- बच्ची समेत 8 घायल
ग्वालियर। ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह मंदिर (Navgrah Temple ) के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कलश यात्रा शुरू होने से पहले भगदड़ मच गई। इसमें 70 वर्षीय महिला रति साहू की मौत हो गई। साथ ही बच्ची समेत 8 लोग घायल हो गए हैं। भगदड़ तब मची जब यात्रा से पहले कलश वितरण किया जा रहा था। बता दें कि कलश जल्दी और पहले पाने की होड़ में भीड़ बढ़ गई और भगदड़ (Navgrah Temple Stampede) मच गई। गंभीर रूप से घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया है। परिजन ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
वहीं मृतक महिला की बहू ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने अचानक गेट खोल दिया, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। भीड़ सास को कुचलते निकल गई। सास को अस्पताल लेकर गए, तो डॉक्टर्स ने लापरवाही बरती। सास 30 मिनट तक अस्पताल में तड़ती रही।

पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा करा रहे थे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन
जानकारी के मुताबिक पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा नवग्रह मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का आयोजन करा रहे थे और इस कलश स्थापना समारोह में मची भगदड़ ने प्रशासन व्यवस्था की पोल खोल दी है। मंगलवार से 20 फरवरी तक नवग्रह पीठ पर होना है प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम, जिसके तहत आज पहला दिन था।
जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के डबरा में काफी संख्या में कलश यात्रा का आयोजन किया गया था जिसके पहले ही दिन भगदड़ मचा है। घायलों से मिलने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंची हैं। कलेक्टर ने एक श्रद्धालु की मौत और एक बच्ची सहित सात श्रद्धालुओं के घायल होने की पुष्टि की है।
Read Also- दुनिया में यहां होता है दालों का सबसे ज्यादा उत्पादन, जानें भारत किस नंबर पर?
काफी संख्या में महिलाओं ने इसमें लिया था हिस्सा
महिलाओं में कलश यात्रा को लेकर सुबह से ही उत्साह देखा जा रहा था और काफी संख्या में महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया था। महिलाओं का अति उत्साह ही हादसे की वजह बताया जा रही है। हादसे में घायल बच्ची प्राची की मां आरती ने बताया, भीड़ का धक्का लगने से हम सब गिर गए थे, स्थानीय लोगों ने हमें बचाया।
एशिया का सबसे बड़ा और अद्भुत नवग्रह मंदिर डबरा में बना
एशिया का सबसे बड़ा और अद्भुत नवग्रह मंदिर ग्वालियर के डबरा में बना है। इसे अद्भुत इसलिए कहा जा रहा है कि एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां नवग्रह के साथ उनकी पत्नियां भी विराजमान हैं। 12 एकड़ जमीन पर सिर्फ मंदिर बना है।
यह मंदिर सनातन धर्म परंपरा, वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र आधार पर 108 खंभों पर स्थापित किया है। हिंदू धर्म में 108 अंक का विशेष महत्व है। 27 तारामंडल, जिनको नक्षत्र भी कहा जाता है। हर नक्षत्र की चार-चार दिशाएं होती हैं, जिनका योग 108 होता है।
बहुत अध्ययन के बाद की गई मंदिर में नवग्रह की स्थापना
मंदिर में नवग्रह की स्थापना बहुत अध्ययन के बाद की गई है। हर मंदिर और ग्रह को ऐसे स्थान दिया है कि कभी वह एक-दूसरे के सामने न आ सके। सूर्य मंदिर की स्थापना के साथ उनके तेज को नियंत्रित करने पानी का तालाब, नालियां व झरोखे बनाए गए हैं। मेरी बेटी इस घटना में घायल हुई है, उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज चल रहा है। कई लोग घायल हैं और सभी अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे के बाद चारों तरफ चीख पुकार मच गई।

