मत्स्य पालन से लेकर प्राकृतिक खेती तक योजनाएं
Madhya Pradesh Budget 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट (MP Budget 2026) पेश किया। डॉ. मोहन यादव सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट महिला, युवा, किसान और गरीब को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। एमपी बजट 2026 में किसानों के लिए कई बड़े और अहम फैसले किए गए हैं।
सरकार ने पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये और सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। इसके अलावा 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही सरकाक ने साल 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित करते हुए 1 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया गया है।

खेती-किसानी को प्राथमिकता
इस बार एमपी बजट 2026 में सरकार ने खेती-किसानी को प्राथमिकता देते हुए बीमा, प्रोत्साहन राशि, किसान कल्याण और प्राकृतिक खेती जैसे अहम मुद्दों पर बड़ा फोकस किया है। करोड़ों रुपये के प्रावधान और 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित करने का फैसला यह संकेत देता है कि सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत आधार देना चाहती है।
फसल नुकसान की भरपाई से लेकर आय बढ़ाने की योजनाओं तक, बजट में ऐसे कदम शामिल किए गए हैं, जो छोटे और मध्यम किसानों के लिए राहत साबित हो सकते हैं। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर खेती की लागत घटाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी पहल की गई है।
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पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये
पीएम फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका फायदा उन किसानों को मिलेगा जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा या मौसम खराब होने से खराब हो जाती है। इससे किसानों को नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।
सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये
सीएम कृषक उन्नति योजना (CM Krishak Unnati Yojana) के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस योजना का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इससे खेती में आधुनिक संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा।
मत्स्य पालन के लिए 412 करोड़ का फंड
सरकार ने नीली क्रांति को रफ्तार देने के लिए मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में 412 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया है। इस पहल से मछुआरों और मत्स्य पालकों की आय में बढ़ोतरी होगी, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र का योगदान भी और मजबूत होगा।
337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि
सरकार 6.69 लाख किसानों को कुल 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी। यह राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी। इससे छोटे और मध्यम किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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वर्ष 2026 ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित
सरकार ने साल 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसका उद्देश्य पूरे साल किसानों के हित में नई योजनाएं और कार्यक्रम लागू करना है। इससे खेती को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश मिला है।
1 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य
राज्य में 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होगी और खेती पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। साथ ही किसानों की लागत भी घटेगी।
एमपी बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की कोशिश दिखाई दे रही है। बीमा, प्रोत्साहन राशि और प्राकृतिक खेती जैसे कदम किसानों को राहत देने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। अब देखना होगा कि इन घोषणाओं का फायदा जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से पहुंचता है।

