IRCTC भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक ज़रूरी खबर आई है। अगर आप ट्रेन टिकट बुक करने के लिए अपना आधार नंबर और मोबाइल पर मिला OTP किसी एजेंट, ब्रोकर या किसी अन्य व्यक्ति के साथ शेयर करते हैं, तो आपका IRCTC अकाउंट ब्लॉक हो सकता है। रेलवे और IRCTC अब ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।

यह चेतावनी क्यों जारी की गई है?

कई यात्री जल्दी कन्फर्म टिकट पाने के लिए अपने IRCTC अकाउंट की जानकारी, आधार नंबर और OTP एजेंटों के साथ शेयर करते हैं। कुछ अनधिकृत एजेंट इस जानकारी का गलत इस्तेमाल करके बड़ी संख्या में टिकट बुक करते हैं। इससे आम यात्रियों को परेशानी होती है और रेलवे के नियमों का उल्लंघन होता है।

इस समस्या से निपटने के लिए, IRCTC ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। AI सिस्टम उन अकाउंट्स की पहचान करता है जिनमें संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है।

AI धोखाधड़ी वाली गतिविधियों का पता कैसे लगाया जा रहा है?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, AI तकनीक यह जांचती है कि क्या एक ही आधार नंबर, मोबाइल नंबर या OTP का इस्तेमाल कई अकाउंट्स से टिकट बुक करने के लिए किया जा रहा है। अगर किसी अकाउंट में असामान्य या संदिग्ध गतिविधि का पता चलता है, तो कार्रवाई की जा सकती है।

IRCTC ने पहले भी बड़े पैमाने पर जांच की है। इन जांचों के दौरान, लाखों यूज़र अकाउंट्स की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया और संदिग्ध पाए गए कई अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया।

यात्रियों को क्या करना चाहिए?

रेलवे ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यात्रियों को अपना आधार नंबर, OTP, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। हमेशा खुद टिकट बुक करें या केवल अधिकृत चैनलों का ही इस्तेमाल करें।

अगर कोई आपसे आपका OTP मांगता है, तो उसे कभी भी शेयर न करें। OTP आपके अकाउंट की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक छोटी सी गलती से आपका IRCTC अकाउंट ब्लॉक हो सकता है और भविष्य में टिकट बुकिंग में समस्या हो सकती है।

याद रखने योग्य बातें:

  • अपना आधार नंबर या OTP किसी के साथ शेयर न करें।
  • केवल आधिकारिक IRCTC प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। संदिग्ध एजेंटों और दलालों से सावधान रहें।
  • अपने IRCTC अकाउंट का पासवर्ड सुरक्षित रखें।
  • टिकट बुक करने के लिए हमेशा अधिकृत स्रोतों का इस्तेमाल करें।

रेलवे का मकसद असली यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध कराना और टिकट दलालों पर रोक लगाना है। इसलिए, यात्रियों को भी अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की ज़रूरत है।