खेती भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और जब बात हो किसानों की तो किसान भी भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में भारत सरकार द्वारा किसानों की सहायता के लिए हर वर्ष प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत एक निश्चित राशि किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाती है।
अब तक यह राशि ₹6000 थी, कुछ समय पहले तक लग रहा था कि सरकार इसमें कोई बदलाव नहीं करने वाली। हर साल की तरह ₹6000 तीन किस्तों में मिलेंगे। वही पुरानी योजना, वही पुरानी उम्मीदें लेकिन अचानक से एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने किसानों की उम्मीदों को बढ़ा दिया है।
जी हां, अब सवाल यह नहीं है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैसा कब मिलेगा? अगली लिस्ट कब आएगी? पैसा कितना मिलेगा इत्यादि? बल्कि अब सवाल यह है कि सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि को ₹6000 से ₹9000 कब करेगी?
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क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के ₹9000 का सच?
बता दे हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में चुनाव रैली के दौरान एक ऐसा बयान दिया है जिसने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
प्रधानमंत्री ने बंगाल की रैली में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि भाजपा की सरकार बंगाल में बनती है तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि को बढ़ाकर ₹9000 कर दिया जाएगा।
मतलब सीधी सी बात है की सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव पहले से ही पहुंच चुका है जिस पर मोहर लगभग लग चुकी है और अब किसानों को ₹6000 नहीं बल्कि ₹9000 हर साल मिलने वाले हैं।
यदि सच में बढ़ती है राशि तो क्या मिलेगा किसानों को?
यदि सच में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत लाभ की राशि ₹6000 से ₹9000 हो जाती है तो सरकार हर चार माह में किसानों को ₹3000 खाते में ट्रांसफर करेगी। सीधे रूप से हर किसान को ₹3000 ज्यादा मिलेंगे। किसानों की आय में इससे सीधी बढ़ोतरी होगी। जैसे ही यह राशि बढ़ती है किसानों को खेती और घरेलू खर्च में राहत मिलेगी। हालांकि बता दे यह घोषणा अभी भी केवल प्रस्तावित स्टेज में है। देशव्यापी अभियान के रूप में हर जगह लागू होने का फैसला नहीं लिया गया है।
कब तक बढ़ेगी प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट यही है कि यदि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है तो बीजेपी के मेनिफेस्टो के आधार पर पूरे देश भर में किसानों को ₹6000 नहीं बल्कि ₹9000 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत मिलेगी।
लेकिन यह फिलहाल केवल एक वादा है, जो चुनावी घोषणा के रूप में सामने आया है। हालांकि इस वादे ने किसानों के अंदर उम्मीद जरूर जगा दी है। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूं ही बिना सोचे समझे कुछ भी नहीं बोलते। मेनिफेस्टो में यदि ऐसी कोई बात होगी तो इसका मतलब इसके बारे में गणना पहले से ही कर ली गई होगी।
₹3000 बढ़ने से किसानों को क्या मिलेगा
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की लाभ राशि यदि ₹3000 तक बढ़ जाती है तो इससे किसानों को ज्यादा आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
- खासकर छोटे और सीमांत किसानों को अतिरिक्त राहत मिलेगी क्योंकि ₹6000 की जगह उन्हें सालाना 9000 का लाभ मिलेगा।
- ऐसे में किसानों के लिए खेती की लागत को संभालना आसान हो जाएगा।
- वही खरीफ और रबी की फसल की बुवाई के टाइम पर किसानों के हाथ में अतिरिक्त पैसा होगा जिससे उन्हें बैंक और जमीदारों से कर्ज लेने के झंझट से छुटकारा मिलेगा।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभ राशि ₹6000 से ₹9000 होने की घोषणा जरूर हो चुकी है। लेकिन यह केवल एक वादा भर है, तस्वीर अभी पूरी साफ नहीं है। पर किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस घोषणा से उम्मीद जाग चुकी है। आने वाले समय में यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को खुश करने के लिए इस घोषणा पर मोहर लगा देते हैं तो जहां उन्हें किसानों का साथ मिलेगा, वहीं किसानों की आर्थिक स्थिति में और ज्यादा सुधार देखने को मिलेगा।
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