नेता प्रतिपक्ष ने कहा- सरकार और अदाणी के बीच समझौता, मंत्री विजयवर्गीय बोले- औकात में रहो
भोपाल । MP Budget Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथे दिन विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हुई। चर्चा के दौरान सिंघार ने सरकार और अदाणी के बीच समझौते का मुद्दा उठाया।
जब नेता प्रतिपक्ष अपना संबोधन दे रहे थे और यह कह रहे थे कि अदाणी को बिजली खरीदने के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे, तब मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इसका सबूत दें। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनके पास सबूत है और वे दिखा देंगे। इसी दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई और बहस शुरू हो गई। बहस के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से औकात में रहने को कहा, जिसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया।

कार्यवाही शुरू होने से पहले हुआ प्रदर्शन
कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे “ख्याली पुलाव” करार दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा। हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अगले प्रश्न के लिए कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती का नाम पुकारा, लेकिन शोर-शराबे के कारण वे सवाल नहीं रख सके। इसके बाद फुंदेलाल मार्को को बुलाया गया, मगर हंगामा जारी रहा। स्थिति न संभलने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। इस बीच कांग्रेस विधायक गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करते रहे।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की घटना को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए संबंधित मंत्री (मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव) के इस्तीफे की मांग की।

भागीरथपुरा मौत कांड पर विपक्ष का हंगामा
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्रियों के इस्तीफे की मांग उठाई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए ऐसी चर्चा से न्यायालय की अवमानना की स्थिति बन सकती है।
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने सुझाव दिया कि सदन में बहस के बजाय संबंधित मंत्री से अलग बैठक कर चर्चा करना बेहतर होगा। पूर्व अध्यक्ष सीता शरण शर्मा ने भी कहा कि अदालत में मामला होने से सदन में चर्चा उचित नहीं।
जवाब में डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। इस पर सिंघार ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित भी किया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया। विवाद बढ़ने पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सरकार का पक्ष रखा, लेकिन इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच सदन में जोरदार हंगामा जारी रहा।
विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही
पहला दिन: हंगामेदार शुरुआत
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से हंगामेदार शुरुआत हुई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दूसरा दिन: अनुपूरक बजट…पानी, कफ-सिरप पर हंगामा
विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट 19 हजार 287 करोड़ 32 लाख रुपए का है, जिस पर 23 फरवरी को चर्चा होगी। इसके साथ ही सदन में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया गया।
तीसरा दिन: 8वीं तक टेट्रा पैक दूध फ्री…15,000 शिक्षकों की भर्ती
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 का ये बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का है। देवड़ा ने करीब 1 घंटे 30 मिनट का बजट भाषण दिया।
6 मार्च तक चलेगा सत्र
सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे।
कांग्रेस MLA बोले- नेता प्रतिपक्ष को मारने की कोशिश
सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष को मारने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि एक आदिवासी नेता का अपमान किया गया है और उनकी औकात पर टिप्पणी की गई है। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि जब तक संसदीय कार्य मंत्री माफी नहीं मांगेंगे, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इसके बाद सभापति अजय बिश्नोई ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने के बजाय 15 मिनट के लिए फिर से स्थगित कर दी।
विधानसभा की कार्यवाही आज 6 बार स्थगित
10 मिनट के स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की जगह सभापति अजय बिश्नोई ने कार्यवाही शुरू कराई।
इस पर सत्ता पक्ष के मंत्री, विधायक और विपक्ष के नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए फिर से स्थगित कर दी।
कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामे की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सत्ता पक्ष के विधायक भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए। हंगामा नहीं रुका तो अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
अदाणी का नाम लेने पर मंत्री ने जताई आपत्ति
चर्चा के दौरान सिंघार ने सरकार और अदाणी के बीच समझौते का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस परंपरा का पालन करने के निर्देश दिए।
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष गलत जानकारी दे रहे हैं। इस पर उमंग सिंघार ने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ करते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रमाण दे सकते हैं। दोनों नेताओं के बीच बहस तेज होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक भी खड़े हो गए। सदन में कुछ समय तक हंगामा होता रहा और कार्यवाही प्रभावित हुई।
राज्यपाल अभिभाषण चर्चा में बेरोजगारी, बिजली और समझौते पर विवाद
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हुई। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने हंगामा किया। उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में 22 लाख युवा बेरोजगार हैं। सरकार ने एक लाख नौकरियों की बात कही है, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों को मूंग और मक्का का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है और उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की बात हो रही है, लेकिन 13 प्रतिशत ही दिया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि 369 सीएम राइज स्कूल के अलावा कितने नए स्कूल खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि पुराने स्कूलों के नाम बदलकर नए काम दिखाए जा रहे हैं।
उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश के लोग महंगी बिजली दे रहे हैं, जबकि बाहर बिजली बेची जा रही है। उन्होंने बालाघाट का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के दावे के बावजूद वहां घटनाएं हो रही हैं।

