क्यों बदला गया कंपनी का नाम ?
फेसबुक कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग लंबे समय से अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की दोबारा ब्रान्डिंग करने का सोच रहे थे क्योंकि वे इसको एक दम अलग पहचान देना चाहते हैं, उन्होंनें सम्मेलन के दौरान बताया कि वह चाहते हैं फेसबुक को सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर ना देखा जाए। अब आगे बढ़ते हुए इंटरनेट जगत में फेसबुक का नाम बदलकर ‘मेटा’ किया गया है।
कंपनी अब एक मेटावर्स बनाने पर फोकस करना चाहती है मार्क जुकरबर्ग ने बताया कि इससे एक वर्चुअल दुनिया का आगाज होगा जहां पर ट्रांसफर और कम्यूनिकेशन के लिए अलग-अलग टूल का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसकी शुरूआत नए सिरे से होगी इस लिए फेसबुक का नाम बदलने की जरूरत पड़ी।
आपके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका क्या असर होगा
आपको बता दें फेसबुक के नाम में जो बदलाव किया गया है वो पेरेंट कंपनी बनाने के लिए है यानि फेसबुक का बतौर कंपनी नाम बदलकर मेटा किया गया है, इसके नीचे, बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप को इन्हीं नामों से जाना जाएगा। यानी नाम बदलने से यूजर्स पर सीधे तौर पर कोई असर नहीं होगा।
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