भोपाल में ₹918 और इंदौर में ₹941 में मिलेगा
भोपाल। केंद्र सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत (Cylinder Price) 60 रुपए बढ़ा दी है। 19 kg वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। मध्य प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में LPG सिलेंडर अब 918 रुपए, इंदौर में 941 रुपए, ग्वालियर में 996 रुपए, जबलपुर में 919 रुपए और उज्जैन में 972 रुपए में मिलेगा।
सबसे महंगा घरेलू गैस नर्मदापुरम में 1035 रुपए में मिलेगा। इससे पहले, घरेलू LPG सिलेंडर के रेट 8 अप्रैल, 2025 को बढ़ाए गए थे। हालांकि, 8 मार्च, 2024 को महिला दिवस पर केंद्र सरकार ने भी कीमत में ₹100 की कमी की थी।
इस महीने कमर्शियल गैस के रेट बढ़ाए गए
इससे पहले, 1 मार्च, 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम ₹31 बढ़ाए गए थे। अब, घरेलू गैस सिलेंडर के रेट भी बढ़ गए हैं। सरकार ने LPG गैस सिलेंडर के दाम ऐसे समय में बढ़ाए हैं जब अमेरिका-इज़राइल और ईरान युद्धों के कारण देश में गैस की कमी का डर है।

कमी रोकने के लिए LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश
5 मार्च को, केंद्र सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी तेल रिफाइनरियों को LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश दिया। सरकार ने यह आदेश इस खतरे के जवाब में जारी किया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इसमें कहा गया है कि रिफाइनरियां अब कुकिंग गैस प्रोडक्शन के लिए सिर्फ प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल करेंगी।
सभी कंपनियों को सरकारी तेल कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन सप्लाई करना ज़रूरी होगा। इनमें इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल हैं। इसका मकसद कस्टमर्स को गैस सिलेंडर की बिना रुकावट सप्लाई पक्का करना है।
उज्ज्वला योजना की सब्सिडी जारी रहेगी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 14.2 kg के सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी मिलती रहेगी, जो साल में 12 बार दी जाती है। यह स्कीम देश के कम इनकम वाले परिवारों के लिए है और इसमें 100 मिलियन से ज़्यादा परिवार शामिल हैं।
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एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट 1955 क्या है?
सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट 1955 (ESMA) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके यह ऑर्डर जारी किया। इससे पहले, सरकार ने यूक्रेन युद्ध के बाद तेल सेक्टर में ESMA नियम लागू किए थे।
फिर रिफाइनिंग कंपनियों को देश में फ्यूल की कमी को रोकने और एक्सपोर्ट करने से बचने का निर्देश दिया गया, क्योंकि उस समय ज़्यादा मार्जिन के कारण विदेश में तेल बेचना बहुत फ़ायदेमंद हो गया था।
गैस सिलेंडर की कीमत कैसे तय होती है?
तेल कंपनियां हर महीने LPG के लिए पिछले महीने की इंटरनेशनल कीमतों, एक्सचेंज रेट और दूसरी लागतों के आधार पर एक बेस प्राइस तय करती हैं। फिर रिटेल कीमत तय करने के लिए टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और डीलर कमीशन जोड़े जाते हैं। सरकार सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए अंतर को कवर करती है, जबकि उपभोक्ता बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए पूरी कीमत का भुगतान करते हैं।

