क्या कभी सोचा था कि गर्मियों में राहत देने वाला तरबूज खाने से मौत हो जाएगी? जी हां, हाल ही में मुंबई में हुई घटना ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है।
मुंबई के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या तरबूज जैसा फल भी लोगों के लिए मौत का कारण हो सकता है? क्या बाजार में मिलने वाले तरबूज में मिलावट और खतरनाक केमिकल्स छिपे हैं? और सबसे ज्यादा जरूरी है यह जानना की क्या हम अनजाने में अपने ही हाथों से अपनी मौत खरीद रहे हैं?
इस खबर के सामने आने के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर सच्चाई क्या है? क्या तरबूज खाने से सच में मौत हो जाती है या शरीर में कोई केमिकल रिएक्शन होता है? क्या सच में उस परिवार के लोगों ने पहले बिरयानी खाई और बाद में तरबूज इससे कोई रिएक्शन हुआ कि जिससे चार लोग एक साथ मर गए।
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आइये जानते हैं कि क्या सच में तरबूज खाने से मौत होती है या कारण कुछ होता है?
क्या सच में तरबूज खाने से मौत हो सकती है ?
न्यूट्रीशनल एक्सपर्ट और डॉक्टर की माने तो तरबूज खाने से मौत होना काफी दुर्लभ है। क्योंकि ऐसी घटनाएं तभी हो पाती है जब तरबूज में खतरनाक बैक्टीरिया और जहरीले केमिकल्स हों।
आमतौर पर किसी भी मौत का कारण कोई साधारण फल नहीं होता, बल्कि फल में मौजूद जहर हो सकता है। मुंबई के इस केस में भी ऐसी ही शंका नजर आ रही है की यह तरबूज बैक्टीरिया से इनफैक्ट हो चुका होगा या फिर इसमें कोई मिलावट होगी। हालांकि फिलहाल असली रिपोर्ट 15 दिन के बाद आएगी।
एक तरबूज में कौन-कौन से खतरे हो सकते हैं?
बैक्टीरियल संक्रमण: तरबूज में 90% तक पानी होता है, जिसमें बैक्टीरिया जल्दी पनप सकते हैं। आमतौर पर तरबूज में salmonella, E. Coli, Listeria जैसे बैक्टीरिया बनते हैं जो आमतौर पर पेट दर्द, उल्टी, दस्त और खून के संक्रमण को बढ़ा सकते हैं। मुम्बई वाली घटना में इसी की संभावना सबसे ज्यादा है।
केमिकल मिलावट: तरबूज में आजकल केमिकल मिलावट भी काफी आम हो चुकी है। तरबूज को ज्यादा मीठा बनाने के लिए लाल रंग की डाई वाले इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। इसमें मिठास बढ़ाने के लिए शुगर या केमिकल के घोल के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। यहां तक की कच्चे तरबूज को जल्दी पकने के लिए इसमें कैल्शियम कार्बाइड का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह केमिकल लिवर, किडनी और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
स्टोरेज का गलत तरीका: तरबूज यदि गलत तरीके से स्टोर किया गया तब भी यह खतरनाक हो सकता है। जैसे तरबूज को गंदगी में रखा गया या गंदे चाकू से काट लिया गया। काटने के बाद लंबे समय तक तरबूज को खुला छोड़ गया। अथवा लंबे समय तक तरबूज को गर्मी या धूप में रखा गया। इससे भी बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और फूड प्वाइजनिंग का खतरा दुगना हो जाता है।
तरबूज खरीदते समय कौन सी 9 सावधानियां बरतें?
तरबूज खाने से मौत वाले मामले के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर तरबूज खरीदने के दौरान कौन सी बातों का ध्यान रखें। हालांकि तरबूज अंदर कैसा है इसके बारे में पता लगाना काफी कठिन है। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर हम मिलावट या खराब तरबूज खरीदने से बच सकते हैं।
- तरबूज खरीदते समय कटे-फटे या सड़े हुए तरबूज ना खरीदें।
- ऐसे तरबूज जो बहुत ज्यादा चमकदार दिखाई देते हैं उन्हें भी खरीदने से बचें।
- यदि तरबूज में से अजब गन्ध आ रही है या चिपचिपा गुदा या चीक बहता दिखाई दे रहा है तब भी ना खरीदें ।
- तरबूज को घर पर काटने के बाद आप उस पर कॉटन रगड़ कर देखें यदि रंग निकल रहा है तो यह मिलावट हो सकती है।
- इसके अलावा तरबूज काटकर एक टुकड़ा पानी में मिलाकर देखें यदि रंग फैलता है तो निश्चित रूप से यह मिलावट है।
- तरबूज को थपथपाने पर यदि खोखली सी आवाज आए तो मतलब तरबूज अच्छा है।
- तरबूज खाने से पहले भी उसे अच्छी तरह से धोएं।
- तरबूज को बाजार से लाने के बाद इसे ठंडे पानी में डालकर रखें या किसी मिट्टी के बर्तन में 2 से 3 घंटे रख दें।
- कटे हुए तरबूज को बाहर न रखें, कटा हुआ तरबूज फ्रिज में रखें और कोशिश करें कि 3 से4 घंटे के भीतर खा लिया जाए।
कुल मिलाकर तरबूज खाने से मौत वाला मामला अब उलझता जा रहा है। इस मामले ने लोगों को डरा दिया है। पर समझने वाली बात यह है कि तरबूज खतरनाक नहीं होता बल्कि गलत तरीके से उगाया गया, स्टोर किया गया या मिलावट किया गया फल जानलेवा होता है।
मुंबई की तरबूज खाने से मौत वाली घटना ने फूड सिक्योरिटी पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस पूरे प्रकरण में सावधानी ग्राहक को ही बरतनी है। तब कहीं जाकर तरबूज के फायदे मिल पाएंगे और खतरा टल जाएगा।

















