ब्रिटेन में ऋषि सुनक सरकार ने अचानक TikTok पर बैन लगाकर सभी को चौंका दिया है। हालांकि, इसका दायरा अभी केवल मंत्री और अधिकारियों तक ही सीमित रखा गया है। उन्हें TikTok के संबंध में ये कहा गया है कि वे अपने फोन में इस सोशल मीडिया ऐप का इस्तेमाल ना करें।
‘TikTok राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा’
मामले में कैबिनेट ऑफिस मिनिस्टर ओलिवर डाउडेन ने कहा कि कोई भी मंत्री या अधिकारी TikTok ऐप का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। साथ ही इस ऑर्डर को तुरंत ही अमल में लाना होगा। ओलिवर डाउडेन ने बताया कि ये फैसला नेशनल सायबर सिक्योरिटी सेंटर की रिपोर्ट की जांच के बाद लिया गया है। ये TikTok ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा बन सकता है।
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‘पूरे अमेरिका में ऐप होगा बैन’
बता दें कि भारत और ब्रिटेन ही नहीं बल्कि अमेरिका से भी टिकटॉक के लिए बुरी खबर है। जो बाइडेन सरकार भी टिकटॉक पर बैन की पूरी तैयारी कर ली है। केवल इसके लिए लीगल ग्राउंड्स तैयार किए जा रहे हैं। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने पेरेंट कंपनी बाइटडांस को लेकर कहा है कि कंपनी की एक तय और बड़ी हिस्सेदारी किसी अमेरिकी कंपनी को बेची जाए। ऐसा नहीं होने पर पूरे अमेरिका में ऐप को बैन कर दिया जाएगा।
‘पारदर्शी तरीके से काम करती है कंपनी’
वहीं, मामले में चीन ने दावा किया कि अमेरिकी सरकार चीन की कंपनियों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। साथ ही अमेरिका के इस कदम पर बाइटडांस का कहना है कि हमारे 60% शेयर ग्लोबल इन्वेस्टर्स, 20% कर्मचारियों और 20% इसके फाउंडर मेंबर्स के पास हैं। कंपनी पारदर्शी तरीके से काम करती है।
ऐप के अस्तित्व पर ही संकट
गौरतलब है कि भारत में साल 2020 से ही टिकटॉक पर बैन लगा हुआ है। अब चीन के इस सोशल मीडिया ऐप को ब्रिटेन सरकार ने भी बैन कर दिया है। ब्रिटेन की सरकार ने इसे सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना है। इस तरह सररकारों द्वारा ऐप को बैन किए जाने पर ऐप के अस्तित्व पर ही संकट आ खड़ा है।

जानें क्या है खतरा
एक्सपर्ट्स के मुताबिक TikTok समेत बाकी चीनी ऐप्स ये यूजर्स से फोन बुक, लोकेशन, वीडियो, फोटो और गैलरी जैसे कई एक्सेस लेते हैं। फिर ये डेटा भारत के बाहर मौजूद सर्वर पर जाता है। फिर ये डेटा चीनी सरकार तक पहुंच जाता है। भारत में भी इस ऐप को अश्लील कंटेंट को बढ़ावा देने और भारतीयों का डेटा चोरी करने के आरोप के चलते बैन लगाया गया था। इसे भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत बैन किया गया था।
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