विजय हजारे ट्रॉफी सेमीफाइनल में, विश्वराज जडेजा ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 165 रन बनाकर सौराष्ट्र को फाइनल में पहुंचाया। इस शानदार पारी में उन्होंने आक्रामकता और संयम का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
अगर विजय हज़ारे ट्रॉफी सेमी-फ़ाइनल में सौराष्ट्र की जीत के पीछे किसी एक नाम ने सबसे ज़्यादा सुर्खियाँ बटोरीं, तो वह था विश्वराज जडेजा। पंजाब के खिलाफ़ इस अहम मैच में, जडेजा ने एक ऐसी पारी खेली जिसने अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया। 292 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए, उन्होंने नाबाद 165 रन बनाए और शानदार अंदाज़ में सौराष्ट्र को फ़ाइनल में पहुँचाया।
पंजाब की मजबूत बल्लेबाज़ी: 291 रन का स्कोर

दूसरे सेमीफाइनल की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब टीम 50 ओवर में 291 रन पर सिमट गई। पंजाब की ओर से अनमोलप्रीत सिंह ने शतक लगाया। उन्होंने 105 गेंदों पर 100 रन की पारी खेली। इस दौरान सिंह ने 9 चौके और 1 छक्का लगाया। सलामी बल्लेबाज और कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने 89 गेंदों पर 87 रनों का योगदान दिया। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 9 चौके और 3 छक्के लगाए।
जडेजा और हरविक देसाई की 172 रन की ओपनिंग साझेदारी
दाएं हाथ के ओपनर विश्वराज जडेजा ने शुरू से ही पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने और कप्तान हरविक देसाई ने मिलकर 172 रन की शानदार ओपनिंग पार्टनरशिप की। देसाई के आउट होने के बाद भी जडेजा का तरीका नहीं बदला। उन्होंने प्रेरक मांकड़ के साथ मिलकर एक और शतकीय साझेदारी की, जिससे रन चेज़ पूरी तरह से एकतरफा हो गया।
उन्होंने 127 गेंदों में 165 रन बनाए। इस पारी में उन्होंने 18 चौके और तीन शानदार छक्के लगाए। खास बात यह है कि उन्होंने पूरी पारी में समझदारी से बल्लेबाजी की और कोई भी खराब शॉट नहीं खेला। उनका स्ट्राइक रेट 129 से ज़्यादा था, जो बड़े मैचों में उनके आक्रामक रवैये को दिखाता है।
कप्तान हर्विक देसाई ने लगाया अर्धशतक

292 रनों के टागेट को सौराष्ट ने 39.3 ओवर में 1 विकट खोकर ही चेज कर लिया। कप्तान हर्विक देसाई के रूप में टीम को इकलौता झटका लगा। उन्होंने 9 चौकों की बदौलत 63 गेंदों पर 64 रन बनाए। विश्वराज जडेजा ने 127 गेंदों पर 165 रनों की नाबाद पारी खेली। इस दौरान सलामी बल्लेबाज ने 18 चौके और 3 सिक्स जड़े। प्रेरक मनकड़ 49 गेंदों पर 52 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी में 7 चौके भी लगाए।
विश्वराज जडेजा को एक बार जीवनदान मिला उसके बाद
पारी के दौरान 120 रन पर विश्वराज जडेजा को एक मौका मिला जब डीप में उनका कैच छूट गया। हालाँकि, उसके बाद उन्होंने कोई गलती नहीं की। इसके उलट, उन्होंने अपने खेल को और बेहतर बनाया। पंजाब के गेंदबाजों ने लगातार अपनी लाइन और लेंथ बदली, लेकिन जडेजा हर गेंद का सामना करने में कामयाब रहे।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में विश्वराज जडेजा

यह पारी सिर्फ़ एक मैच की कहानी नहीं है। मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी में विश्वराज जडेजा ने नौ मैचों में 500 से ज़्यादा रन बनाए हैं। इस सीज़न में उन्होंने तीन शतक लगाए हैं और उनका औसत लगभग 67 है। उन्होंने पहले भी गुजरात, दिल्ली और सर्विसेज़ के खिलाफ़ अहम पारियां खेलकर खुद को एक भरोसेमंद बल्लेबाज़ साबित किया है।
फाइनल में सौराष्ट्र की उम्मीदें जडेजा पर टिकीं
इस जीत के साथ, सौराष्ट्र 2022-23 के बाद पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गया है। फाइनल में उनका मुकाबला 18 जनवरी को विदर्भ से होगा। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए, उम्मीद है कि विश्वराज जडेजा एक बार फिर टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेंगे।
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