स्वाति मालीवाल BJP में शामिल: दिल्ली की सियासत में आज एक ऐसा अध्याय जुड़ गया, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने आंदोलन के दिनों में की होगी। आम आदमी पार्टी की सबसे मुखर आवाजों में से एक और महिला सुरक्षा की ‘पोस्टर गर्ल’ रहीं स्वाति मालीवाल ने आखिरकार केसरिया चोला पहन लिया है।
मंगलवार को जब उन्होंने भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली, तो उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का आत्मविश्वास था। मालीवाल ने साफ़ कर दिया कि उनका यह फैसला किसी ‘डर’ या ‘मजबूरी’ का नतीजा नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा है। लेकिन, भाजपा का दामन थामते ही स्वाति के निशाने पर कोई और नहीं, बल्कि उनके पुराने साथी अरविंद केजरीवाल थे। आखिर क्या थी वो ‘घुटन’ जिसने मालीवाल को अपनी दो दशक पुरानी राजनीतिक जड़ों को छोड़ने पर मजबूर कर दिया? आइए जानते हैं इस बड़े फेरबदल की पूरी इनसाइड स्टोरी।
स्वाति मालीवाल ने BJP जॉइन करने की क्या वजह बताई?
BJP में शामिल होने के बाद स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह कई सालों से पार्टी के कामकाज को देख रही थीं। उन्होंने कहा कि देश में बड़े फैसले हुए हैं और विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए गए हैं।
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उनके मुताबिक, पीएम मोदी और अमित शाह ने देश के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं और देश की सुरक्षा व विकास पर तेज गति से काम हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वह रचनात्मक राजनीति करना चाहती हैं।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि यह दिन उनके लिए बहुत खास है और BJP परिवार ने उन्हें अपनाया है।

AAP पर स्वाति का वार: “वहाँ आवाज दबाई गई”
BJP में शामिल होते ही स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी और Arvind Kejriwal पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में दिल्ली में भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और झूठ की राजनीति देखने को मिली।
उन्होंने दावा किया कि AAP में रहते हुए उन्हें कई बार बोलने का मौका नहीं दिया गया। संसद में भी उनकी आवाज दबाई गई। स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह ऐसी राजनीति से परेशान हो चुकी थीं, जहां सवाल पूछने वालों को चुप कराने की कोशिश होती है।
केजरीवाल पर व्यक्तिगत आरोप भी लगाए
स्वाति मालीवाल ने यह भी कहा कि वह साल 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़ी थीं और हर आंदोलन में साथ खड़ी रहीं। लेकिन बाद में रिश्ते खराब हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी आवाज उठाई, तो उन पर दबाव बनाया गया। इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। हालांकि AAP की तरफ से इन आरोपों पर अलग रुख सामने आ सकता है, लेकिन फिलहाल मालीवाल के बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।
दिल्ली का सियासी गणित: स्वाति से BJP को कितनी मजबूती?
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि स्वाति मालीवाल का BJP में जाना सिर्फ एक नेता का दल बदल नहीं है। इसका असर दिल्ली की सियासत पर पड़ सकता है।
क्योंकि स्वाति मालीवाल महिला अधिकारों की मजबूत आवाज रही हैं। उनके जाने से AAP की अंदरूनी राजनीति पर सवाल और तेज हो गए हैं। वहीं BJP को दिल्ली में एक नया और चर्चित चेहरा मिला है। आगामी चुनावों से पहले यह बदलाव बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। दिल्ली में पहले से मुकाबला तेज है, ऐसे में यह कदम आगे और हलचल पैदा कर सकता है।

कौन हैं स्वाति मालीवाल?
Swati Maliwal दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, उत्पीड़न और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर लंबे समय तक काम किया है। राज्यसभा सांसद के तौर पर भी वह चर्चा में रहीं। अब BJP में शामिल होकर उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू कर दी है।
जनता के लिए क्या संदेश?
स्वाति मालीवाल ने लोगों से अपील की कि जो भी सकारात्मक और विकास की राजनीति करना चाहते हैं, वे आगे आएं। उन्होंने कहा कि अब वह दिल्ली के लिए और मजबूती से काम करेंगी। उनके इस बयान से साफ है कि वह आने वाले समय में दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाली हैं।
स्वाति मालीवाल का BJP में शामिल होना 2026 की बड़ी राजनीतिक खबरों में गिना जा रहा है। एक समय AAP का प्रमुख चेहरा रहीं मालीवाल अब BJP के साथ नजर आएंगी। उनके आरोप, बयान और नई शुरुआत ने दिल्ली की राजनीति को फिर गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि आने वाले दिनों में इसका चुनावी असर कितना दिखता है।

















