बढ़ते कोरोना के बीच एक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आयी है, दुनिया में पहली बार कोरोना और फ्लू से बनकर एक नया वारस सामने आया है। जिसने विशेषज्ञो की चिंता बढ़ा दी है। हांलाकि अभी इसके ज्यादा केस देखने को नहीं मिले हैं लेकिन यह अब तक का सबसे घातक वायरस बताया जा रहा है।

Florona: बढ़ते कोरोना के बीच एक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आयी है, दुनिया में पहली बार कोरोना और फ्लू से बनकर एक नया वारस सामने आया है। जिसने विशेषज्ञो की चिंता बढ़ा दी है। हांलाकि अभी इसके ज्यादा केस देखने को नहीं मिले हैं लेकिन यह अब तक का सबसे घातक वायरस बताया जा रहा है।
फ्लोरोना इन्फ्लूएंजा और कोरोनावायरस का एक प्रकार है। यह व्यक्ति को तब होता है जब कोई व्यक्ति COVID-19 और इन्फ्लूएंजा (या फ्लू) वायरस से दोहरे संक्रमण (सह-संक्रमण) से पीड़ित होता है।
ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच, इज़राइल में 31 दिसंबर, 2021 को फ्लोरोना का पहला केस सामने आया है। जो COVID-19 और इन्फ्लूएंजा का दोहरा संक्रमण है। हांलाकि COVID-19 और इन्फ्लूएंजा (फ्लू) दोनों अलग-अलग सांस से जुड़े संक्रमण रोग हैं। इसलिए इनके लक्षण भी लगभग समान हैं।
सीधे शब्दों में बात की जाए तो फ्लोरोना कोरोना और फ्लू यानी सर्दी जुकाम के डबल इन्फेक्शन का मामला है। इसी फ्लू और कोरोना के मामलों को 'फ्लोरोना' (Florona) कहा जा रहा है।
एक ओर जहां फ्लू (जुकाम) के लक्षण खासकर 3 या 4 दिन में दिखाई देते हैं वहीं कोरोना के लक्षण दिखने मे 14 दिन का समय लगता। हांलाकी फ्लू और कोरोना में लगभग समान लक्षण दिखाई देते हैं।
पहले मामले के अनुसार फ्लोरोना में शुरुआती लक्षण खांसी, सर्दी, बुखार देखें गए हैं।
वहीं अगर मरीज को गंभीर फ्लोरोना होता है तो इसमें न्यूमोनिया, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ और हार्ट की मांसपेशीयों में सूजन जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं।
सबसे आम लक्षण:
इन दोनों वायरस में अंतर का पता मरीज की सैंपल की टेस्टिंग से किया जाएगा।
फ्लू की जांच के लिए PCR Test और वायरस के RNA Test Recommend किया गया है। फ्लू और कोरोना की जांच के लिए अलग-अलग PCR टेस्ट किए जाते हैं।
निवारक उपायों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना, बार-बार हाथ साफ करना, आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचना, भीड़-भाड़ वाली और भरी हुई जगहों से बचना, खांसने या छींकने के लिए टिश्यू का उपयोग करना और लक्षण मिलने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना शामिल हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार अगर आपको दोनों कोरोना वैक्सीन लग चुकी हैं तो आपको इससे बचने में काफी आसानी होगी।