पृथ्वी की ऑर्बिट पर दिन प्रतिदिन सैटेलाइट की संख्य बढती जा रही है। ये सैटेलाइट पृथ्वी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने में मदद करते हैं, जिससे कि कई आपदाओ से बचाव के लिए तैयारी की जा सके। इन सैटेलाइट की मदद से कई बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।...

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भारती समर्थित वनवेब, लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) उपग्रह संचार कंपनी ने शुक्रवार (10 मार्च) को फ्लोरिडा में केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से SpaceX द्वारा लॉन्च किया गया। लांच के बाद सैटेलाइट को रॉकेट से अलग किया गया और 40 मिनट की अवधि में तीन अलग-अलग समूहों में बांट दिया गया, जिसमें अंतिम अलगाव प्रक्षेपण के एक घंटे 35 मिनट बाद हुआ।
ये 40 सैटेलाइट सफलतापूर्वक पृथ्वी के कक्ष तैनात (deployment) हो चुके है और वनवेब स्टेशन से संपर्क साध लिया है। इस लांच के बाद वनवेब की कुल तारामंडल (constellation) में कुल 582 उपग्रह हो गए है जो 628 उपग्रहों में से 89 प्रतिशत से अधिक है, जिसे कंपनी अपने जनरेशन 1 समूह के हिस्से के रूप में कक्षा में स्थापित करने की योजना बना रही है।
पृथ्वी के ऑर्बिट में अब 582 उपग्रहों के साथ वनवेब अपने 'जेन 1 तारामंडल' के वैश्विक पदचिह्न को पूरा करेगा। एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस महीने के अंत में इसरो / एनएसआईएल (ISRO/NSIL) के साथ लॉन्च किया जाएगा।
स्पेसएक्स के साथ लॉन्च किए गए 40 उपग्रहों की सफल तैनाती की घोषणा करते हुए, वनवेब ने कहा, "यह लॉन्च वनवेब का अब तक का 17वां और अंतिम मिशन है क्योंकि यह कंपनी अपनी पहली पीढ़ी (जनरेशन 1) लियो (LEO) उपग्रह समूह को पूरा करने और वैश्विक कवरेज को सक्षम करने के लिए 2023 में तैयार है।
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यह लॉन्च वनवेब को कनेक्टिविटी क्षमताओं का विस्तार जारी रखने में सक्षम बनाता है क्योंकि यह उपग्रहों के फ्लीट को बढ़ाता है और दुनिया भर में और भागीदारों के लिए सेवाएं (services) शुरू करना चाहता है।
वनवेब के पास पहले से ही दुनिया भर के प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी समाधान सक्रिय हैं और वीईओएन (VEON), ऑरेंज, गैलेक्सी ब्रॉडबैंड, पैराटस और टेलीस्पेज़ियो सहित प्रदाताओं के साथ साझेदारी करके नए क्षेत्रों को ऑनलाइन ला रहा है।
एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वनवेब और उसके साझेदार डिजिटल विभाजन को पाटने के मिशन पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और बड़ी संख्या में असंबद्ध और कम सेवा वाले ग्रामीण व दूरदराज के समुदायों और व्यवसायों को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। वनवेब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) नील मास्टर्सन ने लॉन्च को एक रोमांचक माइलस्टोन (milestone) बताया है।
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नील मास्टर्सन ने कहा, अब पहले से कहीं अधिक, वनवेब पिछले 17 सफल लॉन्च से प्राप्त गति को जारी रखने के लिए समर्पित है, ताकि हमारे भरोसेमंद भागीदारों के साथ नई खोज किया जा सके और बड़े पैमाने पर कनेक्टिविटी समाधान प्रदान किया जा सके।
जिस LEO में उपग्रहों को लॉन्च किया गया है, उसकी संख्य हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ रही है। इस हफ्ते की शुरुआत में, नासा ने घोषणा की कि अर्जेंटीना के अर्थ ऑब्जरवेशन उपग्रह के साथ टकराव से बचने के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को अपने थ्रस्टर्स को छह मिनट से अधिक समय तक फायर करना पड़ा।
पृथ्वी और अंतरिक्ष कई रहस्यों से भरा है, जिसे जानने के लिए इस पर निगरानी रखने की जरूरत है। अंतरिक्ष की निगरानी रखने के लिए सैटेलाइट का उपयोग करना सही विकल्प है। इससे अगर किसी तरह का मेटियोराइट (Meteorite) पृथ्वी की ऑर्बिट पर प्रवेश करता है, इसकी भी जानकारी मिल जाएगी।
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