NEET Exam Fraud: नकली डॉक्‍टर्स के धंधे में 10 लोग गिरफ्तार, सरकारी डॉक्‍टर ही निकला मास्टर माइंड

जयपुर से NEET पेपर लीक होने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आयी है जो अब एक बड़ा NEET Exam Fraud  का खुलासा कर रही है। राजस्‍थान में हुए NEET Exam Fraud में अब तक लगभग 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अभी मामले पर कार्यवाही कर रही है आगे और भी लोगों के नाम आने की संभावना है।  

NEET Exam Fraud:  नकली डॉक्‍टर्स के धंधे में 10 लोग गिरफ्तार, सरकारी डॉक्‍टर ही निकला मास्टर माइंड
NEET Exam Fraud

जयपुर से NEET पेपर लीक होने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आयी है जो अब एक बड़ा NEET Exam Fraud  का खुलासा कर रही है। राजस्‍थान में हुए NEET Exam Fraud में अब तक लगभग 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अभी मामले पर कार्यवाही कर रही है आगे और भी लोगों के नाम आने की संभावना है।  

क्‍या है NEET Exam Fraud का पूरा मामला:

मामले की शुरूआत तबसे हुई जब कुछ दिन पहले पुलिस को अपने किसी मुखबीर के माध्यम से सूचना मिली कि अनिल निमावत और शार्दुल नाम के दो छात्र NEET Exam में असली परीक्षार्थिओं की जगह किसी और को बैठाने की डील कर रहे हैं।

पुलिस ने जब इस मामले पर छानबीन की तो व्हाट्सअप चैटिंग में कई लड़कों की फोटो, आधार कार्ड और परीक्षा देने की एवज में रुपयों के लेन देन की चैट मिली। कार्यवाही में 15 ऐसे छात्रों के नाम आए जो नकली परीक्षा देने वाले थे। इनके नामों की एक सूची और बैंक अकाउंट की डिटेल के बारे में भी चैटिंग मिली।

जयपुर पुलिस ने राजस्थान इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के परीक्षा केंद्र से एक लड़की समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनके नाम इस लिस्‍ट में थे।

कैसे होता था NEET Exam Fraud 

पुलिस ने कार्यवाही के अनुसार NEET Exam Fraud दो प्रकार से सामने आया एक जिसमें परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक करके छात्रों तक पहुचाया जाता था, दूसरा एक्सपर्ट और होशियार लड़कों से नीट का एग्जाम दिनवाना। दूसरे फ्रॉड में NEET Exam  देने वाले वो लड़के होते हैं जो वर्तमान में MBBS कर रहे हैं. इन बच्चों को लाखों रुपये का लालच देकर नीट की परीक्षा देने वाले असल अभ्यार्थियों के एडमिट कार्ड में फोटो की एडिटिंग कर असली परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दिलवाई जाती है।

फ्रॉड में सरकारी डॉक्‍टर का नाम भी शामिल

मामले में डॉ.राजन राजगुरु सरकारी का नाम भी सामने आया है जो चित्तोडगढ़ जिले के कनेरा स्थित सरकारी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर पद पर कार्यरत है। इतना ही नहीं राजगुरू कोटा के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में बायोलॉजी भी पढ़ाता है।

कोटा यह डॉक्‍टर बायो गुरू के नाम से जाना जाता है। सरकारी नौकरी लगने से पहले राजगुरू कोटा से 2018 में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है।

जयपुर पुलिस की अनुसार कार्यवाही में बडें नेताओं का नाम भी शामिल होने की संभावना है, कार्यवाही अभी जारी है, और केस से जुड़ी लीड के अनुसार लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

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