भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की चढ़ती कीमतें और रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचते रुपये ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। नतीजा यह हुआ कि बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली और निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए।
BSE Sensex 1456 अंक यानी करीब 1.92 प्रतिशत टूटकर 74,559.24 पर बंद हुआ। वहीं NIFTY 50 भी 436 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 23,379.55 पर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट इतनी तेज थी कि दिनभर निवेशकों में घबराहट का माहौल बना रहा। खासकर IT, रियल्टी, ज्वेलरी और ट्रैवल सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली।
रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई टेंशन
भारतीय मुद्रा Indian Rupee लगातार दबाव में है। रुपया करीब 40 पैसे टूटकर 95.60 के नए ऑल टाइम लो तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की वजह से भारत का इंपोर्ट बिल तेजी से बढ़ सकता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री के हालिया बयानों ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में बढ़ते क्रूड ऑयल, खाद्य तेल और सोने के आयात को लेकर चिंता जताई गई थी। अब निवेशकों को डर है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो इसका असर सीधे भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
IT सेक्टर में सबसे बड़ी तबाही
आज की गिरावट में सबसे ज्यादा मार IT सेक्टर पर पड़ी। Nifty IT लगभग 4 प्रतिशत टूट गया और दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब निवेशकों को डर सताने लगा है कि AI टेक्नोलॉजी की वजह से IT कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर दबाव बढ़ सकता है। हाल के दिनों में OpenAI की एंटरप्राइज AI पहल के बाद बाजार में यह चिंता और तेज हुई है कि आने वाले समय में प्राइसिंग प्रेशर और डिसरप्शन बढ़ सकता है।
यही वजह रही कि बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त गिरावट आई।
इन बड़े शेयरों ने डुबाया बाजार
आज Tech Mahindra, HCL Technologies, Tata Consultancy Services, Infosys और Bajaj Finance जैसे दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली।
इसके अलावा Adani Ports and Special Economic Zone, Titan Company, Asian Paints, Maruti Suzuki और InterGlobe Aviation भी दबाव में रहे।
हालांकि State Bank of India ने कुछ हद तक बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन बाकी लगभग सभी बड़े शेयर लाल निशान में बंद हुए।
सिर्फ प्रॉफिट बुकिंग नहीं, बाजार में ‘कॉन्फिडेंस शॉक’
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ सामान्य गिरावट नहीं है। बाजार में इस समय “कॉन्फिडेंस शॉक” देखने को मिल रहा है।
निवेशकों को लगने लगा है कि आने वाले महीनों में आर्थिक हालात और मुश्किल हो सकते हैं। लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कमजोर रुपया और वैश्विक तनाव ने बाजार का भरोसा हिला दिया है।
मिडिल क्लास खर्च में कमी और कमजोर डिमांड की आशंका भी बाजार पर दबाव बना रही है। इसी वजह से कंज्यूमर ड्यूरेबल, ज्वेलरी और ट्रैवल सेक्टर के शेयरों में भी तेज गिरावट आई।
अब सबकी नजर CPI डेटा और तेल की कीमतों पर
अब निवेशकों की नजर आने वाले घरेलू CPI यानी महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हुई है। बाजार यह समझने की कोशिश करेगा कि अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर भारत की महंगाई पर कितना पड़ सकता है।
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