12 जून 2026 को सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई को लेकर चिंताओं ने गोल्ड मार्केट में नई हलचल पैदा कर दी है।

शुक्रवार सुबह कारोबार शुरू होते ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट गोल्ड फ्यूचर्स में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सोना 1,424 रुपये की बढ़त के साथ 1,50,356 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यह स्तर बताता है कि निवेशक अभी भी सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) मान रहे हैं।

Gold Price Today 12 June 2026: आज भारत में सोने का भाव

सोने की कीमतों

  • दिल्ली में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,45,790 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोना 1,33,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
  • मुंबई, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु और रायपुर में गोल्ड रेट: मुंबई, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और रायपुर जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,45,640 रुपये प्रति 10 ग्राम रही।
  • चेन्नई में सबसे ज्यादा क्यों है सोने का भाव? वहीं चेन्नई में सोने का भाव सबसे अधिक रहा, जहां 24 कैरेट गोल्ड 1,47,280 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।

अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के ताजा भाव

  • 24 कैरेट (999 शुद्धता) सोना लगभग 1,44,782 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 23 कैरेट (995 शुद्धता) सोना लगभग 1,44,202 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट (916 शुद्धता) सोना लगभग 1,32,620 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट (750 शुद्धता) सोना लगभग 1,08,587 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 14 कैरेट (585 शुद्धता) सोना लगभग 84,697 रुपये प्रति 10 ग्राम

सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव क्यों हो रहा है?

1. पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव – जब भी दुनिया के किसी बड़े क्षेत्र में युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है, निवेशक जोखिम वाले निवेशों से पैसा निकालकर सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में लगाना शुरू कर देते हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भी निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर आकर्षित किया है।

2. महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता का असर – महंगाई बढ़ने पर मुद्रा की क्रय शक्ति घटती है। ऐसे समय में सोना मूल्य संरक्षण का माध्यम माना जाता है। इसलिए महंगाई की आशंका बढ़ते ही गोल्ड की मांग बढ़ जाती है।

3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति – वैश्विक बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि ब्याज दरें कम होती हैं तो सोने में निवेश आकर्षक हो जाता है क्योंकि गोल्ड पर ब्याज नहीं मिलता। लेकिन जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तब निवेशक बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।

4. डॉलर और बॉन्ड यील्ड का प्रभाव – सोने की कीमतों का अमेरिकी डॉलर से गहरा संबंध है। डॉलर मजबूत होने पर सोने पर दबाव आ सकता है, जबकि डॉलर कमजोर होने पर सोना मजबूत हो सकता है। इसी तरह अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड भी गोल्ड की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

क्या सोना ₹1.50 लाख से ऊपर स्थायी रूप से जा सकता है?

सोने की कीमतों

MCX पर सोना पहले ही 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू चुका है। यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, महंगाई नियंत्रण में नहीं आती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोने में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। लेकिन बाजार हमेशा सीधी दिशा में नहीं चलता। यदि भू-राजनीतिक स्थिति में सुधार होता है या अमेरिकी अर्थव्यवस्था अपेक्षा से मजबूत रहती है, तो मुनाफावसूली के कारण कीमतों में गिरावट भी संभव है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

आज 24 कैरेट सोने का भाव कितना है?

भारत के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना लगभग 1.45 लाख से 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है।

सोने की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई की चिंता, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने के कारण कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

यदि आपकी जरूरत लंबी अवधि की है तो चरणबद्ध निवेश बेहतर रणनीति हो सकती है। केवल अल्पकालिक कीमतों को देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए।

क्या सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं?

यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमतों में आगे भी मजबूती आ सकती है। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।