उत्तर प्रदेश में एक दलित महिला के शव को उच्च जाति के पुरुषों के एक समूह द्वारा चिता से हटा दिया गया। इसके पीछि की वजह जातिवाद है उच्च जाति के लोगों का कहना है कि यह जगह दलित लोगों के लिए नहीं है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को आगरा जिले में स्थित एक गाँव में अंतिम संस्कार की चिता से एक महिला के शव को निकालने के वाले दोषियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो यह दर्शाता है कि 2020 में भी लोगों की मानसिक स्थिति अभी भी बदली देश जहां एक तरफ कोरोना के चलते मौत के सामने खड़ा है वहीं दूसरी तरफ लोग जातिवाद को बचाने में लगे हुए हैं।
यहां देखें वीडियो-
#Casteism Upper Caste deny cremation of a dalit woman in Raibha village #Agra. Body of the woman was removed from the pyre & cremated at a different place. Police probing the matter.#DalitLivesMatter
pic.twitter.com/FOdOGHi2hR— The Dalit Voice (@ambedkariteIND) July 23, 2020
मामला गांव ककरपुरा से संबंधित है जहां पूजा (25) की 19 जुलाई को मौत हो गई थी। उनके पति ने शिकायत की कि उन्हें उच्च जाति के सदस्यों द्वारा शव का अंतिम संस्कार नहीं करने दिया गया।
“मेरी पत्नी पूजा का 19 जुलाई को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया और 20 जुलाई को दाह संस्कार के लिए ले जाया गया। गाँव में उन लोगों द्वारा कोई आपत्ति नहीं की गई, लेकिन उच्च जाति समुदाय के आधा दर्जन सदस्य आए और हमारे द्वारा दाह संस्कार करने पर आपत्ति जताई। मृतक के पति राहुल बजनिया ने कहा।
राहुल ने कहा, “हमने चिता तैयार कर ली, लेकिन शव को लगभग चार किलोमीटर दूर नगला लाल दास के गांव ले जाने के लिए मजबूर किया गया, जहां अंत में दाह संस्कार किया गया।”
पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) रवि कुमार ने कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। बाद में इस घटना को स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर उजागर किया गया।
“हमें कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन अछनेरा सर्कल के सर्कल अधिकारी को इस मामले के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए कार्य सौंपा गया है। एसपी वेस्ट ने कहा कि आवश्यक कार्रवाई घटना का पता लगाने के बाद होगी।
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