वंदे भारत घटना: हाल ही में वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने देश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना रेल सेवाओं की संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है। वंदे भारत वही रेल सेवा है जो भारत की सबसे प्रीमियम ट्रेन सेवाओं में से एक गिनी जाती है और इस बार इसने फिर से विवाद खड़े कर दिए हैं।
इस बार वजह कोई तकनीकी खराबी नहीं बल्कि इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला व्यवहार है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक दिव्यांग यात्री को ट्रेन के स्टाफ द्वारा कथित रूप से धक्का दिया गया और धमकाया भी गया। यह घटना जैसे ही सामने आई लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और रेलवे की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
वंदे भारत घटना का सच और क्या हुआ था उस दिन?
यह मामला चारबाग रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है। वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित ठहराव के दौरान प्लेटफार्म पर रुकी हुई थी। इस दौरान एक दिव्यांग यात्री और कैटरिंग स्टाफ के बीच कहा सुनी हुई। रिपोर्ट की माने तो यात्री को गलत खाना परोसा गया था इस पर उसने आपत्ति जताई। रेलवे कर्मचारियों ने इस बात पर गुस्सा होकर यात्री को धक्का दे दिया।
यात्री दिव्यांग था, मामूली विवाद बड़ा झगड़ा बन गया वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्टाफ द्वारा धक्का देने के बाद दिव्यांग व्यक्ति प्लेटफार्म पर गिर जाता है। गिरने के बाद वह खुद उठता है। इतना ही नहीं जब यात्री कर्मचारी से बात करता है तो कर्मचारी बेल्ट निकालकर उसे डराने की कोशिश भी करता नजर आ रहा है। उस कर्मचारियों के साथ कुछ अन्य कर्मचारी भी आ जाते हैं जो बीच बचाव करने की कोशिश करते हैं। हालांकि प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य लोगो का दावा है कि स्टाफ ने यात्री से पैसे मांगने की कोशिश की जिससे मामला और भड़क गया।
वंदे भारत ट्रेन की घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल
जैसे ही वंदे भारत घटना का यह वीडियो इंटरनेट पर आया लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम हर जगह इसकी निंदा होने लगी। लोगों ने ट्रेन सेवा पर सवाल उठा दिए हैं। वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन सर्विस में पिछले कुछ समय से लगातार खाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पहले भी लोगों ने एक्सपायर खाना सर्व करने की बात पर सवाल उठाया था।
कुछ लोगों ने एक्सपायर दही, एक्सपायर चिप्स यहां तक की बासी सैंडविच मिलने की बात भी की थी। वहीं हाल ही की यह घटना जहां एक दिव्यांग यात्री को इतनी बुरी तरह से धक्का दिया गया यह बेहद ही चिंताजनक विषय है। जहां कर्मचारी यात्रियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार करते हैं यह केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की सोच को दर्शाता है।
रेलवे की सफाई और लोगों की नाराजगी
जैसे-जैसे वंदे भारत घटना इंटरनेट पर फैली रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। अधिकारियों ने बताया कि यह एक आपसी बहस का मामला था जिसके बाद रेलवे स्टाफ को चेतावनी दी गई है कि वह यात्रियों के साथ शिष्ट व्यवहार करें। वंदे भारत के कैटरिंग के कॉन्ट्रैक्ट संबंधित लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
लेकिन रेलवे की यह कार्यवाही लोगों को पसंद नहीं आ रही। लोगों का कहना है कि यह केवल बहस का मामला नहीं है। कर्मचारियों ने दिव्यांग यात्री को धक्का दिया है। इस दौरान उसके साथ कुछ भी गलत हो सकता था। रेलवे प्लेटफार्म पर दिव्यांग यात्री का गिरना खतरे से खाली नहीं और यह घटना केवल इतनी छोटी नहीं की चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी बहस छिड़ चुकी है और लोगों ने कड़ी सजा की मांग भी की है।
दिव्यांग यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
भारत में वैसे ही दिव्यांग यात्रियों को लेकर कोई सुविधा मौजूद नहीं है। रेलवे में भी दिव्यांग यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर किसी प्रकार की कोई खास सुविधा उपलब्ध नहीं। वही एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ यदि इस प्रकार का व्यवहार होगा तो यह रेलवे के लिए शर्मनाक बात है।
सरकार और देशवासियों का फर्ज बनता है कि वह दिव्यांग व्यक्तियों को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कराएं। ऐसे में रेलवे स्टाफ को दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। दिव्यांग यात्रियों के लिए सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने चाहिए और ऐसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जानी चाहिए।
कुल मिलाकर वंदे भारत एक्सप्रेस को भारत की आधुनिक और तकनीकी प्रगति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार हो रही इस प्रकार की वंदे भारत घटना रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। साथ ही वंदे भारत जैसी प्रीमियम ब्रांड ट्रेन की छवि पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। ऐसे में रेलवे को सोचना होगा कि विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए कौन से कदम उठाए जाने चाहिए ? वही दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं और सख्त प्रोटोकॉल लागू करने होंगे।
















