिरावट के पीछे ही छुपे हैं जिसे समझना हर निवेशक और आम खरीदार के लिए जरूरी है।
सोने चांदी के दाम में क्यों आई है अचानक रिकॉर्ड तोड़ गिरावट ?
सोने चांदी के दाम पूरी तरह से बाजार पर निर्भर करते हैं। सोने चांदी की बड़ी हुई कीमतों के दौरान कई निवेशक मुनाफा कमाने के लिए इसे बेचने लगते हैं। इस प्रक्रिया को प्रॉफिट बुकिंग कहा जाता है। जब ज्यादा निवेशक सोना चांदी बेचने लग जाते हैं तब अचानक से सोने और चांदी के दाम कम होने लगते हैं। जैसे ही बड़े स्तर पर बिक्री शुरू होती है कीमतों पर दबाव आता है और कीमती धातुओं के दाम में गिरावट देखने को मिलती है। आज भी कुछ ऐसा ही हुआ जब प्रॉफिट बुकिंग के लिए निवेशकों ने धड़ल्ले से सोना चांदी बेचना शुरू कर दिया।
चांदी में आई गिरावट का कारण
चांदी एक ऐसी धातु है जिसे आम खरीदार के साथ-साथ इंडस्ट्रियल सेक्टर भी इस्तेमाल करता है। इसीलिए इसे सबसे बहु-उपयोगी मेटल माना जाता है चांदी का उपयोग इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स इत्यादि में होता है। पिछले कुछ समय से इस सेक्टर में गज़ब का उछाल देखा जा रहा था जिसकी वजह से चांदी की मांग भी जबरदस्त बढ़ गई। लेकिन जैसे-जैसे निवेशकों ने मुनाफा निकलना शुरू किया वैसे-वैसे चांदी की कीमत में भी गिरावट आने लगी।
सोने की कीमत में गिरावट का कारण
सोना आम खरीदार के साथ-साथ निवेशकों की हमेशा से पहले पसंद रही है, क्योंकि पारंपरिक तौर पर इसे सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होता है तब ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कम हो जाती है और सोना एक ऐसा विकल्प बन जाता है जिसे सबसे ज्यादा दबाव झेलना पड़ता है। लोग सोने को बेचना शुरू कर देते हैं।
ज्यादा मुनाफा वसूली के वजह से सोना अचानक से सस्ता हो जाता है और यही पिछले कुछ दिनों से हो रहा है। जब वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं तो निवेशक इक्विटी और असेट्स की ओर रुख कर रहे हैं और इन्हीं कारणों की वजह से आज सोना सस्ता हो गया है।
सोने चांदी में आई गिरावट आम खरीदारों के लिए क्या मायने रखती है?
सोने चांदी में आई यह गिरावट आम खरीदारों के लिए खुशखबरी साबित हो सकती है। क्योंकि ऐसे खरीदार जो शादी-ब्याह या त्योहारों के लिए सोना चांदी खरीद रहे हैं वे कम कीमत पर जल्द से जल्द सोने चांदी के जेवर बुक कर गहनों की लागत में कुछ हद तक बचत कर सकते है।
वहीं निवेशकों के लिए भी यह इन्वेस्ट करने का बेहतरीन समय है। खासकर चांदी के निवेशकों के लिए यह समय स्वर्णिम समय हो सकता है। हालांकि कीमती धातु में निवेश करने से पहले यह ध्यान देना जरूरी है कि एक साथ बड़ी रकम लगाने की बजाय SIP में निवेश करें
निकट समय में बाजार की स्थिति कैसी हो सकती है?
विशेषज्ञों की माने तो बाजार में फिलहाल जो गिरावट आई है वह प्रॉफिट बुकिंग की वजह से है। ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में यह गिरावट हल्की तेज हो सकती है।लेकिन यह स्थिर नहीं होगी क्योंकि कीमती धातुओं का बाजार वोलेटाइल होता है। हालांकि सोने को सुरक्षित निवेश का सपोर्ट मिलेगा क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो शेयर बाजार में कमजोरी आती है और फिर से सोने के दाम में उछाल देखा जा सकता है।
चांदी के दाम में भी रिकवरी की संभावना दिखाई दे रही है, क्योंकि इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर एलर्जी और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में लॉन्ग टर्म में डिमांड मजबूत बनी हुई है। ऐसे में लंबी अवधि का निवेश करने वाले निवेशक और शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले आम खरीदार इस अवसर को भुना सकते हैं।
कुल मिलाकर वर्तमान में चांदी का ₹12000 प्रति किलो सस्ता होना और सोने में ₹1232 रुपए की गिरावट आना पहली नजर में बड़ा झटका जरूर लग सकता है, लेकिन यह बाजार की स्वाभाविक स्थिति है। हालांकि आम खरीदारों और दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह रणनीति बनाने का अवसर जरूर हो सकता है।
Read more :
शेयर बाजार आज: Sensex–Nifty सपाट शुरुआत, मिडकैप में मजबूती, सोना-चांदी में जोरदार उछाल












