ketu chandra yuti : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की युति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जहां कुछ युतियों को शुभ माना जाता है तो वहीं कुछ को नकारात्मक प्रभाव देने वाला माना जाता है। 26 अप्रैल 2026 को चंद्रमा और केतु के बीच एक युति होने वाली...
ketu chandra yuti : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की युति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जहां कुछ युतियों को शुभ माना जाता है तो वहीं कुछ को नकारात्मक प्रभाव देने वाला माना जाता है। 26 अप्रैल 2026 को चंद्रमा और केतु के बीच एक युति होने वाली है, जिसे आम तौर पर अशुभ माना जाता है।
यह युति सिंह राशि में बनने जा रही है, जो 27 अप्रैल तक बनी रहेगी। चूंकि चंद्रमा मन का स्वामी है और केतु भ्रम तथा उलझन का प्रतीक है, इसलिए किसी विशेष राशि में इनका मिलन किसी व्यक्ति की सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है। विशेष रूप से 26 तारीख को होने वाली केतु-चंद्र युति तीन विशेष राशियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। आइये जानते हैं कि किन 3 राशियों के लिए यह युति विशेष रूप से खतरनाक साबित होगी।
केतु-चंद्र युति: 3 राशियों के लिए खतरनाक
मिथुन (Gemini)
मिथुन राशि में जन्मे जातकों के लिए केतु-चंद्र युति काफी खतरनाक साबित हो सकती है। आपको सलाह दी जाती है कि आप आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतें। इस दौरान किसी भी नए काम या प्रोजेक्ट की शुरुआत करने से बचें। किसी पर भी आँख मूंदकर भरोसा न करें। इस चरण में आर्थिक नुकसान और कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मनमुटाव होने की संभावना है। सभी मौद्रिक लेन-देन में समझदारी से काम लें।
कन्या (Virgo)
केतु-चंद्र युति कन्या राशि में जन्मे जातकों के लिए भारी नुकसान की संभावना लेकर आती है। आने वाले दिनों में आपको विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक अशांति, बिना किसी कारण के डर लगना और स्वास्थ्य में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। इस दौरान आपको धैर्य के साथ मामलों को संभालना होगा। किसी भी काम में जल्दबाजी करने से भारी नुकसान हो सकता है। इस समय किसी भी नए काम की शुरुआत करने से बचें।
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मीन राशि (Pisces)
चंद्रमा और केतु की युति आपके निजी जीवन में उथल-पुथल मचा सकती है। किसी खास मुद्दे को लेकर आपके जीवनसाथी से विवाद होने की संभावना है। साझेदारी वाले व्यवसायों में आर्थिक नुकसान होने के संकेत मिल रहे हैं। अपनी वाणी पर संयम रखें अन्यथा आपके कड़वे शब्द किसी की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचा सकते हैं।
इस एक गलती से हर हाल में बचें
यदि आपकी राशि ऊपर बताई गई तीन राशियों में से एक है, तो केतु-चंद्रमा की युति के प्रभाव में रहते हुए कोई भी बड़ा फैसला न लें, क्योंकि इस दौरान लिए गए फैसले गलत साबित हो सकते हैं।
प्रभावी उपाय
यदि आपकी राशि ऊपर दी गई सूची में शामिल है तो आप कुछ उपायों के माध्यम से इन प्रतिकूल प्रभावों को कम कर सकते हैं। इस युति के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करें। यह जाप कम से कम 108 बार किया जाना चाहिए। केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए किसी काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाएँ। इसके अतिरिक्त, सफेद रंग की वस्तुओं का दान करने से मानसिक बेचैनी कम होगी और मन को शांति मिलेगी।