महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। अब इस मामले की जांच सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कथित इंटरस्टेट नेटवर्क की जांच के लिए अपनी टीमें चार अलग-अलग राज्यों में भेज दी हैं।
जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था, जिसने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाने की साजिश रची। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मामले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत SIT गठित करने के आदेश दिए। इस विशेष जांच दल की कमान ठाणे के जॉइंट पुलिस कमिश्नर पंजाबराव उगले को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से भी बात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
4 राज्यों में भेजी गई SIT की टीमें
जांच में अब तक मिले सुरागों के आधार पर SIT ने अपनी टीमें चार राज्यों में रवाना की हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में यह मामला एक इंटरस्टेट सिंडिकेट से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी उन राज्यों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, क्योंकि जांच जारी है।
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
- पेपर लीक मामले में अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- पुलिस ने भिवंडी में छापेमारी के दौरान कथित तौर पर प्रश्नपत्र की कॉपियां बरामद की थीं।
- इसके बाद 28 जून को होने वाली महाराष्ट्र TET परीक्षा को स्थगित कर दिया गया।
- जांच एजेंसियां अब मुख्य साजिशकर्ताओं और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं।
लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ा असर
महाराष्ट्र TET परीक्षा स्थगित होने से राज्यभर के लाखों अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन पेपर लीक की पुष्टि के बाद सरकार ने परीक्षा टालने का फैसला लिया।
अब अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तिथि का इंतजार है, जिसे महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) जल्द घोषित कर सकती है।
सरकार का साफ संदेश
राज्य सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







