सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के लिए फ्री इलेक्ट्रिक साइकिल (Free Electric Bicycle) देने की नई सरकारी योजना शुरू कर दी है। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि जिन छात्रों के पास आधार कार्ड है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के लिए फ्री इलेक्ट्रिक साइकिल (Free Electric Bicycle) देने की नई सरकारी योजना शुरू कर दी है। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि जिन छात्रों के पास आधार कार्ड है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, जब इस दावे की जांच की गई तो यह पूरी तरह भ्रामक और फर्जी निकला। केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री की ओर से ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को बिना पुष्टि किए इस तरह के वायरल वीडियो पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB Fact Check ने वायरल वीडियो की जांच के बाद स्पष्ट किया है कि यह वीडियो डिजिटल रूप से एडिट (Digitally Manipulated) किया गया है और इसमें किया गया दावा पूरी तरह गलत है। PIB Fact Check के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को मुफ्त इलेक्ट्रिक साइकिल देने से जुड़ी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है।

वायरल वीडियो में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने छात्रों के लिए नई योजना शुरू की है, जिसके तहत आधार कार्ड रखने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त इलेक्ट्रिक साइकिल दी जाएगी। लेकिन वास्तविकता यह है कि ऐसा कोई सरकारी आदेश, अधिसूचना (Notification) या आधिकारिक घोषणा जारी नहीं हुई है। इसलिए इस तरह के दावों को सही मानना उचित नहीं है।
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के नाम से कई एडिट किए गए वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में नई सरकारी योजनाओं, नकद सहायता, मुफ्त सुविधाओं या अन्य लाभों का दावा किया जाता है। इनमें से अधिकांश दावे जांच के दौरान गलत पाए जाते हैं। इसलिए किसी भी वायरल पोस्ट, वीडियो या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
अगर आपको सोशल मीडिया पर किसी नई सरकारी योजना की जानकारी मिलती है, तो सबसे पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करें। आप इन तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं:
📹 Do not fall for fake videos!
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 5, 2026
⚠️ A video circulating on social media claims that Prime Minister Narendra Modi has announced free electric bicycles for students having their Aadhaar card.#PIBFactCheck:
❌ This video is #Fake and digitally manipulated
✅ The Prime Minister… pic.twitter.com/7E67TKsmip
यदि आपको केंद्र सरकार के नाम पर कोई संदिग्ध वीडियो, पोस्ट या मैसेज दिखाई देता है, तो उसकी शिकायत PIB Fact Check को की जा सकती है। शिकायत करने के लिए उपलब्ध माध्यम:
आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल एडिटिंग की मदद से ऐसे वीडियो तैयार किए जा सकते हैं जो पहली नजर में बिल्कुल असली लगते हैं। इसी वजह से फर्जी सरकारी योजनाओं और झूठी खबरों का प्रसार तेजी से होता है। किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करना न केवल आपकी जिम्मेदारी है, बल्कि इससे गलत सूचना फैलने से भी रोका जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा "छात्रों को फ्री इलेक्ट्रिक साइकिल" देने का दावा पूरी तरह फर्जी है। PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार ने ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की है। इसलिए किसी भी वायरल वीडियो या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
नहीं। फिलहाल केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री की ओर से ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है।
नहीं। PIB Fact Check के अनुसार यह वीडियो फर्जी और डिजिटल रूप से एडिट किया गया है।
सरकार की आधिकारिक वेबसाइट, संबंधित मंत्रालय और PIB Fact Check जैसे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करनी चाहिए।
नहीं। किसी भी वायरल मैसेज या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के लिए फ्री इलेक्ट्रिक साइकिल (Free Electric Bicycle) देने की नई सरकारी योजना शुरू कर दी है। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि जिन छात्रों के पास आधार कार्ड है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, जब इस दावे की जांच की गई तो यह पूरी तरह भ्रामक और फर्जी निकला। केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री की ओर से ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को बिना पुष्टि किए इस तरह के वायरल वीडियो पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB Fact Check ने वायरल वीडियो की जांच के बाद स्पष्ट किया है कि यह वीडियो डिजिटल रूप से एडिट (Digitally Manipulated) किया गया है और इसमें किया गया दावा पूरी तरह गलत है। PIB Fact Check के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को मुफ्त इलेक्ट्रिक साइकिल देने से जुड़ी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है।

वायरल वीडियो में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने छात्रों के लिए नई योजना शुरू की है, जिसके तहत आधार कार्ड रखने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त इलेक्ट्रिक साइकिल दी जाएगी। लेकिन वास्तविकता यह है कि ऐसा कोई सरकारी आदेश, अधिसूचना (Notification) या आधिकारिक घोषणा जारी नहीं हुई है। इसलिए इस तरह के दावों को सही मानना उचित नहीं है।
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के नाम से कई एडिट किए गए वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में नई सरकारी योजनाओं, नकद सहायता, मुफ्त सुविधाओं या अन्य लाभों का दावा किया जाता है। इनमें से अधिकांश दावे जांच के दौरान गलत पाए जाते हैं। इसलिए किसी भी वायरल पोस्ट, वीडियो या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
अगर आपको सोशल मीडिया पर किसी नई सरकारी योजना की जानकारी मिलती है, तो सबसे पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करें। आप इन तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं:
📹 Do not fall for fake videos!
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 5, 2026
⚠️ A video circulating on social media claims that Prime Minister Narendra Modi has announced free electric bicycles for students having their Aadhaar card.#PIBFactCheck:
❌ This video is #Fake and digitally manipulated
✅ The Prime Minister… pic.twitter.com/7E67TKsmip
यदि आपको केंद्र सरकार के नाम पर कोई संदिग्ध वीडियो, पोस्ट या मैसेज दिखाई देता है, तो उसकी शिकायत PIB Fact Check को की जा सकती है। शिकायत करने के लिए उपलब्ध माध्यम:
आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल एडिटिंग की मदद से ऐसे वीडियो तैयार किए जा सकते हैं जो पहली नजर में बिल्कुल असली लगते हैं। इसी वजह से फर्जी सरकारी योजनाओं और झूठी खबरों का प्रसार तेजी से होता है। किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करना न केवल आपकी जिम्मेदारी है, बल्कि इससे गलत सूचना फैलने से भी रोका जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा "छात्रों को फ्री इलेक्ट्रिक साइकिल" देने का दावा पूरी तरह फर्जी है। PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार ने ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की है। इसलिए किसी भी वायरल वीडियो या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
नहीं। फिलहाल केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री की ओर से ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है।
नहीं। PIB Fact Check के अनुसार यह वीडियो फर्जी और डिजिटल रूप से एडिट किया गया है।
सरकार की आधिकारिक वेबसाइट, संबंधित मंत्रालय और PIB Fact Check जैसे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करनी चाहिए।
नहीं। किसी भी वायरल मैसेज या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।