लखनऊ में पत्नी की हत्या कर शव गोमती नदी में फेंकने के आरोप में पति और उसकी गर्लफ्रेंड गिरफ्तार। पुलिस के अनुसार, दोनों ने अफेयर छिपाने के लिए हत्या की साजिश रची और बाद में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कैब ड्राइवर पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर पत्नी की हत्या करने और शव को गोमती नदी में फेंकने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी उमेंद्र प्रताप सिंह और उसकी कथित गर्लफ्रेंड आरती वर्मा ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पत्नी को दोनों के अफेयर की जानकारी हो गई थी और वह इसका लगातार विरोध कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, उमेंद्र प्रताप सिंह पेशे से कैब ड्राइवर है। करीब सात महीने पहले उसकी मुलाकात कॉल सेंटर में काम करने वाली आरती वर्मा से हुई थी, जब उसने कैब बुक की थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया।
जांच में पता चला कि उमेंद्र की पत्नी अंजलि सिंह को दोनों के रिश्ते की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद घर में अक्सर झगड़े होने लगे। पुलिस का दावा है कि इन्हीं विवादों के चलते उमेंद्र और आरती ने अंजलि की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पहले अंजलि का मुंह दबाया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को एक कंबल में लपेटा गया और कार में रखकर गोमती नदी के किनारे ले जाया गया, जहां उसे नदी में फेंक दिया गया।
वारदात के बाद उमेंद्र ने खुद पुलिस के पास जाकर पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी घर से लापता हो गई है। हालांकि, 31 जुलाई को गोमती नदी से एक महिला का शव बरामद हुआ। बाद में परिजनों ने उसकी पहचान अंजलि सिंह के रूप में की। इसके बाद अंजलि के भाई की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस का कहना है कि उमेंद्र ने घर से करीब ₹10 लाख के गहने निकालकर आरती वर्मा को दे दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि पुलिस को लगे कि अंजलि घर छोड़कर अपने गहनों के साथ चली गई है।
जांच के दौरान पुलिस ने:
बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उमेंद्र ने स्वीकार किया कि पत्नी के साथ लगातार हो रहे विवाद और अपने प्रेम संबंध के कारण उसने आरती के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। हालांकि, आरोपी के इस कथित बयान की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पुलिस ने बताया कि उमेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ साल 2020 में हरदोई जिले में एक आपराधिक मामला दर्ज हो चुका है। अब पुलिस अन्य जिलों में भी उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी सबूत जुटाने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगी।
नोट: यह मामला फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया में है। आरोप पुलिस के दावों पर आधारित हैं और अंतिम फैसला अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कैब ड्राइवर पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर पत्नी की हत्या करने और शव को गोमती नदी में फेंकने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी उमेंद्र प्रताप सिंह और उसकी कथित गर्लफ्रेंड आरती वर्मा ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पत्नी को दोनों के अफेयर की जानकारी हो गई थी और वह इसका लगातार विरोध कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, उमेंद्र प्रताप सिंह पेशे से कैब ड्राइवर है। करीब सात महीने पहले उसकी मुलाकात कॉल सेंटर में काम करने वाली आरती वर्मा से हुई थी, जब उसने कैब बुक की थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया।
जांच में पता चला कि उमेंद्र की पत्नी अंजलि सिंह को दोनों के रिश्ते की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद घर में अक्सर झगड़े होने लगे। पुलिस का दावा है कि इन्हीं विवादों के चलते उमेंद्र और आरती ने अंजलि की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पहले अंजलि का मुंह दबाया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को एक कंबल में लपेटा गया और कार में रखकर गोमती नदी के किनारे ले जाया गया, जहां उसे नदी में फेंक दिया गया।
वारदात के बाद उमेंद्र ने खुद पुलिस के पास जाकर पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी घर से लापता हो गई है। हालांकि, 31 जुलाई को गोमती नदी से एक महिला का शव बरामद हुआ। बाद में परिजनों ने उसकी पहचान अंजलि सिंह के रूप में की। इसके बाद अंजलि के भाई की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस का कहना है कि उमेंद्र ने घर से करीब ₹10 लाख के गहने निकालकर आरती वर्मा को दे दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि पुलिस को लगे कि अंजलि घर छोड़कर अपने गहनों के साथ चली गई है।
जांच के दौरान पुलिस ने:
बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उमेंद्र ने स्वीकार किया कि पत्नी के साथ लगातार हो रहे विवाद और अपने प्रेम संबंध के कारण उसने आरती के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। हालांकि, आरोपी के इस कथित बयान की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पुलिस ने बताया कि उमेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ साल 2020 में हरदोई जिले में एक आपराधिक मामला दर्ज हो चुका है। अब पुलिस अन्य जिलों में भी उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी सबूत जुटाने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगी।
नोट: यह मामला फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया में है। आरोप पुलिस के दावों पर आधारित हैं और अंतिम फैसला अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।