3 दशकों से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे जीआरपी के जवानों को आज तक प्रमोशन नहीं मिल सका है। अन्य जिलों और थानों में तैनात जवानों को 10 साल की सर्विस के बाद प्रमोशन मिल चुका है, लेकिन 30 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी जीआरपी जवानाें को प्रमोशन नहीं मिला है। इस तरह से बेहतर सेवाएं देने के बाद भी जब जवानों को प्रमोशन नहीं मिल रहा है, तो जवानों का हौसला टूटने लगा है।

विवेचना अधिकारी के पद पर किया जा सकता है प्रमोशन : 
जीआरपी की स्थापना के बाद से ही स्टेशनों पर यात्रियों और ट्रेनों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। इसके कारण जीआरपी जवानाें पर लोगों की सुरक्षा और उनके सामान की सुरक्षा का दबाव भी बढ़ा है। यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से घटनाओं, दुर्घटनाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। इस कारण अक्सर विवेचना अधिकारी के पद की कमी विभाग में महसूस की जाती है। ऐसे में 30 साल की सेवाएं पूर्ण कर चुके जवानों को विवेचना अधिकारी का पद बनाकर उस पर प्रमोशन दिया जा सकता है। 

प्रमोशन से बढ़ेगा हौसला, शासन पर नहीं आएगा आर्थिक भार : 
3 दशक की सेवाएं पूर्ण कर चुके जवान समय मान वेतनमान के अनुसार ही वेतन प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि प्रमोशन के लिए पद ही न होने के कारण जीआरपी के जवानों को उसी पद पर रहकर काम करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि शासन द्वारा किसी वरिष्ठ पद या विवेचना अधिकारी के पद का सृजन किया जाता है, तो जवानों को प्रमोशन भी मिल जाएगा। और शासन पर किसी तरह का विभागीय आर्थिक भार भी नहीं आएगा। साथ ही इस तरह से जवानों को प्रमोशन देने से जवानों का हाैसला भी बढ़ेगा। 

समाज और परिवार में भी मिलेगा सम्मान :    

जीआरपी के जवानों की मानें तो प्रमोशन मिलने से जवानों का समाज के साथ साथ परिवार में भी आत्मसम्मान बढ़ेगा। उम्र के इस पड़ाव में अगर पदोन्नति मिलती है, तो वे समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने का प्रयास करेंगे। साथ ही गुजरे समय में प्रमोशन न मिलने के कारण उनके मन में जो पीड़ा है। उसका भी पूरी तरह से निदान हो जाएगा।