लंग्स हेल्थ होम रेमेडी:तेज रफ्तार जिंदगी, स्वास्थ्य की अनदेखी और साथ में आसपास में बढ़ता हुआ प्रदूषण, यह सब मिलकर हमारे जीवन शैली को प्रभावित तो कर ही रहे हैं हमारे फेफड़ों को भी कमजोर बना रहे हैं। जी हां, हम सभी ने पिछले कुछ समय में यह नोटिस जरूर किया होगा कि आजकल बार-बार सांसों से जुड़ी बीमारी होना, सीने में जकड़न, थोड़ी सी मेहनत से थक जाना, सांस फूलना यह काफी आम होता जा रहा है। यह संकेत यूँ नहीं मिल रहे हैं। यह संकेत है फेफड़े(lungs) कमजोर होने की निशानी। जी हां प्रदूषण की वजह से अब फेफड़े अतिरिक्त देखभाल की मांग कर रहे हैं।
सबसे अच्छी खबर यह है कि फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं। क्योंकि हमारे रसोई घर में ही आसान इसके इलाज मौजूद हैं। यह इलाज केवल आयुर्वेद एक्सपर्ट द्वारा ही नहीं सुझाए गए बल्कि डॉक्टर भी आजकल इस इलाज की तारीफ कर रहे हैं। यह इलाज आपकी रसोई में मौजूद एक छोटे से मसाले से हो जाता है, जिसे शायद आप रोजाना अपने खाने में इस्तेमाल करते हैं। यही छोटा सा मसाला आपके स्वास्थ्य का आपके लंग्स का रक्षक बन जाता है। जी हां हम बात कर रहे हैं रसोई घर में रखे एक छोटे से लौंग की।
असल मे लौंग अर्थात Clove आखिर है क्या?
लौंग जिसे अंग्रेजी में Clove कहते हैं, यह भारतीय भोजन में खुशबू और स्वाद के संतुलन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आयुर्वेद में इसका महत्व बहुत ज्यादा है। यहां तक की वर्तमान न्यूट्रीशनिस्ट भी लौंग को healthy lungs के लिए बेहद जरूरी बताते हैं। यह हमारी श्वास नलिका को साफ करता है, वहां पनप रहे इन्फ्लेशन को कम करता है और प्रदूषण से होने वाले साइड इफेक्ट से बचाता है।
लौंग फेफड़ों के लिए कैसे फायदेमंद है?
म्यूकस को करे साफ: लौंग में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो फेफड़े और हमारी सांस की नली में फंसे अनचाहे म्यूकस को ढीला कर देते हैं और इसे बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसकी वजह से सांस लेना आसान हो जाता है।
इन्फ्लेमेशन को कम करे: लौंग प्रदूषण की वजह से फेफड़ों की सूजन को ठीक करते हैं, जिससे सांस लेना आसान होने लगता है। लौंग ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारी को भी दूर करने की ताकत रखते हैं।
लंग्स की इम्युनिटी को बढ़ाए: लौंग में प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक तत्व होते हैं जो हमारे फेफड़ों को बाहरी इंफेक्शन से बचाने की क्षमता देते हैं, जिसकी वजह से हमारे शरीर में सांस से जुड़े रोग नहीं होते।
लौंग का उपयोग कैसे करें?
लौंग का उपयोग आमतौर पर रसोई घर में विभिन्न खाद्य पदार्थों में किया जाता है। परंतु यदि आप लौंग का सही उपयोग करना चाहते हैं तो 2 तरीके काफी असरदार है।
- जिसमें सबसे पहले है घर से बाहर निकलते समय एक लौंग मुंह में रखकर बाहर निकलना ताकि धीरे-धीरे इसके गुण हमारे शरीर में पहुंचे और फेफड़ों को इंफेक्शन से बचाएं।
- इसके अलावा दूसरा तरीका है लौंग की चाय बनाकर पीना। आप चाहें तो अपनी रोजाना की चाय में 3 से 4 लौंग डालकर पी सकते हैं। इसके अलावा ग्रीन टी में 3 से 4 लौंग अदरक और शहद् मिलाकर भी इसे पी सकते हैं जिससे सांस से जुड़ी कोई बीमारी नहीं होती।
किसे लौंग का सेवन नहीं करना चाहिए?
लौंग एक प्राकृतिक मसाला है, जो सभी के लिए काफी लाभकारी होता है। परंतु विशेष परिस्थितियों में लौंग का सेवन सही नहीं किया जाता। यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचा देता है जैसे कि,
- गर्भावस्था में लौंग का सेवन नुकसानदायक होता है, यह गर्भाशय में सिकुड़न पैदा करता है।
- स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी लौंग का सेवन नहीं करना चाहिए इससे बच्चों को गैस या पेट दर्द हो सकता है।
- साथ ही ऐसे मरीज ब्लड थिनर मेडिसिन का सेवन कर रहे हैं उन्हें भी लौंग का सेवन नहीं करना चाहिए।
- इसके अलावा लौंग की तासीर गर्म होती है ऐसे में जिन्हें आए दिन पेट में जलन, एसिडिटी की समस्या होती है उन्हें भी लौंग नहीं खानी चाहिए।
कुल मिलाकर लौंग औषधि गुणों से भरपूर है। इसके फायदे भरपूर हैं और नुकसान कुछ भी नहीं। हालांकि विशेष परिस्थितियों से जूझने वालों के अलावा लौंग सभी के लिए काफी फायदेमंद होता है। परंतु कोशिश करें कि दिन में 1 या 2 लौंग से ज्यादा का सेवन न करें। साथ ही लौंग के तेल का भी बिना सलाह उपयोग न करें अन्यथा फायदा कम नुकसान ज्यादा होने लगेंगे।
Read More: आयुर्वेद गुरुकुलम कोर्स: NEET की टेंशन हुई खत्म, अब 10 वीं के बाद BAMS कर बनें आयुर्वेदिक डॉक्टर












