जोमैटो या स्विग्गी से खाना ऑर्डर करने या उबर ओला से कैब बुक करने की सोच रहे हैं तो रुक जाइए!! देश भर में Gig Workers Strike 2026 की घोषणा हो चुकी है, जिसके चलते आज शाम 5:00 बजे तक यह सेवाएं प्रभावित होने वाली हैं।
यह हड़ताल बढ़ती महंगाई और घटती कमाई के विरोध में ड्राइवर और डिलीवरी पार्टनर द्वारा शुरू की गई है, जिसका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत पर पड़ने वाला है। जी हां आज देशव्यापी लेवल पर Gig Workers Strike 2026 की घोषणा की गई है, जिसके चलते यूनियन ने दोपहर 12 से शाम 5:00 बजे तक हड़ताल का ऐलान किया है।
क्या है Gig Workers Strike 2026 का पूरा मामला?
गिग वर्कर्स यूनियन ने शनिवार दोपहर 12 से शाम 5:00 बजे तक देश में अपनी हड़ताल का ऐलान किया है। Gig Workers Strike 2026 का मुख्य उद्देश्य सेवाओं को बंद रखना है ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। यह दबाव उन मांगो को पूरा करने के लिए दिया जा रहा है जिसकी वजह से गिग वर्कर्स को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में सरकार ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में भर्ती बढ़ोतरी कर दी है। वही इस बढ़ोतरी होने के बावजूद भी कंपनियां गिग वर्कर्स को पेमेंट में कोई बढ़ोतरी नहीं दे रही। मतलब बढ़ते खर्च के बावजूद आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। यही वजह है कि गिग वर्कर्स का खर्च बढ़ता जा रहा है और उनकी कमाई अस्थिर होती जा रही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए देश भर की यूनियन ने Gig Workers Strike 2026 का आवाहन किया ह
Gig Workers Strike 2026 का किन सेवाओं पर पड़ेगा?
Gig Workers Strike 2026 का असर आम जनता द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली रोजमर्रा की सेवाओं पर होगा।
- Ola Uber कैब बुकिंग बाधित होगी।
- जोमैटो-स्विग्गी जैसी फूड डिलीवरी एप्स भी बंद रहेगी
- वही ग्रोसरी और क्विक कॉमर्स सेवा जैसे कि Blinkit, zepto, instamart जैसी सेवाएं भी बाधित रहने वाली है।
- हर शहर में इसका असर अलग-अलग हो सकता है।
- हो सकता है कि सभी वर्कर्स हड़ताल में शामिल न हो ऐसे में कहीं इस हड़ताल को रिस्पॉन्स मिलेगा और कहीं न मिलने की आशंका भी है।
देश में खराब है Gig Workers की हालत
- भारत में Gig Workers मतलब एप के जरिए काम करने वाले ड्राइवर और डिलीवरी पार्टनर्स की हालत काफी खराब है।
- भले ही बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़कर काम कर रहे हैं लेकिन उनकी स्थिति काफी दयनीय है।
- सबसे पहले तो गिग वर्कर्स को हर राइड, डिलीवरी के हिसाब से पैसा मिलता है, मतलब कोई स्थिर आय नहीं।
- दिन-ब-दिन पेट्रोल मोबाइल मेंटेनेंस जैसे खर्चे बढ़ते जा रहे हैं लेकिन पेमेंट में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही।
- अधिकांश वर्कर्स को तो PF, ESI, मेडिकल इंश्योरेंस, पेंशन की सुविधा भी नहीं मिलती।
- इसके अलावा एल्गोरिथम की निर्भरता की वजह से राइड और ऑर्डर भी कम मिलते हैं।
- वहीं कभी भी अकाउंट ब्लॉक हो जाता है जिसकी वजह से नौकरी की कोई गारंटी नही रहती।
गिग वर्कर्स को लेकर सरकारी नियम
- गिग वर्कर्स को लेकर सरकार में फिलहाल कोई कड़े नियम नहीं बनाए हैं। लेकिन सरकार का यह मानना है कि गिग वर्कर्स अब इकोनामी का एक जरूरी हिस्सा बनते जा रहे हैं जिसको लेकर कोड ऑफ सिक्योरिटी सोशल सिक्योरिटी 2020 के तहत गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को कानूनी पहचान दी गई।
- उनके लिए ई-श्रम पोर्टल पर अलग-अलग सरकारी योजनाएं शुरू की गई।
- इसके अलावा राजस्थान में गिग वर्कर्स के लिए अलग कानून बनाने की दिशा में भी कदम उठाये गए।
Gig Workers Strike 2026 से क्या उम्मीद है?
Gig Workers Strike 2026 का आयोजन तो कर लिया गया है, लेकिन इसे रिस्पॉन्स मिलने की संभावना कम ही लग रही है। सूत्रों की माने तो अलग-अलग शहरों में इसका अलग-अलग प्रभाव देखा जा रहा है। बड़े शहरों में Gig Workers Strike 2026 को सहयोग मिल रहा है लेकिन छोटे शहरों में ऐसा सहयोग मिलने की उम्मीद नहीं देखी जा रही।
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