कोरोना वायरस के कारण देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच आपको हजारों खबरें सुनने को मिल रहीं होगीं पर उनमें से कौनसी खबर सच है और कौनसी गलत यह जानना आपके लिए बहुत ही कठिन है, आज हम बात करने वाले है समाज में चल रहीं उन गलत खबरों के बारे में जिनका सच आपके लिए जानना बहुत ही जरूरी है।

कोरोना वायरस के कारण देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच आपको हजारों खबरें सुनने को मिल रहीं होगीं पर उनमें से कौनसी खबर सच है और कौनसी गलत यह जानना आपके लिए बहुत ही कठिन है, आज हम बात करने वाले है समाज में चल रहीं उन गलत खबरों के बारे में जिनका सच आपके लिए जानना बहुत ही जरूरी है।
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात कई देशों में करने से भारत में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का स्टॉक खत्म हो चुका है।
तथ्य (सच्चाई)- प्रेस सूचना ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन एचसीक्यू की 34 लाख गोलियां 9 अप्रैल तक महराष्ट्र को आवंटित की हैं, इसलिए आपूर्ति वर्तमान आवश्यकता से बहुत अधिक है। हर राज्य में पर्याप्त मात्रा में दवा की पूर्ति की गई है।
पीएम द्वारा हर भारतीय को 15 हजार रूपये देने का दावा। प्रधानमंत्री की तरफ से हर व्यक्ति के खाते में आऐगें 15000 रू.
तथ्य (सच्चाई)- प्रधान मंत्री की तरफ से भारत में प्रत्येक नागरिक को 15,000 देने की कोई योजना नहीं है। पीआईबी के फैक्ट चेक अकाउंट ने यह भी बताया कि यह संदेश फॉर्म के साथ संलग्न लिंक जो कि दावा करने के लिए भरा जाना है कि राशि नकली है। आपको ऐसी कई फर्जी लिंक का सामना करना पड़ सकता है, जोकि नकली है तो इन सभी खबरों से दूर रहे।
गरीब कल्याण योजना के तहत आने वालों के खातों में जमा 500 रुपये वापस लिए जाऐगें।
तथ्य (सच्चाई)- ट्विटर के पीआईबी फैक्ट चेक पेज ने इस अफवाह को संबोधित किया और एक प्रतिक्रिया के रूप में उन्होंने ट्वीट किया कि पीएमजीकेवाई के तहत बैंक खाते में जमा किए गए 500 रुपये वापस नहीं लिए जाएंगे।
इटली में कोविद -19 से 200 से अधिक डॉक्टर और नर्स की मौत हुई है।
तथ्य (सच्चाई)- प्रेस सूचना ब्यूरो पीआईबी ने इस गलत खबर को चेक करते हुए बताया कि इटली में 200 से अधिक डॉक्टर और नर्स की मौत नहीं हुई है। यह गलत खबर है, अफवाहों के तौर पर बहुत ही तेज फैलायी जा रही है।
सरकार हेलीकॉप्टर से हर क्षेत्र में पैसा गिराएगी ताकि लोगों की मदद की जा सके।
तथ्य (सच्चाई) - दावे को खारिज करते हुए, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) पीआईबी द्वारा एक तथ्य जांच रिपोर्ट में कहा गया कि यह खबर गलत है क्योंकि सरकार ऐसा कोई काम नहीं करने जा रही है।
तो यह थी वह गलत खबरें जिनके तथ्य की खोच खुद प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) पीआईबी ने की है। समाज में ऐसी गलत खबरें और अफवाहें बहुत ही तेजी से फैल रही है। अगर आप भी किसी गलत खबर का शिकार है तो उनके तथ्य चैक करने से पहले किसी निर्णय पर न पहुंचे।