अगर आप किसान हैं और गर्मी के मौसम में खेत खाली छोड़ देते हैं, तो अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है। इस बार सरकार ने मूंग और उड़द की खेती को लेकर ऐसा ऑफर दिया है, जिसे नजरअंदाज करना घाटे का सौदा हो सकता है। कम लागत, सस्ता बीज और ऊपर से MSP के साथ खेती अब पहले से कहीं ज्यादा फायदे का खेल बन चुकी है।
आधे दाम में बीज, सीधा फायदा जेब में
सागर जिले के किसानों के लिए इस समय बढ़िया मौका बना हुआ है। उन्नत किस्म का बीज, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹10620 प्रति क्विंटल है, वही अब किसानों को लगभग ₹5820 में मिल रहा है। यानी एक क्विंटल पर सीधा ₹4800 का फायदा। यह बीज जिले के अलग-अलग कृषि विस्तार कार्यालयों से मिल रहा है, और करीब 1000 क्विंटल बीज वितरण के लिए उपलब्ध भी है। जो किसान समय रहते बीज ले लेंगे, वही इस मौके का पूरा फायदा उठा पाएंगे।
मूंग और उड़द की खेती पर सरकार का नया ऑफर

इस बार सरकार ने उड़द की खेती को खास तवज्जो दी है। ₹7800 प्रति क्विंटल MSP के साथ ₹600 का बोनस जोड़ दिया गया है, जिससे कुल भाव ₹8400 प्रति क्विंटल तक पहुंच जाता है। ऐसे में बाजार की टेंशन कम और मुनाफा लगभग तय माना जा सकता है। यही वजह है कि अब धीरे-धीरे किसान फिर से दालों की खेती की तरफ लौट रहे हैं।
बुवाई का सही समय और काम की बातें
अभी ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई का सही समय चल रहा है। मूंग और उड़द के लिए सामान्य तौर पर 16 से 18 किलो बीज प्रति हेक्टेयर काफी होता है, लेकिन गर्मी में अंकुरण थोड़ा कमजोर रहता है, इसलिए 20 किलो तक बीज डालना बेहतर माना जा रहा है। बीज बोने से पहले उसका उपचार जरूर करें और सिंचाई का सही इंतजाम रखें यही दो चीजें पैदावार को सीधा प्रभावित करती हैं।
तीसरी फसल से बढ़ेगी कमाई
जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, उनके लिए यह मौका सोने पर सुहागा जैसा है। रबी की फसल के बाद खेत खाली रखने के बजाय मूंग या उड़द की तीसरी फसल लेकर अतिरिक्त आमदनी की जा सकती है। खास बात यह है कि इन फसलों में लागत कम, मेहनत कम और मुनाफा अच्छा होता है।
अब फैसला आपके हाथ में
सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि किसान दालों की खेती की ओर लौटें। सस्ता बीज, MSP और बोनस तीनों मिलकर इस खेती को फायदे का सौदा बना रहे हैं। अब जरूरत है सही समय पर सही फैसला लेने की। जो किसान इस मौके को समझ जाएंगे, वे कम लागत में अच्छी कमाई कर सकते हैं।
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