गणतंत्र दिवस 2021 की सारी तैयारीयां हो चुकी हैं लेकिन इस बार का गणतंण दिवस अपने 72 साल के इतिहास में सबसे अलग होने वाला है, इसके पीछे की वजह चल रही कोरोना महामारी है। हालांकि भारत वार्षिक परेड के दौरान अपनी सैन्य शक्ति प्रदर्शित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन लोगों की संख्या उतनी मात्रा में नहीं दिखाई जितना हर साल दिखाई देती है।

गणतंत्र दिवस 2021 की सारी तैयारीयां हो चुकी हैं लेकिन इस बार का गणतंण दिवस अपने 72 साल के इतिहास में सबसे अलग होने वाला है, इसके पीछे की वजह चल रही कोरोना महामारी है। हालांकि भारत वार्षिक परेड के दौरान अपनी सैन्य शक्ति प्रदर्शित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन लोगों की संख्या उतनी मात्रा में नहीं दिखाई जितना हर साल दिखाई देती है।
कम लोगों के बीच मनाया जा रहा इस साल का गणगंत्र दिवस कुछ अनौखी चीजें भी लेकर आ रहा है। आइए जानते इस नए गणतंत्र दिवस के मौके पर क्या नया होगा।
भारत के 50 से अधिक वर्षों के इतिहास में पहली बार मुख्य अतिथि के बिना यह पहली गणतंत्र दिवस परेड होगी। पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस साल गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि होने वाले थे लेकिन यूनाइटेड किंगडम में कोरोना मामलों के चलते उन्हें अपनी यात्रा रद्द कर करनी पड़ी।

भारत राफेल विमान के साथ अपना पहला गणतंत्र दिवस मनाने वाला है, भारतीय वायु सेना के अनुसार, नवगठित राफेल लड़ाकू विमान गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगे और 'वर्टिकल चार्ली' के गठन के लिए फ्लाईपास्ट का समापन करेंगे।

कोरोना महामारी के चलते इस साल के गणतंत्र दिवस पर 3 से 15 साल के बच्चों को भाग लेने की पर्मीशन नहीं दी गई है।

कोरोना वायरस इस बहुत ज्यादा बदलाव लेके आना वाला है, दर्शक विभिन्न नई चीजों को देखेंगे। जवान मास्क पहने नजर आएंगे। समारोहों को देखने आने वाले लोगों के लिए सामाजिक-विघटन होगा, गणतंत्र दिवस में भाग लेने वाले लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ परेड में भाग लेने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनेंगी। 28 वर्षीय भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की झांकी का एक हिस्सा होगीं।

निर्धारित रैली में हिस्सा लेने के लिए देशभर के किसान दिल्ली की ओर मार्च कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के ट्रैक्टर टिकरी बॉर्डर पर पहुंच गए हैं क्योंकि किसान लगभग दो महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा है कि ट्रैक्टर परेड शांतिपूर्ण रहेगी और आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड को प्रभावित नहीं करेगी।

गणतंत्र दिवस के इतिहास में पहली बार उत्तर प्रदेश की झांकी में अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिकृति होगी, जो वर्तमान में निर्माणाधीन है। यह मंदिर शहर से संबंधित संस्कृति, परंपरा और कला को भी प्रदर्शित करेगा।

पिछले साल की तुलना में इस साल लोगों की संख्या में भारी मात्रा में कटौती की गई है, खबरों की माने तो इस साल सिर्फ 25,000 लोग ही गणतंत्र दिवस का हिस्सा होगें जबकि पिछले साल यह संया 150,000 थी।

कोरोना वायरस को देखते हुए इस कोई भी बाइक स्टंड नहीं दिखाई देगा जो हर साल 'गणतंत्र दिवस समारोह' में दर्शकों को काफी आकर्षित करता था।
