महालॉकडाउन : दुनिया अभी कोरोना के दौर से उबरी ही थी कि अचानक एक नई खबर ने लोगों के दिल की धड़कन बढ़ा दी है। हर जगह चर्चा है की सबसे बड़ा महालॉकडाउन लगने वाला है। सोशल मीडिया पर भी तेजी से यह दावे किए जा रहे हैं, इंस्टाग्राम पर कई रीलें वायरल हो रही है जिसमें रहस्यमयी चेतावनियां दी जा रही हैं। हर जगह यही बात हो रही है बड़ा संकट आने वाला है। जिसकी वजह से हर दूसरा व्यक्ति सोचने पर मजबूर हो चुका है कि क्या सच में दुनिया फिर से महा लॉकडाउन के दौर में लौटने वाली है? क्या फिर से सड़के सूनी हो जाएंगी और लोग घरों में कैद हो जाएंगे?
क्यों उठ रही है महालॉकडाउन की चर्चा ?
कई सारे व्हाट्सएप फारवर्ड और विभिन्न रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है की नई स्वास्थ्य और जिओ पॉलिटिक्स स्थितियों की वजह से दुनिया में कई जगह पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत पड़ सकती है। बता दे ऐसे दावों में कोई भी सच्चाई नहीं है। हालांकि फिलहाल मिडल ईस्ट में तनाव फैला हुआ है। जिसकी वजह से कई प्रकार के विपरीत प्रभाव दुनिया भर में देखे जा रहे हैं। लेकिन यह सारी घटनाएं किसी महालॉकडाउन का निमंत्रण है यह कहना सही नहीं।
बता दें भारत में 24 मार्च 2020 को राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लागू किया गया था। लेकिन यह कोरोना जैसी भयंकर बीमारी से बचने के लिए, क्योंकि कोरोना संक्रमण की वजह से फैल रहा था। ऐसे में लोगों को एक दूसरे से मिलने से रोकना बहुत ज्यादा जरूरी था। इसी वजह से उस दौरान लॉकडाउन लगाया गया था। लेकिन फिलहाल भू राजनीतिक स्थितियां ऐसी गंभीर नहीं है कि लॉकडाउन लगाने की नौबत आ जाए।

मिडिल-ईस्ट तनाव की वजह से कौन सी आशंकाएं दुनिया को घेर रही हैं?
मिडल ईस्ट के बढ़ते तनाव की वजह से स्टेट ऑफ़ हॉर्मोज़ प्रभावित हो चुका है जिसकी वजह से पूरी दुनिया विभिन्न प्रकार की चिताओं में घिर चुकी है। क्योंकि यह दुनिया का सबसे अहम तेल सप्लाई रूट है। यहां से कई प्रकार के अन्य रॉ मैटेरियल भी आते हैं और इसी का असर ग्लोबल इकॉनमी पर दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में यदि यह सब इसी प्रकार चलता रहा तो कई विपरीत प्रभाव देखने को मिलेंगे जो लॉकडाउन से कम नहीं होंगे।
पेट्रोल डीजल के दाम: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोज़ से दुनिया का करीबन 20% तेल गुजरता है। यदि यह रास्ता इसी प्रकार बंद रहा तो सप्लाई कम हो जाएगी। नतीजा दुनिया में हर जगह पेट्रोल डीजल के दाम महंगे हो जाएंगे।
महंगाई बढ़ना: स्टेट ऑफ़ हॉर्मोज़ बंद रहने की वजह से तेल महंगा हो जाएगा, जिसकी वजह से ट्रांसपोर्ट महंगा होने लगेगा। यदि ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाएगा तो ट्रांसपोर्ट के माध्यम से पहुंचाई जाने वाली हर चीज महंगी होगी। इससे खाने-पीने से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर असर दिखेगा।
सप्लाई चेन पर प्रभाव: मिडल ईस्ट से आने वाली तेल और गैस रुक गई तो कई प्रकार के विपरीत प्रभाव देखने को मिलेंगे। केवल भारत ही नहीं दुनिया भर में जरूरी चीजों की कमी हो जाएगी।
बिजली और गैस संकट: मिडल ईस्ट से ही कई देशों को गैस मिलती है। यह सप्लाई बाधित हुई तो बिजली भी महंगी हो जाएगी। LPG गैस का संकट बढ़ जाएगा। उद्योगों पर इसका सीधा असर दिखेगा। उद्योगों पर असर दिखा तो उत्पादन पर असर दिखेगा और उत्पादन पर असर दिखा तो मांग और दाम पर इसका सीधा असर होगा।
शेयर बाजार में गिरावट: मिडल ईस्ट तनाव की वजह से निवेशक डरे हुए हैं। बिकवाली बढ़ती जा रही है। जैसे-जैसे बिकवाली बढ़ रही है वैसे-वैसे शेयर के दामों में गिरावट देखने को मिल रही है। खासकर तेल एयरलाइन और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर प्रभावित हो रहा है।
यात्रा और फ्लाइट पर असर: तेल महंगा होने की वजह से फ्यूल का खर्च बढ़ता जा रहा है। कई एयरलाइंस ने अपनी फ्लाइट फ्रीक्वेंसी को कम कर दिया है कई एयरस्पेस सुरक्षा की वजह से बंद हो चुके हैं। टिकट महंगे हो गए हैं। इंटरनेशनल यात्राएं प्रभावित हो रही हैं। जल्द ही इसका सीधा असर डोमेस्टिक पर भी दिखेगा।

लॉकडाउन की बातें क्यों हो रही हैं?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में अगर इसी प्रकार यह संकट बना रहा तो देश की सरकार को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। जैसे कि कुछ सीमित क्षेत्र में प्रतिबंध लगाया जाएगा। यात्राओं को कम कर दिया जाएगा। जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पर कंट्रोल होगा। डिजिटल निगरानी बढ़ जाएगी। मतलब इस बार लॉकडाउन में लोगों को घरों में कैद नहीं किया जाएगा। लेकिन कई अलग-अलग प्रकार के कानून लागू किए जाएंगे जिसका सीधा असर लोगों के जनजीवन पर जरूर पड़ेगा।
सोशल मीडिया की अकाउंट से सावधान वर्तमान में जो खतरा सामने आ रहा है वह कोई वायरस से जुड़ा खतरा नहीं है बस यह वार से उठी हुई मुसीबतें हैं जिसका सामना भारत को करना ही पड़ेगा यदि यह लड़ाई इसी तरह आगे चलती रही तो जरूर की सामग्री से लेकर अन्य महत्वपूर्ण उत्पादक ऊपर इसका असर पड़ेगा ऐसे में यह कोई लॉकडाउन नहीं होगा लेकिन परिस्थितियों विकेट जरूर हो सकती है
कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट तनाव की वजह से भारत और अन्य देशों को विभिन्न प्रकार के संकटों का सामना करना पड़ रहा है जिसमें तेल और गैस का संकट सबसे बड़ा है ऐसे में आने वाले समय में यदि समस्या ऐसे ही बनी रहती है तो दुनिया भर की अर्थव्यवस्था हिल सकती है और इस हिली हुई अर्थव्यवस्था की वजह से महालॉकडाउन तो नहीं लेकिन और कई अन्य समस्याएं पैदा हो सकती है
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