सोने और चांदी के निवेशकों के लिए हफ्ते की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखने को मिला। MCX पर सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच यह सवाल फिर से उठने लगा है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या अभी और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने बाजार की दिशा बदल दी है। निवेशकों को अब लगने लगा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि सोना और चांदी दोनों पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

सोने और चांदी में भारी बिकवाली: MCX पर आज का ताजा हाल

सोमवार सुबह MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1.2 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर ₹1,53,700 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। वहीं जुलाई डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ ₹2,43,000 प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार करता दिखाई दिया।

दिलचस्प बात यह है कि यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कारोबारी सत्र में भी सोना और चांदी दोनों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली थी। चांदी लगभग 7 प्रतिशत तक फिसली थी जबकि सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हुआ था।

आखिर क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम? ये हैं 3 मुख्य कारण

सोना और चांदी की कीमतों

1. अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़े और फेड रिजर्व का रुख

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आए उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़े हैं। अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और रोजगार बाजार के मजबूत रहने से यह संकेत मिला है कि वहां की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूती से आगे बढ़ रही है। जब अर्थव्यवस्था मजबूत होती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने की जल्दबाजी नहीं करता। इसके उलट अब बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि फेडरल रिजर्व साल के अंत तक एक और ब्याज दर बढ़ोतरी कर सकता है। सोने की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि यह कोई ब्याज या रिटर्न नहीं देता। ऐसे में जब बैंक और बॉन्ड ज्यादा रिटर्न देने लगते हैं तो निवेशकों का रुझान सोने से हटने लगता है।

2. मिडिल ईस्ट (अमेरिका-ईरान) तनाव और महंगा होता क्रूड ऑयल

मिडिल ईस्ट से आने वाली खबरें भी बाजार को प्रभावित कर रही हैं। इजरायल और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ने की आशंका ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। तेल महंगा होने का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। जब महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ता है तो निवेशक यह मानने लगते हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रखेंगे। यही सोच फिलहाल सोने और चांदी पर दबाव बना रही है। हालांकि आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार बाजार का फोकस महंगाई और ब्याज दरों पर ज्यादा है।

3. वैश्विक बाजार में मजबूत होता अमेरिकी डॉलर

वैश्विक बाजार में COMEX Gold करीब 0.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,340 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं COMEX Silver भी लगभग 1.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 68 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। प्लैटिनम में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली जबकि पैलेडियम में मामूली बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत डॉलर भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा है। जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो सोना विदेशी निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है और मांग कमजोर पड़ सकती है।

 चीन की लगातार खरीदारी: क्या गोल्ड रिजर्व बढ़ने से मिलेगा कीमतों को सहारा?

  • जहां निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, वहीं दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक शक्ति केंद्र चीन लगातार सोना खरीद रहा है।
  • पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने मई में लगातार 19वें महीने अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की। चीन का यह कदम बताता है कि लंबी अवधि में केंद्रीय बैंक अभी भी सोने को सुरक्षित संपत्ति के रूप में देख रहे हैं। यह फैक्टर आने वाले समय में सोने की कीमतों को मजबूत आधार दे सकता है।

भारत में मांग कैसी है?

भारत में पिछले सप्ताह सोने की भौतिक मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के कारण कई खरीदार इंतजार की रणनीति अपनाए हुए हैं।

हालांकि शादी-ब्याह और आगामी त्योहारों के मौसम को देखते हुए ज्वेलरी की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। यही वजह है कि बाजार में बड़ी गिरावट के बावजूद रिटेल स्तर पर खरीदारी जारी है।

 भारत के प्रमुख शहरों में आज का सोना और चांदी का भाव (Delhi, Mumbai, Chennai)

  • रिटेल बाजार में 24 कैरेट सोना लगभग ₹15,272 प्रति ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹13,999 प्रति ग्राम बनी हुई है।
  • दिल्ली में 24 कैरेट सोना लगभग ₹15,590 प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹14,014 प्रति ग्राम के आसपास बिक रहा है। मुंबई और कोलकाता में कीमतें लगभग ₹15,272 प्रति ग्राम के स्तर पर हैं, जबकि चेन्नई में सोने का भाव थोड़ा अलग देखने को मिल रहा है।
  • चांदी की बात करें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में इसका भाव करीब ₹2,64,900 प्रति किलोग्राम के आसपास है। चेन्नई में कीमतें इससे कुछ ज्यादा बनी हुई हैं।

MCX Gold और Silver के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स क्या हैं?

कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोना और चांदी दोनों करेक्शन फेज में हैं। जब तक अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती और डॉलर में कमजोरी नहीं आती, तब तक कीमती धातुओं में दबाव बना रह सकता है। तकनीकी संकेतों की बात करें तो MCX Gold के लिए ₹1,55,000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो कीमतें ₹1,53,500 और उसके बाद ₹1,52,000 तक जा सकती हैं।वहीं अगर सोना दोबारा ₹1,58,000 के ऊपर टिकने में सफल होता है तो तेजी लौट सकती है और कीमतें फिर ₹1,60,000 से ₹1,61,000 के दायरे में पहुंच सकती हैं।

चांदी में भी कमजोरी का रुख बना हुआ है। यदि MCX Silver ₹2,47,500 के नीचे टिकती है तो ₹2,43,000 से ₹2,40,000 तक का स्तर देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर ₹2,58,000 के ऊपर मजबूती मिलने पर तेजी लौट सकती है।

क्या मौजूदा गिरावट में सोना खरीदना फायदेमंद है?

अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो मौजूदा गिरावट को चरणबद्ध खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि शॉर्ट टर्म में बाजार अभी भी काफी उतार-चढ़ाव वाला बना हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक, मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले दिनों में सोना और चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। फिलहाल बाजार का मूड सतर्क है और निवेशकों की नजर हर नए आर्थिक और भू-राजनीतिक संकेत पर बनी हुई है।