अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस के भारत और PM Modi पर दिए बयान पर बवाल मच गया है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी जॉर्ज सोरोस के निशाने पर हैं. उधर कांग्रेस ने भी जॉर्ज की निंदा करते हुए कहा है कि हिंदुस्तान में लोकतांत्रिक बदलाव का रास्ता चुनावी प्रोस...

जॉर्ज ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च के दावों के बाद गौतम अडानी के साम्राज्य में उथल-पुथल मची हुई है. इसकी वजह से निवेशकों का विश्वास डोल चुका है. मोदी और अडानी के सहयोगी हैं. अदानी ने स्टॉक मार्केट से फंड अरेंज करने की कोशिश की, जिसमें वह फेल हो गए. पुल पर स्टॉक मार्केट के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में लगे हैं. PM Modi इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन विदेशी निवेशकों और संसद में उठ रहे सवालों का जवाब देना होगा. जॉर्ज ने कहा, यह भारत की संघीय सरकार पर मोदी की पकड़ को काफी कमजोर कर देगा और बहुत जरूरी संस्थागत सुधारों को आगे बढ़ाने की दरवाजे खोल देगा. उन्होंने कहा था, मुझे उम्मीद है कि भारत में एक लोकतांत्रिक परिवर्तन होगा. जोरोस इससे पहले 2020 में वर्ल्ड इकोनामिक फोरम में भी भारत और पीएम मोदी को लेकर इस तरह बयान दे चुके हैं. तब उन्होंने कहा था कि PM Modi के नेतृत्व में भारत तानाशाही व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने और नागरिकता संशोधन कानून का भी खुलकर विरोध किया था.⚡️⚡️भारत के खिलाफ बड़ा गेमप्लान
तो यह अडानी के बारे में कभी नहीं था। यह 'भारत में लोकतांत्रिक पुनरुद्धार' के बारे में था। अडानी रिपोर्ट का इस्तेमाल कर हताश जॉर्ज सोरोस खुलकर मोदी सरकार के खिलाफ आ गए हैं। pic.twitter.com/CemezkUn1a — Dr Alpna Kulshreshtha (@DrAlpnaKulshre1) February 17, 2023
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी को लेकर करारा जवाब दिया है. स्मृति ईरानी ने कहा कि विदेशी धरती से भारतीय लोकतांत्रिक ढांचे को हिलाने का प्रयास किया जा रहा है. जॉर्ज ने भारत के लोकतंत्र में दखल देने की कोशिश की है और मोदी उनके निशाने पर हैं. उन्होंने जोड़ने पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने इंग्लैंड के बैंक को तोड़ दिया, एक व्यक्ति जिसे आर्थिक युद्ध अपराधी के रूप में नामित किया गया है, उसने अब भारतीय लोकतंत्र को तोड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने घोषणा की है कि वह PM Modi को अपने आने का मुख्य बिंदु बनाएंगे. ईरानी ने कहा कि जॉर्ज ने ऐलान किया है कि वह भारत में अपनी विदेशी ताकत के अंतर्गत एक ऐसी व्यवस्था बनाएंगे जो हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि उनके हितों का संरक्षण करेगी. स्मृति ईरानी ने कहा कि जॉर्ज एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी नापाक योजनाओं को सफल बनाने के लिए उनकी जरूरतों के हिसाब से काम करें. उनके बयानों से यह साफ तौर पर देखा गया है कि उन्होंने विशेष रूप से पीएम मोदी जैसे नेताओं को टारगेट करने के लिए एक अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग की घोषणा की है.एक विदेशी ताकत जिसके केंद्र में जॉर्ज सोरोस हैं, उन्होंने ऐलान किया है कि वे भारत के लोकतांत्रिक ढांचे पर वार करेंगे। उन्होंने ऐलान किया है कि वे PM मोदी को अपने वार का मुख्य बिन्दु बनाएंगे: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी pic.twitter.com/AX2zGUwoA5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 17, 2023
कांग्रेसी नेता जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर जॉर्ज को फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि पीएम से जुड़ा अडानी घोटाला भारत में लोकतांत्रिक पुनरुत्थान शुरू करता है या नहीं, यह पूरी तरह कॉन्ग्रेस, विपक्ष हमारी चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर है. इससे जॉर्ज को कोई लेना देना नहीं है. हमारी नेहरु वादी विरासत यह तय करती है कि उन जैसे लोग हमारे चुनाव परिणाम तय नहीं कर सकते.गेमप्लान तो यह अडानी के बारे में कभी नहीं था। यह 'भारत में लोकतांत्रिक पुनरुद्धार' के बारे में था। अडानी रिपोर्ट का इस्तेमाल कर हताश जॉर्ज सोरोस खुलकर मोदी सरकार के खिलाफ आ गए हैं खुद के द्वारा बनाई गई टूलकिट सफल नही होने पर अब कोंग्रेस आंतरराष्ट्रीय टूलकिट का हिस्सा बन गयी.. pic.twitter.com/7KS1BWsgQO
— Hiren Lehru 🚩 हिरेन लेहरू (@Hirenlehru111) February 17, 2023
जॉर्ज सोरोस का जन्म 12 अगस्त, 1930 को हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में हुआ था. वे खुद को दार्शनिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी बताते हैं. हालांकि उन पर दुनिया के कई देशों की राजनीति और समाज को प्रभावित करने का एजेंडा चलाने का आरोप लगता रहता है. जॉर्ज ने 2020 में नरेंद्र मोदी(PM Modi), अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम दुनिया की तानाशाही के तौर पर बताया था.
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