11 अगस्‍त मंगलवार देर रात को एक फेसवुक पोस्‍ट को लेकर पूर्वी बेंगलुरू में दंगों ने दस्‍तक दी, इसी के चलते बेंगलुरु पुलिस द्वारा गोली चलाने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई, मंगलवार रात शहर के कुछ हिस्सों में झड़पें भी हुईं जब एक युवक ने कथित तौर पर अपमानजनक पोस्‍ट फेसबुक नफरत फैलाने के लिए एक पोस्ट की।

अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति, डीजे हल्ली और केजी हल्ली पुलिस स्टेशनों के घर पर पथराव किया गया। कांग्रेस विधायक से जुड़े बताए जा रहे उस युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मरने वाले तीन लोगों में दो की पहचान वाजिद खान (20) और यासीन पाशा (20) के रूप में हुई है। तीसरा व्यक्ति अज्ञात है। बॉरिंग अस्पताल के मुर्दाघर में फिलहाल शव रखे हुए हैं क्योंकि परिवार के सदस्यों को सौंपने से पहले अधिकारी कोविद -19 परीक्षण और पोस्टमार्टम करेंगे।

वहीं खबरों के अनुसार, फेसबुक पोस्ट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भीड़ द्वारा 60 पुलिसकर्मियों को चोटें पहुंचाई गई है। क्योंकि भीड़ ने बोतलें और पत्थर फेंके।

शहर के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने कहा है कि पुलिस ने दंगा करने के आरोप में 165 लोगों को भी हिरासत में लिया है।

शहर के कुछ हिस्सों में भड़की हिंसा के बाद बेंगलुरु में धारा 144 लागू कर दी गई है। राज्य के गृह मंत्री बी बोम्मई ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।

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