इस साल भारत में शुरू हो सकती है सर्विस
Elon Musk Starlink: एलन मस्क (Elon Musk) की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक (Starlink) लगातार तेजी से बढ़ रही है। स्टारलिंक ने अब बड़ी कामयाबी हासिल की है। स्टारलिंक को चलाने वाली स्पेसएक्स (SpaceX) ने बताया है कि उसके पास अब 1 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। दिसंबर 2025 में स्टारलिंक के ग्राहकों की संख्या 90 लाख और नवंबर में 80 लाख थी।
अब यह 1 करोड़ को पार कर गई है। 90 लाख ग्राहकों तक पहुंचने के बाद हर रोज करीब 19 हजार नए ग्राहक स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को चुन रहे हैं। स्टारलिंक की सेवाएं इस साल भारत में भी शुरू हो सकती हैं।
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भारत में इस साल शुरू हो सकती है सर्विस
स्टारलिंक की सेवाएं इस साल भारत में भी शुरू हो सकती हैं। कंपनी को पिछले साल भारत सरकार से जरूरी मंजूरियां मिल गई थीं। स्टारलिंक को अब भारत में ग्राउंड स्टेशन और अपना नेटवर्क स्थापित करना है, जिसके बाद यह सर्विस देश में भी शुरू हो जाएगी। शुरुआत में लिमिटेड लोगों को यह सुविधा दी जानी है। धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है। भारत के पड़ोसी देशों बांग्लादेश और श्रीलंका में स्टारलिंक की सर्विस उपलब्ध है, हालांकि पाकिस्तान में अभी तक स्टारलिंक को मंजूरी नहीं मिल पाई है।

डायरेक्ट टु डिवाइस कम्युनिकेशन की तैयारी
स्टारलिंक अब सिर्फ अपनी किट के माध्यम से ही सैटेलाइट इंटरनेट नहीं दे रही, वह डायरेक्ट टु डिवाइस कम्युनिकेशन पर भी काम शुरू कर चुकी है। अमेरिका में टी-मोबाइल के साथ मिलकर कंपनी अंतरिक्ष से सीधे फोन में अपना नेटवर्क उपलब्ध करा रही है। कहा जाता है कि इससे आपात स्थिति में लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने में मदद मिलती है।
ऐसे काम करता है स्टारलिंक (Starlink) का नेटवर्क
स्टारलिंक की पैरंट कंपनी स्पेसएक्स के पास पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में हजारों सैटेलाइट्स का बेड़ा है। यह पृथ्वी का चक्कर लगाते हुए अंतरिक्ष से धरती पर सिग्नल प्रसारित करते हैं। जिस किसी को भी स्टारलिंक का सैटेलाइट इंटरनेट इस्तेमाल करना होता है, उसे किट खरीदनी होती है। मुख्य किट एक छतरी नुमा होती है जिसे खुले आसमान में लगाया जाता है। उस पर अंतरिक्ष से सिग्नल मिलते हैं। वह सिग्नल तार के जरिए घर में लगे राउटर तक पहुंचते हैं और फिर मोबाइल पर वाईफाई के जरिए इंटरनेट चलाया जाता है।
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स्टारलिंक पर गलत नेटवर्क इस्तेमाल करने का आरोप
सैटेलाइट इंटरनेट देने वाली स्टारलिंक पर आरोप लगते हैं कि वह अपने नेटवर्क का गलत इस्तेमाल करती है। हाल ही में ईरान में देशव्यापी इंटरनेट शटडाउन के दौरान लोग वहां स्टारलिंक का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए थे। एलन मस्क ने भी ईरान के लोगों के लिए स्टारलिंक को फ्री कर दिया था।
गुजरात सरकार का एलन मस्क की स्टारलिंक (Starlink) संग समझौता
इधर, गुजरात सरकार ने डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य ने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) की सब्सिडियरी स्टारलिंक (Starlink) के साथ एक अहम समझौता किया है, जिसके तहत दूरदराज, सीमा और वंचित क्षेत्रों में सैटेलाइट इंटरनेट की पायलट शुरुआत होगी। यह करार 9 फरवरी को गांधीनगर में किया गया, जहां मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी की मौजूदगी में लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर हुए. इस पहल को राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

