आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
India AI Impact Summit 2026: India AI Impact Summit दुनिया का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन बन गया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि उद्यम पूंजीपतियों ने भारतीय स्टार्टअप में 17 अरब डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के एक पुरस्कार समारोह के दौरान वैष्णव ने कहा कि यह अब विश्व स्तर पर सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन बन गया है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “मैं आपके साथ दो बातें साझा करना चाहता हूं। यह एआई शिखर सम्मेलन अब दुनिया का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन बन गया है। भारत में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 200 अरब डॉलर का निवेश आ रहा है और आप जैसे स्टार्टअप के लिए उद्यम पूंजीपतियों ने 17 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।” इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्यमंत्री जितिन प्रसाद भी इस अवसर पर मौजूद थे।

जल्दी ही भारत 20,000 अतिरिक्त जीपीयू जोड़ेगा
आने वाले हफ्तों में भारत 20,000 अतिरिक्त जीपीयू जोड़कर अपनी कंप्यूट क्षमता को मौजूदा 38,000 जीपीयू से आगे बढ़ाएगा। अश्विनी वैष्णव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह भारत की एआई रणनीति के अगले चरण की शुरुआत है, जिसमें विशेष रुप से कंप्यूट अवसंरचना के व्यापक विस्तार और जिम्मेदार एआई के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। समिट में अश्विनी वैष्णव ने दोहराया कि एआई से सभी को लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार एआई के विकास तथा स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में उसके व्यापक उपयोग पर ध्यान बना हुआ है।
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अगले दो सालों में 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश आने की संभावना
उन्होंने निवेश के अवसरों के प्रति आशा व्यक्त करते हुए कहा कि अगले दो सालों में 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश आने की संभावना है। उन्होंने डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए वेंचर कैपिटल फर्मों की प्रतिबद्धता पर गौर करते हुए कहा कि एआई स्टैक की पांचों परतों में निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि वेंचर कैपिटल फर्में और अन्य निवेशक बड़े समाधानों तथा प्रमुख अनुप्रयोगों के लिए भी धनराशि प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तीन साल पहले शुरू किया गया फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम अब एआई-आधारित पुनःकौशल के लिए लागू किया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय और एआईसीटीई पाठ्यक्रमों को संशोधित करने पर काम कर रहे हैं, ताकि प्रतिभाएं अद्यतन रहे और युवा पीढ़ी नई अवसरों के लिए चाक-चौबंद रहे।
PM बोले- 2047 तक भारत को AI सुपरपावर बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत AI का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनेगा। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि AI नौकरियां छीनेगा नहीं, बल्कि नई नौकरी पैदा करेगा। पीएम ने कहा की उनका लक्ष्य 2047 तक भारत को टॉप-3 AI सुपरपावर बनाना है। दरअसल, नई दिल्ली में 16 फरवरी से दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया।












