बीते कुछ दिनों में सामने आए ब्लैक और व्हाइट फंगस के मामलों के बीच अब Yellow Fungus के कुछ मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पीले फंगस Yellow Fungus का पहला मामला सामने आया है। साथ ही विशेषज्ञों ने यह बताया है कि पीला फंगस, ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस दोनों से खतरनाक है।

बीते कुछ दिनों में सामने आए ब्लैक और व्हाइट फंगस के मामलों के बीच अब Yellow Fungus के कुछ मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पीले फंगस Yellow Fungus का पहला मामला सामने आया है। साथ ही विशेषज्ञों ने यह बताया है कि पीला फंगस, ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस दोनों से खतरनाक है।
Yellow Fungus के लक्षण में सुस्ती, कम भूख लगना, या बिल्कुल भी भूख न लगना और वजन में अचानक कमी होना बताया गया है। गंभीर मामलों में, Yellow Fungus मवाद के रिसाव, घावों का बहुत धीमी गति से भरना, कुपोषण और धँसी हुई आँखों का कारण बन सकता है। साथ ही आंतरिक रूप से शुरू होती है और इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप किसी भी लक्षण को देखते ही चिकित्सा उपचार की तलाश करें।
पीले फंगस का संक्रमण मुख्य रूप से खराब स्वच्छता के कारण होता है। अपने घर और वातावरण के आस-पास के काफी दिन से पड़े कचरे को साफ करना बहुत जरूरी है। यहां से निकले बैक्टीरिया भी पीले फंगस का कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों द्वारा इसका एक और कारण बताया जा रहा है जिसमें घर की नमी भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बहुत अधिक नमी बैक्टीरिया और फंगस के विकास को बढ़ावा दे सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में, पीले फंगस का पहला केस सोमवार (24 मई, 2021) को देखा गया है और पीला कवक कथित तौर पर काले और सफेद कवक से अधिक खतरनाक है। इसलिए इसमें अधिक सवाधानी बरतने का कहा गया है।
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