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Jyeshtha Maah Vrat Tyohar: ज्येष्ठ माह में पड़ेंगे शनि जयंती और वट सावित्री से लेकर बुधवा मंगल तक, जानें प्रमुख व्रत एवं त्योहार?

Jyeshtha Maah Vrat Tyohar

Jyeshtha Maah Vrat Tyohar: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह का विशेष महत्व माना जाता है। इस महीने में कई बड़े और प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ते हैं। इस वर्ष ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून 2026 को समाप्त होगा। बता दें कि इस वर्ष ज्येष्ठ माह के साथ अधिकमास (मलमास) भी पड़ रहा है, जिसके कारण यह महीना सामान्य से अधिक दिनों का होगा। अधिकमास की यह अवधि 17 मई से 15 जून तक रहेगी। अधिकमास के दौरान, विवाह और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य और अनुष्ठान पूरी तरह से वर्जित होते हैं। आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ माह में कौन-कौन से विशेष व्रत और त्योहार पड़ने वाले हैं।

 

ज्येष्ठ माह के प्रमुख व्रत और त्योहार

  • ज्येष्ठ माह का आरंभ, नारद जयंती – 2 मई 2026
  • बड़ा मंगल, एकदंत संकष्टी चतुर्थी – 5 मई 2026
  • कालाष्टमी; मासिक कृष्ण जन्माष्टमी – 9 मई 2026
  • बड़ा मंगल – 12 मई 2026
  • अपरा एकादशी, कृष्ण परशुराम द्वादशी – 13 मई 2026
  • गुरु प्रदोष व्रत- 14 मई 2026
  • वृषभ संक्रांति एवं मासिक शिवरात्रि- 15 मई 2026
  • वट सावित्री व्रत (अमावस्या), शनि जयंती – 16 मई 2026
  • बड़ा मंगल – 19 मई 2026
  • अधिक स्कंद षष्ठी – 21 मई 2026
  • गंगा दशहरा – 25 मई, 2026
  • बड़ा मंगल – 26 मई 2026
  • पद्मिनी एकादशी – 27 मई 2026
  • गुरु प्रदोष व्रत- 28 मई 2026
  • ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा- 31 मई 2026
  • परमा एकादशी – 11 जून 2026
  • प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष)- 12 जून 2026
  • मासिक शिवरात्रि- 13 जून 2026
  • अमावस्या; मिथुन संक्रांति – 15 जून 2026
  • निर्जला एकादशी – 25 मई 2026
  • प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष)- 27 जून 2026
  • ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत- 29 जून 2026
Jyeshtha Maah Vrat Tyohar

Jyeshtha Maah Vrat Tyohar

ज्येष्ठ माह के दौरान क्या करें और क्या न करें

  • ज्येष्ठ माह के दौरान व्यक्ति को दान और परोपकार के कार्यों में संलग्न रहना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
  • ज्येष्ठ माह में पशु-पक्षियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करें।
  • इस महीने में बैंगन का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इससे उनकी संतान के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

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  • ज्येष्ठ माह में अपने बड़े बेटे या बेटी का विवाह नहीं करना चाहिए। इस महीने में पानी बर्बाद करने से पूरी तरह बचना चाहिए।
  • ज्येष्ठ महीने में सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व होता है। प्रतिदिन सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
  • ज्येष्ठ महीने में अनाज, सत्तू और कपड़े के साथ-साथ धन का भी दान करना चाहिए।
  • ज्येष्ठ महीने में पानी से भरा मिट्टी का घड़ा, हाथ का पंखा और जूते-चप्पल (जूते या स्लीपर) दान करने की विशेष सलाह दी जाती है।
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