TCS नासिक केस: नासिक से शुरू हुआ एक साधारण सा कॉर्पोरेट विवाद अब एक ऐसा रूप ले चुका है जिसने सुरक्षा एजेंसी को सतर्क कर दिया है। TCS नासिक केस में कुछ समय पहले सीनियर ऑफिसर्स द्वारा महिला कर्मचारियों को सेक्सुअल एब्यूज करना, धर्मांतरण करने के लिए फोर्स करना इत्यादि के आरोप लगाए गए। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। इस पूरे केस में अब तक 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं मामला तब ज्यादा सुर्खियों में आया जब इस केस में TCS नासिक की HR निदा खान का नाम दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी से जुड़ने लगा।
जी हां, TCS नासिक का यह केस अब शारीरिक शोषण, धर्मांतरण जैसे मुद्दे तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह कैसे विदेशी फंडिंग और आतंकी नेटवर्क से जुड़ता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि इन सारे दावों की सच्चाई अभी जांच के दायरे में है। लेकिन जिस तरह एक के बाद एक नए खुलासे सामने आ रहे हैं इस केस का रहस्य और ज्यादा संवेदनशील बनता जा रहा है। अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह निदा खान है कौन? दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट में क्या इसका हाथ था? क्या सच में इससे कहीं बाहर से फंडिंग मिल रही है?
क्या है TCS नासिक केस का पूरा मामला?
TCS नासिक केस एक ऐसा विवाद बन चुका है जिसमें TCS नासिक BPO की कई महिला कर्मचारियों ने सीनियर ऑफिसर्स पर आरोप लगाया है कि वे उन्हें सेक्सुअल एब्यूज करते थे। उन पर धर्म बदलने की जबरदस्ती करते थे। उन पर भद्दे कमेंट करते थे और हिंदू धर्म का मजाक उड़ाते थे।
जब इन महिलाओं ने TCS नासिक की HR निदा खान से शिकायत की तो उसने POSH जैसे कानून का सहारा ना लेते हुए इन महिलाओं को ही चुप करवा दिया। जिसके बाद पुलिस कंप्लेंट हुई। एक के बाद एक FIR होने के बाद पुलिस ने अपनी तरफ से जांच में कोई कमी नहीं की बल्कि SIT गठित की और सारे सबूत इकट्ठा कर गिरफ्तारियां शुरू कर दी।
निदा खान और आतंकी कनेक्शन
TCS नासिक केस में सबसे खतरनाक मोड़ तब आया जब जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे लिंक मिले जो यह बताते हैं कि TCS नासिक की निदा खान का कनेक्शन दिल्ली ब्लास्ट केस की आरोपी शाहीन शाहिद से है।
जी हां, हालांकि सीधे तौर पर तार मिलते हुए नहीं दिखाई दे रहे लेकिन कई ऐसे कनेक्शन मिल रहे हैं जिन्हें जांच की जरूरत है। इसके अलावा इस पूरे केस में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ऑपरेटिव का भी नाम सामने आ रहा है जो इस केस को अब बहुत बड़े नेटवर्क में बदल रहा है।
निदा खान की सैलरी और उनका प्रोफाइल
रिपोर्ट की माने तो TCS नासिक केस की मुख्य आरोपी निदा खान TCS कंपनी में HR के पोस्ट पर कार्यरत थी। उनकी सैलरी एक मिड लेवल कॉर्पोरेट कर्मचारियों के बराबर कही जा रही है। हालांकि सटीक सैलरी सार्वजनिक रूप से कंफर्म नहीं हो पा रही।
लेकिन जांच एजेंसी को कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं जिससे पता चलता है की निदा के पास कई अन्य स्रोत से भी पैसे आ रहे थे। पुलिस अब पता करने में जुटी है की निदा के पास केवल उनकी नौकरी ही आय का स्रोत था या फिर उन्हें कहीं और से फंडिंग मिल रही थी। क्या इसके पीछे बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था?
पुलिस का शक और जांच की दिशा
- TCS नासिक केस में जांच एजेंसियां इस मामले को कई एंगल से देख रही हैं।
- धर्मांतरण एंगल जिसमें TCS नासिक ऑफिस की महिलाओं और मेल कर्मचारियों को हिंदू धर्म छोड़ने और मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला जा रहा था।
- शाहीन शाहिद से वास्तविक कनेक्शन जो कि आतंकी लिंक बताता है। वही जैश ए मोहम्मद के ऑपरेटिव का नाम सामने आना जो बताता है कि यह केवल संपर्क स्तर का मामला नहीं बल्कि डीप नेटवर्क शामिल है।
- इसके अलावा फंडिंग ट्रायल मतलब पैसा कहां से आ रहा था उसका क्या उपयोग किया जा रहा था?
TCS नासिक केस अब केवल कॉर्पोरेट विवाद नहीं रहा, अब एक के बाद एक परतें खुलती जा रही हैं। इस केस में निदा खान और अन्य कर्मचारियों पर लगे आप काफी गंभीर होते जा रहे हैं। अब यह केस महिलाओं के शारीरिक शोषण और धर्मांतरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बहुत बड़े नेटवर्क से जुड़ता हुआ दिख रहा है। हालांकि जरूरी है कि तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जाए और अफवाहों से बचा जाए, ताकि देश में कम्युनल विवाद ना बढ़े।

















