धार्मिक

क्या राम मंदिर ट्रस्ट से डॉ. अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा? जानिए कौन हैं राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के प्रधान यजमान

राम मंदिर

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर चल रहे विवाद के बीच ऐसी खबरें सामने आईं कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अभी तक इन इस्तीफों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच, सूत्रों के हवाले से नई जानकारी सामने आई है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा देने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने और न ही चंपत राय ने ट्रस्ट से इस्तीफा दिया है। उनके अनुसार, सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चल रही इस्तीफे की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं।

कौन हैं डॉ. अनिल मिश्रा?

डॉ. अनिल मिश्रा अयोध्या के जाने-माने होम्योपैथिक चिकित्सक हैं और राम मंदिर आंदोलन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान उन्होंने प्रधान यजमान की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कारण वे राम मंदिर आंदोलन और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं।

अयोध्या में चार दशक से चिकित्सा सेवा

डॉ. अनिल मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले करीब 40 वर्षों से अयोध्या में होम्योपैथी चिकित्सा का अभ्यास कर रहे हैं।

सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक बोर्ड के रजिस्ट्रार और गोंडा जिले के जिला होम्योपैथिक अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे।

आरएसएस और राम मंदिर आंदोलन से पुराना जुड़ाव

डॉ. अनिल मिश्रा लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं। आपातकाल के दौरान उन्होंने इसका विरोध किया था और वर्षों तक संगठन से जुड़े सामाजिक एवं वैचारिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई।

1981 में बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने चिकित्सा सेवा के साथ-साथ राम मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी जारी रखी।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में निभाई थी अहम भूमिका

जनवरी 2024 में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले डॉ. अनिल मिश्रा ने कई पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों का पालन किया था।

उन्होंने सरयू नदी में पवित्र स्नान किया, पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोबर और गौमूत्र) का सेवन किया तथा प्राण प्रतिष्ठा से पहले उपवास भी रखा। प्रधान यजमान के रूप में उनकी भूमिका ने उन्हें आधुनिक भारत के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक का अहम हिस्सा बना दिया।

क्या डॉ. अनिल मिश्रा ने सच में इस्तीफा दिया है?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राम मंदिर में नकद चढ़ावे के कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच डॉ. अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, इस दावे की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दूसरी ओर, डॉ. अनिल मिश्रा ने स्वयं इन खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महासचिव चंपत राय ने भी ट्रस्ट से इस्तीफा नहीं दिया है।

फिलहाल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इस्तीफे की खबरों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

Share post: facebook twitter pinterest whatsapp