दरअसल शिवराज सरकार ने आबकारी एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी है। मप्र में जहरीली शराब से बार बार होने वाली मौतों के मद्देनजर यह फैसला लिया है। नए बिल को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। साथ ही गिरफ्तारी होने पर आरोपी की जमानत भी नहीं हो सकेगी। इस बार अपराध का गैरजमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
गौरतलब है कि मप्र की शिवराज सरकार पूरे प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद सख्त है और पूरे प्रदेश में रोजाना शराब की अवैध तस्करी करने वाले लोगों की धरपकड़ की जा रही है। बताया जा रहा है कि वाणिज्यिक कर विभाग ने आबकारी एक्ट को लेकर नया प्रस्ताव तैयार किया है। वर्तमान में अवैध शराब की खरीद-फरोख्त पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
जहरीली शराब मिलने पर भी सजा :
इसके अलावा यदि किसी के पास जहरीली या अनुपयोगी शराब पाई जाती है तो पहली बार पकड़े जाने पर 6 माह से 6 साल तक की सजा और 1 लाख का जुर्माना हो सकता है और यदि कोई दूसरी बार पकड़ृा जाता है तो 5 साल से 10 साल की सजा का प्रावधान किया गय है। साथ ही 5 लाख जुर्माने का भी प्रावधान है।
आबकारी एक्ट में किए जा रहे हैं ये चार संशोधन :
आबकारी एक्ट में चार संशोधन किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
1. धारा 49 (ए) : शराब में किसी ऐसी चीज को मिलाना जिससे किसी की मृत्यु हाे जाए या शरीर को नुकसान हो। ऐसे अपराध में पहली बार पकड़े जाने पर 10 साल से उम्रकैद तक की सजा। वर्तमान में ऐसे अपराध में पकड़े जाने पर 2 साल से 10 साल तक की सजा है। यदि दूसरी बार ऐसे अपराध में संलिप्तता पाई जाती है तो उम्र कैद से लेकर मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही कम से कम 25 लाख रुपए जुर्माना भी किया जा सकता है। वर्तमान में ऐसे अपराध में 5 साल से 10 साल तक की सजा हो सकती है।
2. धारा 40 (ए) : यदि आबकारी अधिकारी पर काम के दौरान हमला होता है तो 3 साल की सजा और 3 हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है। यह अपराध गैर जमानती होगा और आरोपी की गिरफ्तारी भी हो सकेगी। वर्तमान में ऐसे अपराध में 2 साल की सजा और 2 हजार रुपए जुर्माना की सजा है।
3. धारा 38 (ए) : शराब में मिलावट करने पर अभी 300 से 2 हजार रुपए तक का जुर्माना है। इसे बढ़ाकर 3 हजार से 2 लाख रुपए तक किया जा रहा है।
4. धारा 37 : जिन आबकारी अपराधों में वर्तमान में किसी सजा का प्रावधान नहीं है। वह सभी अपराध इसी श्रेणी में आएंगे। वर्तमान में ऐसे अपराधों पर 1 हजार रुपए जुर्माना है, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपए तक किया जा रहा है।
अवैध तस्करों पर लगाम लगाने होगी दूसरे राज्यों से बात :
इसके पहले मंगलवार सुबह हुई पत्रकार वार्ता में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी दी कि सरकार कैबिनेट में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की तैयारी में है। गृहमंत्री की मानें तो अवैध शराब के खिलाफ इसी सत्र में बिल विधानसभा में लाया जाएगा। इस दौरान दूसरे राज्यों से आ रही अवैध शराब की रोकथाम के लिए भी संबंधित राज्यों से मध्यप्रदेश सरकार बात करेगी।
नियम विरुद्ध काम करने वाली कंपनी पर भी कार्रवाई :
विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकार आबकारी अधिनियम 1915 में कई बदलाव करने की तैयारी में है। आबकारी संशोधन विधेयक 2021 के पास होते ही तस्करी के मामले में सजा बढ़ाने की बात कही गई है। साथ ही गृहमंत्री ने इस बात का भी इशारा किया कि शराब बनाने वाली जो भी कंपनी नियम विरुद्ध काम करेगी उस पर भी सख्त कार्यवाई की जाएगी।
जहरीली शराब ने 15 महीने में उजाड़ दिए 53 परिवार :
जहरीली शराब के कारण पिछले 15 महीने में 53 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में सीएम शिवराज कई बार अवैध शराब के कारोबारियों पर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
प्रदेश में अवैध शराब के कारण लोगों की हुई मौतों पर एक नजर
1. 2 मई 2020 को रतलाम में चार लोगों की जान गई।
2. 6 सितंबर 2020 को रतलाम में दो लोगों ने दम तोड़ा।
3. 15 अक्टूबर 2020 को उज्जैन में 14 लोगों की माैत।
4. 7 जनवरी को खरगोन में दो लोगों की मौत।
5. 11 जनवरी को मुरैना में 26 लोगों की मौत।
6. 25 जुलाई को मंदसौर में 5 लोगों की जान गई।
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