Gay Sex : आज के समय में प्यार और पहचान को लेकर लोगों की सोच बदलती जा रही है। फिर भी Gay Sex जैसे विषय को लेकर समाज में कई गलतफहमियां है। बहुत से लोग इस बारे में जानकारी नहीं रखते। आधी अधूरी बातों के आधार पर अपनी राय बना लेते हैं। ऐसे में इस विषय पर खुलकर जानना बेहद जरूरी है। क्योंकि यह मामला बहुत ही ज्यादा संवेदनशील मामला है।
सेक्स सिर्फ एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं होती। यह दो एडल्ट्स के बीच बना भावनात्मक जुड़ाव और आपसी सहमति से बना रिश्ता होता है। गे सेक्स के द्वारा बनाए गए यौन संबंध इंसान की अलग भावना को दर्शाते हैं।
हर व्यक्ति में अलग आकर्षण होता है। कुछ लोग महिलाओं की तरफ आकर्षित होते हैं तो कुछ पुरुषों की तरफ और कुछ समलैंगिक लोगों की तरफ। यही होता समलैंगिक रिश्ता। इसी आकर्षण और इस दौरान बने शारीरिक संबंध को ही Gay Sex कहा जाता है। सेक्स क्रिया किसी भी व्यक्ति की पहचान नहीं होती। यह उसका सेक्सुअल ओरियंटेशन होता है। ऐसे में गे सेक्स को बुरा मानना या उसके लिए अपने मन में कोई भ्रम पालन बहुत बड़ी गलती और गलतफहमी है।
क्या होता है Gay Sex?
गे सेक्स केवल एक फिजिकल प्रक्रिया नहीं होती। यह दो व्यक्तियों के बीच परस्पर आकर्षण,सम्मान और सहमति पर आधारित यौन संबंध होता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि सभी गे कपल्स के यौन व्यवहार के जैसे नहीं होते। हर गे कपल की फिजिकल डिमांड और भावनाएं अलग-अलग होती हैं। आमतौर पर गे यौन संबंध में कुछ विशेष चीजें शामिल होती हैं जैसे की,
रोमांटिक रूप से जुड़ना: इमोशनल अटैचमेंट फील करना, आपस में विश्वास प्यार और स्नेह का रिश्ता रखना।
फोरप्ले का चरण: आमतौर पर गे कपल्स अपने पार्टनर को एक्साटेड करने के लिए फोरप्ले पसंद करते हैं। इससे शारीरिक आकर्षण भी बढ़ता है और संबंध मधुर होते हैं।
प्राइवेट पार्ट को छूना और उत्तेजित करना: कुछ गे कपल्स को संवेदनशीलों हिस्सों छूना और उत्तेजना पैदा करना अच्छा लगता है। हालांकि सभी को यह अच्छा लगे यह जरूरी नहीं।
ओरल सेक्स और अन्य क्रियाएं : कई बार Gay एडल्ट्स सुरक्षित सहमति से ओरल सेक्स और अन्य क्रियाओं के माध्यम से यौन गतिविधियों करते हैं।
विशेष उपकरणों का उपयोग: Gay Sex के दौरान सेक्स टॉयज का उपयोग ज्यादा किया जाता है ताकि कपल्स अपने पार्टनर को ज्यादा सुख दे सके।
Gay Sex के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा
- आमतौर पर किसी भी व्यक्ति को सेक्स करने के दौरान कुछ सुरक्षा उपाय करने चाहिए ताकि स्वस्थ और सुरक्षित यौन संबंध बनाए जा सकें।
- विशेषज्ञों की माने तो गे कपल्स को भी विशेष सुरक्षा अपनानी चाहिए जैसे कि,
- कंडोम डेंटल डम्स का उपयोग करना चाहिए ताकि सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इनफेक्शन के जोखिम को कम किया जा सके ।
- हमेशा पार्टनर के साथ सहमति से ही संबंध बनाना चाहिए ।
- किसी भी प्रकार की प्रक्रिया या खेल में सहमति यदि ना हो तो वह क्रिया नहीं करनी चाहिए।
- गे सेक्स के दौरान भी पर्सनल हाइजीन पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि इस दौरान संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा होता है।
- अपने पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए कि उसे क्या पसंद है? क्या नहीं? क्योंकि सभी की पसंद एक तरह हो या जरूरी नहीं।
Gay Sex को समाज में पहचान और सम्मान
आज भी समाज में कई प्रकार की भ्रांतियां फैली हुई है। समलैंगिकता और गे सेक्स जैसे विषयों पर लोग खुले रूप से बोलने में कतराते हैं। यहां तक की Gay एडल्ट भी अपनी आइडेंटिटी स्वीकार करने में शर्माते हैं। लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ रही है। लोग अब खुलकर स्वीकार रहे हैं। ऐसे में हर समलैंगिक व्यक्ति को बिना भेदभाव और बिना पूर्वाग्रह सारे अधिकार देना आवश्यक हो जाता है।
लंबे समय तक gay संबंधों को भारत में अपराध माना जाता था। लेकिन अब उच्चतम न्यायालय ने इसे अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट से Gay मैरिज को भी मान्यता मिल चुकी है। हालांकि अब भी इस पर सामाजिक और कानूनी बहस जारी है। लेकिन एक बात साफ है कि हर व्यक्ति को सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार है। यदि दो लोग आपस में किसी रिश्ते में आना चाहते हैं और दोनों की सहमति है तो इस पर समाज को तंज करने या विरोध करने का कोई हक नहीं।
Gay Sex एक शारीरिक क्रिया से बढ़कर दो एडल्ट्स की पहचान और उनके बीच सम्मानजनक प्राइवेट मोमेंट्स है। किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके लैंगिक आइडेंटिटी से से नहीं बनती। बल्कि यह एक प्राकृतिक अनुभव होता है। गे, लेस्बियन, बायसेक्सुअल सेक्स जैसी क्रियाएं अपराध नहीं बल्कि व्यक्तिगत शारिरिक इच्छाओं का माध्यम हैं। हालांकि Gay Sex में भी सहमति और विशेष सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

















