फायर से कॉकटेल 2 : भारतीय सिनेमा में प्यार हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। लेकिन एक लंबे समय तक प्यार को एक ही स्टाइल में दिखाया गया हीरो और हीरोइन। धीरे-धीरे समझ में बदलाव आया, लोगों की सोच बदली और इसी के साथ फिल्मों ने भी नए रिश्ते को जगह दी। लेस्बियन थीम्स फिल्म भारत में कई समय तक चर्चा का विषय रही। लेकिन फायर से कॉकटेल 2 ने इस विचार को बदलने की कोशिश की है। जी हां सूत्रों की माने तो खबर सामने आ रही है की कॉकटेल 2 में भी लेस्बियन रिश्तो को दिखाया गया है।
फायर से कॉकटेल 2 तक लेस्बियन थीम फ़िल्म का सफर
कॉकटेल 2 में रश्मिका मंदांना और कृति सेनन को रिलेशनशिप में दिखाए जाने की खबर सामने आ रही है। इस खबर के बाद से ही सोशल मीडिया पर लेस्बियन रिलेशनशिप पर बनी फिल्मों की चर्चा चल पड़ी है। कॉकटेल 2 कोई पहली फिल्म नहीं है जहां लेस्बियन रोमांस दिखाया गया है। भारतीय सिनेमा ने लेस्बियन रोमांस के इस टैबू को काफी पहले से तोड़ने की कोशिश की है। 1990 की ‘फायर’ हो या 2015 की ‘पार्च्ड’ या 2019 की ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ यह फिल्में इसी मुद्दे पर बनी हैं और चली भी हैं।
भारतीय सिनेमा की सोच बदलने वाली फायर से कॉकटेल 2 तक 4 लेस्बियन थीम्स फिल्म
फायर : 1990 में भारतीय सिनेमा का टर्निंग प्वाइंट रहा। इस दौरान ‘फायर’ नाम की एक फिल्म रिलीज की गई जिसमें दो महिलाओं को प्रेमिकाओं के रूप में दिखाया गया। दीपा मेहता द्वारा निर्देशित इस फिल्म में दो विवाहित महिलाओं के बीच भावनात्मक और शारीरिक संबंध दिखाया। हालांकि इसके बाद काफी विवाद हुआ और फिल्म को रोकना तक पड़ा। लेकिन यह फिल्म उस जमाने के एक साहसी कदम के रूप में देखी जाती है। इसके बाद भारतीय सिनेमा को लेस्बियन फिल्म बनाने की प्रेरणा मिलती रही और फायर से कॉकटेल 2 का सफर आसान हुआ।
एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा: कमर्शियल फिल्मों में लेस्बियन प्रेम दिखाना बहुत ही बड़ा निर्णय रहा। लेकिन इस निर्णय को पूरा किया भारतीय फ़िल्म जगत ने। 2019 में ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ मूवी जिसमें सोनम कपूर और अनिल कपूर ने काम किया है। इस फिल्म में सोनम कपूर लेस्बियन बनी है जिन्होंने इस फिल्म में एक लेस्बियन की जद्दोजहद और समाज की स्वीकारता को भावनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। फिल्म कमर्शियल थी और इस फिल्म को काफी सराहना भी मिली।
मार्गेरीटा विद स्ट्रॉ: कल्कि कोचलीन की यह फिल्म एक ऐसी लड़की की फिल्म थी जो बायसेक्सुअल पहचान रखती है। वह महिला से भी प्रेम करती है और एक पुरुष से भी आकर्षित होती है। इस फिल्म ने सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही एक लड़की के मुद्दे को उठाया है। यहां केवल यौन आकर्षण ही नहीं बल्कि आत्म खोज की यात्रा के बारे में भी दिखाया गया है। फिल्म काफी पावरफुल रही और इसे कमर्शियल और आर्ट फिल्म सेगमेंट में भी काफी सराहना मिली।
कॉकटेल 2 : लेस्बियन थीम फ़िल्म कैटेगरी में कॉकटेल 2 भी चर्चा में आ चुकी है जिसमें रश्मिका मंदांना और कृति सेनन लेस्बियन जोड़ी के रूप में नजर आएगी। फिल्म को लेकर पहले से ही कहा जा रहा है की फिल्म में रश्मिका मंदांना काफी बोल्ड अवतार में दिखाई देगी। शाहिद कपूर इस फिल्म का थर्ड एंगल होंगे। हालांकि अभी तक कहानी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन यदि कॉकटेल 2 में लेस्बियन रिश्तो को दिखाया जाने वाला है तो एक कमर्शियल फिल्म के लिए यह बहुत बड़ा कदम साबित होगा। क्योंकि फिल्म में तीन बड़े सितारे काम कर रहे हैं। ऐसे में फायर से लेकर कॉकटेल 2 तक का यह सफर भारतीय फ़िल्म जगत को एक नया मोड़ देगा।
क्या सच में लेस्बियन सिनेमा बोल्ड सिनेमा है?
पहले लेस्बियन थीम वाली फिल्मों को बोल्ड फ़िल्म कहा जाता था। क्योंकि समाज में इस पर खुलकर बात नहीं होती थी। परंतु 2018 में धारा 377 लागू हो चुकी है। अब इसे कानूनी मान्यता मिल चुकी है। जिसके चलते अब कई कहानियां खुलकर सामने आने लगी हैं। फिल्मी दुनिया के साथ-साथ OTT पर भी अब ऐसे कंटेंट खुल कर दिखाए जा रहे हैं। इसीलिए अब ऐसा कंटेंट कोई सनसनी नहीं बल्कि एक समूह का प्रतिनिधित्व करता है।
ऐसे में फायर से कॉकटेल 2 तक का यह सफर काफी आसान होने वाला है। फायर से शुरू हुई यह लेस्बियन प्रेम कहानी की यात्रा कॉकटेल 2 तक पहुंच चुकी है। हालांकि फर्क सिर्फ इतना है कि एक समय पहले ऐसी फिल्में विवादों से गुजर जाती थी और अब ऐसी फिल्में एक हेल्थी संवाद की शुरुआत करती हैं।

