दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में गिने जाने वाले Warren Buffett ने धन बनाने का एक ऐसा नियम बताया है जिसे आम लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। उनका कहना है कि ज्यादातर लोग बचत करने में इसलिए असफल रहते हैं क्योंकि वे पहले खर्च करते हैं और महीने के आखिर में जो पैसा बचता है, उसे बचाने की कोशिश करते हैं।
बफेट की सलाह बिल्कुल उल्टी है। उनका मानना है कि अगर आपको भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत बनना है तो पहले बचत करनी चाहिए और उसके बाद बचे हुए पैसों से खर्च करना चाहिए।
वॉरेन बफेट का सबसे मशहूर मनी मंत्र
“खर्च करने के बाद जो पैसा बचे, उसे मत बचाओ; बल्कि बचत करने के बाद जो पैसा बचे, उसे खर्च करो।” पहली नजर में यह एक साधारण सलाह लग सकती है, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में यही आदत लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है।
बफेट का तरीका क्या है?
बफेट Pay Yourself First यानी सबसे पहले खुद को भुगतान करो की रणनीति पर जोर देते हैं। इसका मतलब है कि जैसे ही सैलरी आए, उसका एक तय हिस्सा सीधे बचत या निवेश में डाल दें। उसके बाद बचे हुए पैसों से महीने का बजट बनाएं। उदाहरण के लिए, यदि आपकी आय 50,000 रुपये है तो शुरुआत में ही 10,000 रुपये बचत या निवेश के लिए अलग कर दें। अब बाकी 40,000 रुपये में अपने खर्चों को मैनेज करें। ऐसा करने से बचत अपने आप होने लगती है।
आखिर लोग बचत क्यों नहीं कर पाते?

आज के समय में अच्छी सैलरी पाने वाले लोग भी अक्सर महीने के अंत तक बचत नहीं कर पाते। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि वे अपनी पूरी आय को खर्च के हिसाब से प्लान करते हैं। मान लीजिए किसी व्यक्ति की मासिक आय 50,000 रुपये है। अगर वह पहले किराया, खाना, घूमना-फिरना और शॉपिंग जैसी जरूरतों पर खर्च कर देता है, तो महीने के आखिर में बचत के लिए बहुत कम पैसा बचता है। कई बार अचानक आने वाले खर्च बची हुई रकम भी खत्म कर देते हैं।
छोटी बचत भी बना सकती है बड़ा फंड

बहुत से लोग सोचते हैं कि कम रकम बचाने से कोई फायदा नहीं होगा। लेकिन बफेट का मानना है कि रकम से ज्यादा जरूरी आदत होती है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ 3,000 रुपये भी बचाना शुरू कर दे और उसे नियमित रूप से निवेश करे, तो समय के साथ वह बड़ी पूंजी बना सकता है। बचत की आदत जितनी जल्दी शुरू होगी, उसका फायदा उतना ज्यादा मिलेगा।
सिर्फ बचत नहीं, निवेश भी जरूरी
वॉरेन बफेट केवल पैसा बचाने की बात नहीं करते, बल्कि उस पैसे को काम पर लगाने की भी सलाह देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बचत की गई रकम को SIP, म्यूचुअल फंड, रिकरिंग डिपॉजिट या अन्य निवेश विकल्पों में लगाया जा सकता है। इससे पैसा सिर्फ बैंक खाते में पड़ा नहीं रहता, बल्कि समय के साथ बढ़ता भी है।
आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी सीख
सोशल मीडिया और बढ़ती लाइफस्टाइल के दौर में लोगों के लिए खर्च को नियंत्रित करना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। ऐसे समय में बफेट का यह सिद्धांत पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो जाता है। अगर आप आर्थिक स्वतंत्रता चाहते हैं, इमरजेंसी फंड बनाना चाहते हैं या भविष्य में करोड़ों की संपत्ति तैयार करना चाहते हैं, तो सबसे पहले बचत की आदत विकसित करनी होगी।
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