चेकपोस्ट से टकराया विस्फोटक से लदा वाहन
नई दिल्ली। पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एक भीषण आतंकी हमले (Terrorist attack in Pakistan) 11 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। इस हमले ने एक बार फिर सुरक्षा हालातों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेना के मुताबिक, बाजौर जिले में आतंकवादियों ने एक संयुक्त सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया। पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को बताया कि उत्तर-पश्चिमी इलाके बाजौर में हुए एक आतंकवादी हमले में ग्यारह सुरक्षा बल के जवान की मौत हो गई। सेना ने बताया कि इस घटना में महिलाओं और बच्चों समेत सात अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
खैबर पख्तूनख्वा के बजौर जिले में आतंकवादियों ने एक संयुक्त सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया। हमलावरों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को चौकी की दीवार से टकरा दिया, जिससे इमारत ढह गई और 11 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पास के नागरिक घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिसके कारण एक मासूम बच्ची की जान चली गई और महिलाओं एवं बच्चों समेत 7 अन्य लोग घायल हो गए।

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान पर हमले का आरोप
पाकिस्तानी इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बताया कि 16 फरवरी को बाजौर जिले में सिक्योरिटी फोर्स और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के जॉइंट चेक पोस्ट पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला करने की कोशिश की।
हमले में 11 पुलिसकर्मियों की मौत
बयान में आगे कहा गया कि सिक्योरिटी फोर्स की जवाबी कार्रवाई और भागते हुए हमलावर पर सटीक हमले के बाद 12 आतंकवादी मारे गए। अपनी हताशा में, हमलावरों ने विस्फोटक से भरी गाड़ी को दीवार से टकरा दिया। धमाके के असर से चेक पोस्ट पर मकान ढह गया, जिसके कारण 11 पुलिसकर्मियों की मौत हो गया।
ISPR ने बताया कि धमाके से इलाके की रिहायशी इमारतें भी प्रभावित हुईं, जिससे एक मासूम लड़की की शहादत हो गई। महिलाओं और बच्चों समेत सात और लोग घायल हो गए।
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सरकार का कड़ा रुख
पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि देश में शांति और स्थिरता को बाधित करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। सरकार ने भी आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। बाजौर में हुए इस हमले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और सुरक्षा बलों को लगातार सतर्क रहना होगा।

