आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro ने अपने शेयरधारकों के लिए 15,000 करोड़ रुपये के बड़े बायबैक ऑफर का दरवाजा खोल दिया है। कंपनी योग्य निवेशकों से ₹250 प्रति शेयर की कीमत पर शेयर वापस खरीद रही है, जो मौजूदा बाजार भाव की तुलना में काफी अधिक है। ऐसे में जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट तक Wipro के शेयर थे, उनके लिए यह एक आकर्षक अवसर माना जा रहा है। हालांकि बायबैक शुरू होने के बावजूद Wipro के शेयरों पर दबाव बना हुआ है और गुरुवार को कंपनी का शेयर गिरकर लगभग ₹177 तक पहुंच गया, जो कई वर्षों के निचले स्तरों में गिना जा रहा है।

क्या है Wipro का 15,000 करोड़ रुपये का बायबैक?

Wipro ने कुल 60 करोड़ इक्विटी शेयर वापस खरीदने का फैसला किया है। यह कंपनी की कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का लगभग 5.7 प्रतिशत है। बायबैक ऑफर 10 जून 2026 से शुरू हो चुका है और 17 जून 2026 तक खुला रहेगा। लेकिन इसमें केवल वही निवेशक हिस्सा ले सकते हैं जिनके पास 5 जून 2026 यानी रिकॉर्ड डेट तक Wipro के शेयर मौजूद थे। यदि किसी निवेशक ने रिकॉर्ड डेट के बाद शेयर खरीदे हैं तो वे इस बायबैक ऑफर के लिए पात्र नहीं होंगे।

आखिर क्या होता है शेयर बायबैक?

शेयर बायबैक वह प्रक्रिया है जिसमें कोई कंपनी अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है। आमतौर पर कंपनी बाजार भाव से ज्यादा कीमत ऑफर करती है ताकि निवेशक अपने शेयर बेचने के लिए तैयार हों। बायबैक का मकसद केवल निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देना नहीं होता, बल्कि इससे कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय संकेतकों में भी सुधार आता है।

छोटे निवेशकों को मिला खास फायदा

Wipro Buyback

  • Wipro ने बायबैक में छोटे निवेशकों के लिए अलग कैटेगरी बनाई है। जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट पर Wipro में कुल निवेश मूल्य ₹2 लाख से कम था, उन्हें “Small Shareholder” माना गया है।
  • इन निवेशकों के लिए एन्टायटलमेंट रेशियो 56 शेयर पर 11 शेयर का रखा गया है। यानी यदि किसी छोटे निवेशक के पास 56 शेयर हैं तो वह कम से कम 11 शेयर बायबैक में देने का हकदार होगा।
  • वहीं सामान्य श्रेणी के निवेशकों के लिए 197 शेयर पर 10 शेयर का एन्ट्राइटलमेंट तय किया गया है।
  • हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि एंटाइटलमेंट केवल न्यूनतम गारंटी दर्शाता है। अंतिम स्वीकृति इस बात पर निर्भर करेगी कि कुल कितने निवेशक बायबैक में हिस्सा लेते हैं।

रिटेल निवेशक कितना कमा सकता है?

  • मान लीजिए किसी निवेशक ने रिकॉर्ड डेट से पहले ₹198 प्रति शेयर की कीमत पर Wipro के 1,008 शेयर खरीदे थे। इस निवेश की कुल कीमत लगभग ₹1.99 लाख बैठती है, जिससे वह Small Shareholder की श्रेणी में आता है।
  • एंटाइटलमेंट रेशियो के अनुसार वह लगभग 198 शेयर बायबैक में टेंडर कर सकता है।
  • यदि कंपनी उसके सभी 198 शेयर ₹250 प्रति शेयर की दर से स्वीकार कर लेती है, तो उसे ₹49,500 प्राप्त होंगे।
  • क्योंकि शेयर खरीदते समय उसकी लागत ₹198 प्रति शेयर थी, इसलिए उसे लगभग ₹10,296 का सकल लाभ हो सकता है। हालांकि वास्तविक मुनाफा टैक्स और अन्य चार्जेज घटाने के बाद अलग हो सकता है।

बायबैक में हिस्सा कैसे लें?

योग्य निवेशक अपने रजिस्टर्ड स्टॉकब्रोकर के माध्यम से NSE या BSE के विशेष बायबैक विंडो में शेयर टेंडर कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया एक्सचेंज के बिडिंग सिस्टम के जरिए पूरी की जाएगी। निवेशकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की सभी जानकारियां सही और अपडेटेड हों।

कब रिजेक्ट हो सकते हैं आपके शेयर?

कई बार निवेशकों द्वारा टेंडर किए गए शेयर स्वीकार नहीं किए जाते। इसके पीछे कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं। यदि निवेशक रिकॉर्ड डेट पर शेयरधारक नहीं था, डीमैट खाते में नाम की जानकारी गलत है, शेयर क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के विशेष खाते में ट्रांसफर नहीं किए गए हैं या एक्सचेंज सिस्टम में वैध बोली दर्ज नहीं हुई है, तो आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। इसीलिए निवेशकों को आवेदन से पहले सभी विवरणों की दोबारा जांच कर लेनी चाहिए।

Wipro Buyback 2026 की महत्वपूर्ण तारीखें

Wipro Buyback

बायबैक ऑफर 10 जून 2026 से शुरू हो चुका है और 17 जून 2026 को बंद होगा। टेंडर किए गए शेयरों का सत्यापन 19 जून को किया जाएगा। इसके बाद 23 जून को अंतिम स्वीकृति या अस्वीकृति की जानकारी जारी होगी। सफल निवेशकों को भुगतान 24 जून 2026 को किया जाएगा। इसी दिन अस्वीकार किए गए शेयर वापस डीमैट खाते में भेज दिए जाएंगे।

कंपनी के प्रमोटर भी बेचेंगे शेयर

Wipro ने स्पष्ट किया है कि कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर समूह की संस्थाएं भी इस बायबैक में हिस्सा लेने की योजना बना रही हैं और अपने बड़े हिस्से के शेयर टेंडर कर सकती हैं। इससे कुल भागीदारी का स्तर बढ़ सकता है, जिसका असर अंतिम स्वीकृति अनुपात पर भी पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए यह बायबैक क्यों महत्वपूर्ण है?

Wipro का यह बायबैक ऐसे समय में आया है जब कंपनी का शेयर कई साल के निचले स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर कंपनी बाजार मूल्य से काफी ऊंचे भाव पर शेयर वापस खरीदने की पेशकश कर रही है। यही वजह है कि योग्य निवेशकों के लिए यह अपने कुछ शेयर प्रीमियम कीमत पर बेचकर अतिरिक्त लाभ कमाने का अवसर बन गया है। हालांकि निवेशकों को यह समझना चाहिए कि अंतिम स्वीकृति एंटाइटलमेंट से अलग हो सकती है और किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना उचित रहेगा।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।